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Bulandshahar News: सर्द हवाओं ने बढ़ाई गलन, घरों में दुबके लोग
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दिल्ली रोड पर कोहरे के बीच से गुजरते वाहन।
- फोटो : संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर। घने कोहरे व गलन भरी ठंड का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार का दिन अब तक का सबसे ठंडा दिन माना जा रहा है। न्यूनतम तापमान चार डिग्री रहने पर ठंड ने लोगों का बुरा हाल कर दिया। दोपहर तक कोहरा रहने से सड़कों पर वाहनों की रफ्तार भी थम गई। हवा चलने से लोग ठिठुरने को मजबूर हो गए। हालांकि दोपहर 12 बजे के बाद करीब दो घंटे धूप निकली तो भी ठंड से राहत नहीं मिल सकी। रात में शीतलहर चलने के कारण गलन का अहसास होता रहा।
जनवरी माह की शुरुआत से ही ठंड प्रतिदिन अपने ही रिकॉर्ड तोड़ रही है। बीच में कुछ दिन धूप निकली तो राहत मिली, लेकिन सर्दी कम नहीं हुई। शनिवार सुबह से काफी कोहरा था, लेकिन 12 बजे के बाद ही धूप निकल सकी। ऐसे में शीतलहर का एहसास लोगों की मुश्किल बढ़ाए रहा। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान जहां पांच डिग्री रहा था, शनिवार को एक डिग्री लुढ़क जाने से चार डिग्री पर आ गया, जबकि अधिकतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, शाम चार बजे के बाद शीतलहर शुरू होने से गलन का अहसास हुआ और रात होते ही ठंड से हालत ही खराब हो गए। ठंड से राहत पाने के लिए लोग अलाव की तपिश के साथ हीटर व गर्म कपड़ों का सहारा लेते नजर आए। ठंड के चलते जिला अस्पताल समेत अन्य चिकित्सालयों में मौसमी बीमारियों के मरीजों की भीड़ रही। कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. विवेकराज ने बताया कि शनिवार को भी शीतलहर का प्रकोप रहा। अभी तीन-चार दिन और मौसम ऐसा ही रहेगा। ऐसे में ठंड कम नहीं होगी। इसके बाद मौसम में परिवर्तन होने लगेगा।
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बुलंदशहर। घने कोहरे व गलन भरी ठंड का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार का दिन अब तक का सबसे ठंडा दिन माना जा रहा है। न्यूनतम तापमान चार डिग्री रहने पर ठंड ने लोगों का बुरा हाल कर दिया। दोपहर तक कोहरा रहने से सड़कों पर वाहनों की रफ्तार भी थम गई। हवा चलने से लोग ठिठुरने को मजबूर हो गए। हालांकि दोपहर 12 बजे के बाद करीब दो घंटे धूप निकली तो भी ठंड से राहत नहीं मिल सकी। रात में शीतलहर चलने के कारण गलन का अहसास होता रहा।
जनवरी माह की शुरुआत से ही ठंड प्रतिदिन अपने ही रिकॉर्ड तोड़ रही है। बीच में कुछ दिन धूप निकली तो राहत मिली, लेकिन सर्दी कम नहीं हुई। शनिवार सुबह से काफी कोहरा था, लेकिन 12 बजे के बाद ही धूप निकल सकी। ऐसे में शीतलहर का एहसास लोगों की मुश्किल बढ़ाए रहा। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान जहां पांच डिग्री रहा था, शनिवार को एक डिग्री लुढ़क जाने से चार डिग्री पर आ गया, जबकि अधिकतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, शाम चार बजे के बाद शीतलहर शुरू होने से गलन का अहसास हुआ और रात होते ही ठंड से हालत ही खराब हो गए। ठंड से राहत पाने के लिए लोग अलाव की तपिश के साथ हीटर व गर्म कपड़ों का सहारा लेते नजर आए। ठंड के चलते जिला अस्पताल समेत अन्य चिकित्सालयों में मौसमी बीमारियों के मरीजों की भीड़ रही। कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. विवेकराज ने बताया कि शनिवार को भी शीतलहर का प्रकोप रहा। अभी तीन-चार दिन और मौसम ऐसा ही रहेगा। ऐसे में ठंड कम नहीं होगी। इसके बाद मौसम में परिवर्तन होने लगेगा।
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