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योगी जी...जनपद की पीएचसी बीमार, कराइये इलाज
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योगी जी...जनपद की पीएचसी बीमार, कराइये इलाज
बुलंदशहर। शासन और स्वास्थ्य विभाग दावा करता है कि गांवों में संचालित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में मरीजों के लिए सभी सुविधाएं हैं। लेकिन जनपद में संचालित पीएचसी खुद बीमार हैं। कहीं स्टाफ की कमी तो कहीं ओपीडी और वैक्सीनेशन नहीं हो रहा है। किसी केंद्र पर मरीजों को फार्मासिस्ट दवाएं दे रहे हैं तो किसी के डॉक्टर की ड्यूटी अन्य अस्पताल में लग रही है। वहीं, दूसरी ओर अब निर्वाचित प्रधानों का कहना है कि इस समस्या को प्राथमिकता पर दूर करवाया जाएगा। इसके लिए प्रशासन और विभागीय अधिकारियों से मिला जाएगा।
केस-1
न बैठता है स्टाफ और न हो रहा वैक्सीनेशन
शिकारपुर क्षेत्र के गांव जखैता में पीएचसी संचालित हैं। यहां के निर्वाचित प्रधान अनुज कुमार ने बताया कि पीएचसी सिर्फ नाम की है। यहां पर एक तो समय पर स्टाफ नहीं बैठता है। यदि कोई आता भी है तो कुछ समय बाद गायब हो जाता है। गांव में वैक्सीनेशन भी नहीं हो रहा है। संपर्क करने पर बताया गया कि चिकित्सक की ड्यूटी अन्य अस्पताल में चल रही है। सुविधाओं के अभाव में ग्रामीणों के साथ आसपास के मरीजों को लाभ नहीं मिल रहा है।
केस-2
नाम की है यह पीएचसी
खुर्जा जंक्शन स्थित पीएचसी नाम की है। यहां पर समय पर स्टाफ नहीं आता है और दवाईयों का भी अभाव है। ओपीडी नहीं होती है और गंभीर रूप से मरीजों का चिकित्सक इलाज न कर आगे रेफर कर ही अपनी इतिश्री कर लेते हैं। साफ-सफाई न होने के कारण जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। ग्राम प्रधान विजय लक्ष्मी ने बताया कि पीएचसी की समस्याओं से वाकिफ हूं और इन समस्याओं को दूर करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। इसके लिए जल्द ही जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों से भी मिलकर अवगत करवाया जाएगा।
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केस-3
चिकित्सक न होने पर फार्मासिस्ट देता है दवा
डिबाई क्षेत्र के गांव राजघाट स्थित पीएचसी के हालात भी अच्छे नहीं हैं। निर्वाचित प्रधान ओमवीर सिंह ने बताया कि यहां पर एक चिकित्सक तीन दिन ही मरीजों को देखती है। यहां पर एक फार्मासिस्ट और वार्ड बॉय तैनात हैं। चिकित्सक की गैर मौजूदगी में फार्मासिस्ट की ओर से ही मरीजों को दवा दी जाती है। इसमें सुविधाओं का भी अभाव है। यहां पर गंगा स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालु भी डूब जाते हैं, लेकिन जब उन्हें उपचार के बाद पीएचसी ले जाया जाता है तो उपचार देने की बजाय रेफर कर दिया जाता है, ऐसे में अधिकतर की रास्ते में ही मौत हो जाती है। इन सभी समस्याओं को दूर करवाने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
केस-4
गंभीर मरीजाें का नहीं होता है इलाज
गुलावठी क्षेत्र के गांव भटौना स्थित पीएचसी पर स्टाफ की कमी होने के साथ कई अन्य सुविधाएं भी नदारद हैं। ग्राम प्रधान हिमानी ने बताया कि पीएचसी की समस्याआें को दूर करवाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। इस समय अस्पताल में कोरोना वैक्सीन लगातार लगाई जा रही है। सामान्य रोगियों की भी जांच करवाई जा रही है। गंभीर मरीजों को इलाज के लिए सुविधा न होने के कारण परिजनों को गुलावठी या बुलंदशहर जाना पड़ता है। यहां पर एक चिकित्स, एक नर्स और एक फार्मासिस्ट तैनात है। अस्पताल में सुविधाओं को जल्द बढ़वाया जाएगा।
