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डिलीवरी के बाद नवजात को दिखाने के लिए मांग रहे रुपये
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स्याना सीएचसी प्रभारी से अवैध वसूली की शिकायत करते परिजन।
- फोटो : BULANDSHAHR
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डिलीवरी के बाद नवजात को दिखाने के लिए मांग रहे रुपये
बुलंदशहर। स्याना स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर डिलीवरी के दौरान परिजनों से बाहर से हजारों रुपये की दवा मंगाने व नवजात को दिखाने के नाम पर रुपये लेने का मामला सामने आया है। इसकी एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई है।
स्याना नगर क्षेत्र निवासी जोगेंद्र कुमार ने बताया कि शुक्रवार दोपहर सीएचसी पर बहन को भर्ती कराने गए तो स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा बैरंग लौटा दिया गया। रात में प्रसव पीढ़ा होने पर पुन: सीएचसी पर गए, उसके बाद भर्ती किया गया। भर्ती करने के बाद स्टाफ नर्स द्वारा डिलीवरी के लिए बाहर मेडिकल से दवा मंगवाई गई। सीएचसी पर मौजूद दवाओं से डिलीवरी की मांग की तो अभद्रता कर मरीज को ले जाने के लिए कहा गया। इस पर सीएचसी के बाहर स्थित मेडिकल से दवा लाकर दी। डिलीवरी होने के बाद दो हजार रुपये की मांग की गई। रुपये न देने पर बच्चा देने से इनकार कर दिया। 500 रुपये जेब में थे उसे दे दिए, लेकिन वह नहीं माने। 800 रुपये देने के बाद नवजात को देखने दिया। बाद में इसकी शिकायत सीएचसी प्रभारी से की गई।
सीएचसी प्रभारी ने दिलवाए वापस रुपये
पीड़ित द्वारा रुपये लेकर डिलीवरी किए जाने की शिकायत पर सीएचसी प्रभारी डॉ. रविंद्र कुमार मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिजन और आरोपी स्टाफ नर्स से वार्ता की। इस दौरान पीड़ित द्वारा पूरा वाक्या बताए जाने पर प्रभारी ने फटकार लगा परिजनों को वापस 800 रुपये दिलवा दिए। सीएचसी प्रभारी डॉ. रविंद्र कुमार ने बताया कि परिजनों की बात सुनी और शिकायत को संज्ञान में लेकर तत्काल रुपये दिलवा दिए गए।
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10 दिन पूर्व भी आया था रुपये लेकर डिलीवरी का मामला
स्याना सीएचसी पर डिलीवरी के नाम पर रुपये मांगने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व भी कई मामले उजागर हो चुके हैं। लेकिन शिकायत पत्र न मिलने पर स्वास्थ्य कर्मी कार्रवाई से बच जाते हैं। 10 दिन पूर्व भी डिलीवरी के नाम पर दो हजार रुपये की मांग की गई। परिजनों द्वारा उस समय मौखिक शिकायत कर दूरी बना ली।
रुपये होते तो निजी में करा लेते भर्ती
भारत विकास परिषद सेवार्थ शाखा के अध्यक्ष चंद्र भूषण मित्तल ने बताया कि सरकारी चिकित्सालयों में हो रही अवैध उगाही की शिकायत मुख्यमंत्री और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से की जाएगी। जरूरत पड़ी तो मुकदमा दर्ज करवाकर कार्रवाई की मांग करेंगे।
सीएचसी प्रभारी से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलने पर दोनों स्टाफ नर्स और वार्ड आया पर कार्रवाई की जाएगी। अगर किसी अन्य जगह रुपये लेकर उपचार किया जा रहा है, तो इसकी शिकायत कर सकते हैं।
- डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ
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बुलंदशहर। स्याना स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर डिलीवरी के दौरान परिजनों से बाहर से हजारों रुपये की दवा मंगाने व नवजात को दिखाने के नाम पर रुपये लेने का मामला सामने आया है। इसकी एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई है।
स्याना नगर क्षेत्र निवासी जोगेंद्र कुमार ने बताया कि शुक्रवार दोपहर सीएचसी पर बहन को भर्ती कराने गए तो स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा बैरंग लौटा दिया गया। रात में प्रसव पीढ़ा होने पर पुन: सीएचसी पर गए, उसके बाद भर्ती किया गया। भर्ती करने के बाद स्टाफ नर्स द्वारा डिलीवरी के लिए बाहर मेडिकल से दवा मंगवाई गई। सीएचसी पर मौजूद दवाओं से डिलीवरी की मांग की तो अभद्रता कर मरीज को ले जाने के लिए कहा गया। इस पर सीएचसी के बाहर स्थित मेडिकल से दवा लाकर दी। डिलीवरी होने के बाद दो हजार रुपये की मांग की गई। रुपये न देने पर बच्चा देने से इनकार कर दिया। 500 रुपये जेब में थे उसे दे दिए, लेकिन वह नहीं माने। 800 रुपये देने के बाद नवजात को देखने दिया। बाद में इसकी शिकायत सीएचसी प्रभारी से की गई।
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सीएचसी प्रभारी ने दिलवाए वापस रुपये
पीड़ित द्वारा रुपये लेकर डिलीवरी किए जाने की शिकायत पर सीएचसी प्रभारी डॉ. रविंद्र कुमार मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिजन और आरोपी स्टाफ नर्स से वार्ता की। इस दौरान पीड़ित द्वारा पूरा वाक्या बताए जाने पर प्रभारी ने फटकार लगा परिजनों को वापस 800 रुपये दिलवा दिए। सीएचसी प्रभारी डॉ. रविंद्र कुमार ने बताया कि परिजनों की बात सुनी और शिकायत को संज्ञान में लेकर तत्काल रुपये दिलवा दिए गए।
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10 दिन पूर्व भी आया था रुपये लेकर डिलीवरी का मामला
स्याना सीएचसी पर डिलीवरी के नाम पर रुपये मांगने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व भी कई मामले उजागर हो चुके हैं। लेकिन शिकायत पत्र न मिलने पर स्वास्थ्य कर्मी कार्रवाई से बच जाते हैं। 10 दिन पूर्व भी डिलीवरी के नाम पर दो हजार रुपये की मांग की गई। परिजनों द्वारा उस समय मौखिक शिकायत कर दूरी बना ली।
रुपये होते तो निजी में करा लेते भर्ती
भारत विकास परिषद सेवार्थ शाखा के अध्यक्ष चंद्र भूषण मित्तल ने बताया कि सरकारी चिकित्सालयों में हो रही अवैध उगाही की शिकायत मुख्यमंत्री और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से की जाएगी। जरूरत पड़ी तो मुकदमा दर्ज करवाकर कार्रवाई की मांग करेंगे।
सीएचसी प्रभारी से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलने पर दोनों स्टाफ नर्स और वार्ड आया पर कार्रवाई की जाएगी। अगर किसी अन्य जगह रुपये लेकर उपचार किया जा रहा है, तो इसकी शिकायत कर सकते हैं।
- डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