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17 बच्चों को मिलेगा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का लाभ
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17 बच्चों को मिलेगा मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का लाभ
बुलंदशहर। कोरोना महामारी के कारण अनाथहुए या माता-पिता में से किसी एक को खो चुके 17 बच्चों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत लाभ दिया जाएगा। जनपद में गठित टॉस्क फोर्स ने पूर्व में 11 बच्चों की सूची शासन को भेजी थी। अब शेष छह की सूची भी शासन को भेजी जा रही है। टॉस्क फोर्स अभी ऐसे बच्चों की पहचान में जुटी है।
कोराना की वजह से जिले में कई ऐसे मामले सामने आए जहां पति-पत्नी दोनोें की ही मृत्यु हो गई या दोनों में से किसी एक की मौत हो गई। ऐसे में इनके बच्चों के सामने पढाई-लिखाई, सुरक्षा एवं रोजमर्रा के खर्च चलाने की बड़ी चुनौती है। शासन ने ऐसे बच्चों पहचान के लिए जिले में टॉस्क फोर्स बनाने के आदेश दिए थे। टॉस्क फोर्स ने ऐसे 11 बच्चों की तलाश कर शासन का सूची भेज दी थी। अमर उजाला ने अपनत्व अभियान के तहत ऐसे बच्चों की तलाश के लिए सिलसिलेवार खबरें प्रकाशित कीं तो प्रशासन एवं सामाजिक संस्थाएं और सक्रिय हो गईं। इस अभियान के बाद टास्क फोर्स ने छह अन्य बच्चों की सूची तैयार की है। अफसरों ने बताया कि इन बच्चों के नाम शासन को भेजे जा रहे हैं। इसके साथ ही टॉस्क फोर्स जनपद में ऐसे और बच्चों की तलाश में लगी है।
सभी अनाथ बच्चों को मिलेगी मदद
जनपद में ऐसे बच्चों की तलाश जारी है, जिनके माता या पिता की कोरोना संक्रमण से मौत हो चुकी है। पूर्व में 11 बच्चे तलाश किए गए और अब छह और बच्चे तलाश किए गए हैं। इस तरह से अब ऐसे बच्चों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है। इन सभी को शासन की गाइडलाइन के अनुसार राहत मिलेगी - नागेंद्र पाल सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी एवं समाज कल्याण अधिकारी
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बच्चों की मदद के लिए आया सेंट मोमिना ग्रुप
अमर उजाला अपनत्व अभियान के बाद अनाथ हुए बच्चों की मदद के लिए सामाजिक संस्थाएं भी आगे आ रही हैं। सेंट मोमिना ग्रुप ऑफ स्कूल के चेयरमैन शाह फैसल ने बताया कि जिन बच्चोें के माता-पिता की कोरोना से मृत्यु हो चुकी है उनकी पढाई का पूरा जिम्मा वह लेंगे। इन बच्चों की फीस, यूनिफार्म, पाठ्य सामग्री आदि का खर्च स्कूल प्रबंधन वहन करेगा।
देखभाल के लिए मिलेंगे चार हजार प्रति माह
जिन बच्चों के माता-पिता या दोनों में से एक कमाऊ सदस्य की एक मार्च 2020 के बाद मृत्यु हुई है और उनके दूसरे अभिभावक की आय दो लाख से कम है उन्हें चार हजार रुपये प्रतिमाह की सहायता दी जाएगी। 10 साल से कम आयु के निराश्रित बच्चों की देखभाल बालगृहों में की जाएगी। बच्चियों को देखभाल और पढ़ाई के लिए कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में रखा जाएगा। अटल आवासीय विद्यालयों में भी उनका दाखिला होगा। ऐसी बालिकाओं के विवाह के लिए एक लाख रुपये की मदद दी जाएगी। पढ़ाई कर रहे ऐसे बच्चों को टैबलेट/लैपटाप भी दिए जाएंगे।
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बुलंदशहर। कोरोना महामारी के कारण अनाथहुए या माता-पिता में से किसी एक को खो चुके 17 बच्चों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत लाभ दिया जाएगा। जनपद में गठित टॉस्क फोर्स ने पूर्व में 11 बच्चों की सूची शासन को भेजी थी। अब शेष छह की सूची भी शासन को भेजी जा रही है। टॉस्क फोर्स अभी ऐसे बच्चों की पहचान में जुटी है।
कोराना की वजह से जिले में कई ऐसे मामले सामने आए जहां पति-पत्नी दोनोें की ही मृत्यु हो गई या दोनों में से किसी एक की मौत हो गई। ऐसे में इनके बच्चों के सामने पढाई-लिखाई, सुरक्षा एवं रोजमर्रा के खर्च चलाने की बड़ी चुनौती है। शासन ने ऐसे बच्चों पहचान के लिए जिले में टॉस्क फोर्स बनाने के आदेश दिए थे। टॉस्क फोर्स ने ऐसे 11 बच्चों की तलाश कर शासन का सूची भेज दी थी। अमर उजाला ने अपनत्व अभियान के तहत ऐसे बच्चों की तलाश के लिए सिलसिलेवार खबरें प्रकाशित कीं तो प्रशासन एवं सामाजिक संस्थाएं और सक्रिय हो गईं। इस अभियान के बाद टास्क फोर्स ने छह अन्य बच्चों की सूची तैयार की है। अफसरों ने बताया कि इन बच्चों के नाम शासन को भेजे जा रहे हैं। इसके साथ ही टॉस्क फोर्स जनपद में ऐसे और बच्चों की तलाश में लगी है।
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सभी अनाथ बच्चों को मिलेगी मदद
जनपद में ऐसे बच्चों की तलाश जारी है, जिनके माता या पिता की कोरोना संक्रमण से मौत हो चुकी है। पूर्व में 11 बच्चे तलाश किए गए और अब छह और बच्चे तलाश किए गए हैं। इस तरह से अब ऐसे बच्चों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है। इन सभी को शासन की गाइडलाइन के अनुसार राहत मिलेगी - नागेंद्र पाल सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी एवं समाज कल्याण अधिकारी
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बच्चों की मदद के लिए आया सेंट मोमिना ग्रुप
अमर उजाला अपनत्व अभियान के बाद अनाथ हुए बच्चों की मदद के लिए सामाजिक संस्थाएं भी आगे आ रही हैं। सेंट मोमिना ग्रुप ऑफ स्कूल के चेयरमैन शाह फैसल ने बताया कि जिन बच्चोें के माता-पिता की कोरोना से मृत्यु हो चुकी है उनकी पढाई का पूरा जिम्मा वह लेंगे। इन बच्चों की फीस, यूनिफार्म, पाठ्य सामग्री आदि का खर्च स्कूल प्रबंधन वहन करेगा।
देखभाल के लिए मिलेंगे चार हजार प्रति माह
जिन बच्चों के माता-पिता या दोनों में से एक कमाऊ सदस्य की एक मार्च 2020 के बाद मृत्यु हुई है और उनके दूसरे अभिभावक की आय दो लाख से कम है उन्हें चार हजार रुपये प्रतिमाह की सहायता दी जाएगी। 10 साल से कम आयु के निराश्रित बच्चों की देखभाल बालगृहों में की जाएगी। बच्चियों को देखभाल और पढ़ाई के लिए कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में रखा जाएगा। अटल आवासीय विद्यालयों में भी उनका दाखिला होगा। ऐसी बालिकाओं के विवाह के लिए एक लाख रुपये की मदद दी जाएगी। पढ़ाई कर रहे ऐसे बच्चों को टैबलेट/लैपटाप भी दिए जाएंगे।