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बुलंदशहर। शासन और स्वास्थ्य विभाग दावा करता है कि गांवों में संचालित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में मरीजों के लिए सभी सुविधाएं हैं। लेकिन जनपद में संचालित पीएचसी खुद बीमार हैं। कहीं स्टाफ की कमी तो कहीं ओपीडी और वैक्सीनेशन नहीं हो रहा है। किसी केंद्र पर मरीजों को फार्मासिस्ट दवाएं दे रहे हैं तो किसी के डॉक्टर की ड्यूटी अन्य अस्पताल में लग रही है। वहीं, दूसरी ओर अब निर्वाचित प्रधानों का कहना है कि इस समस्या को प्राथमिकता पर दूर करवाया जाएगा। इसके लिए प्रशासन और विभागीय अधिकारियों से मिला जाएगा।
केस-1
न बैठता है स्टाफ और न हो रहा वैक्सीनेशन
शिकारपुर क्षेत्र के गांव जखैता में पीएचसी संचालित हैं। यहां के निर्वाचित प्रधान अनुज कुमार ने बताया कि पीएचसी सिर्फ नाम की है। यहां पर एक तो समय पर स्टाफ नहीं बैठता है। यदि कोई आता भी है तो कुछ समय बाद गायब हो जाता है। गांव में वैक्सीनेशन भी नहीं हो रहा है। संपर्क करने पर बताया गया कि चिकित्सक की ड्यूटी अन्य अस्पताल में चल रही है। सुविधाओं के अभाव में ग्रामीणों के साथ आसपास के मरीजों को लाभ नहीं मिल रहा है।
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केस-2
नाम की है यह पीएचसी
खुर्जा जंक्शन स्थित पीएचसी नाम की है। यहां पर समय पर स्टाफ नहीं आता है और दवाईयों का भी अभाव है। ओपीडी नहीं होती है और गंभीर रूप से मरीजों का चिकित्सक इलाज न कर आगे रेफर कर ही अपनी इतिश्री कर लेते हैं। साफ-सफाई न होने के कारण जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। ग्राम प्रधान विजय लक्ष्मी ने बताया कि पीएचसी की समस्याओं से वाकिफ हूं और इन समस्याओं को दूर करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। इसके लिए जल्द ही जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों से भी मिलकर अवगत करवाया जाएगा।
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केस-3
चिकित्सक न होने पर फार्मासिस्ट देता है दवा
डिबाई क्षेत्र के गांव राजघाट स्थित पीएचसी के हालात भी अच्छे नहीं हैं। निर्वाचित प्रधान ओमवीर सिंह ने बताया कि यहां पर एक चिकित्सक तीन दिन ही मरीजों को देखती है। यहां पर एक फार्मासिस्ट और वार्ड बॉय तैनात हैं। चिकित्सक की गैर मौजूदगी में फार्मासिस्ट की ओर से ही मरीजों को दवा दी जाती है। इसमें सुविधाओं का भी अभाव है। यहां पर गंगा स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालु भी डूब जाते हैं, लेकिन जब उन्हें उपचार के बाद पीएचसी ले जाया जाता है तो उपचार देने की बजाय रेफर कर दिया जाता है, ऐसे में अधिकतर की रास्ते में ही मौत हो जाती है। इन सभी समस्याओं को दूर करवाने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
केस-4
गंभीर मरीजाें का नहीं होता है इलाज
गुलावठी क्षेत्र के गांव भटौना स्थित पीएचसी पर स्टाफ की कमी होने के साथ कई अन्य सुविधाएं भी नदारद हैं। ग्राम प्रधान हिमानी ने बताया कि पीएचसी की समस्याआें को दूर करवाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। इस समय अस्पताल में कोरोना वैक्सीन लगातार लगाई जा रही है। सामान्य रोगियों की भी जांच करवाई जा रही है। गंभीर मरीजों को इलाज के लिए सुविधा न होने के कारण परिजनों को गुलावठी या बुलंदशहर जाना पड़ता है। यहां पर एक चिकित्स, एक नर्स और एक फार्मासिस्ट तैनात है। अस्पताल में सुविधाओं को जल्द बढ़वाया जाएगा।