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Bulandshahar News: शीतलहर का सितम जारी, अभी राहत के आसार नहीं
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शीतलहर का सितम जारी, अभी राहत के आसार नहीं
बुलंदशहर। रात में पाला और सुबह के समय कोहरा व शीतलहर का असर बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को भी कड़ाके की ठंड रही। न्यूनतम तापमान तीन डिग्री पर टिका रहा। दोपहर 12 बजे के आसपास धूप निकली लेकिन हवा तेज होने के कारण कोई धूप भी राहत नहीं दिला पाई। मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक फिलहाल अगले एक हफ्ते तक मौसम इसी तरह बना रहेगा।
पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रही ठंड के बीच बृहस्पतिवार को पिछले आठ साल का रिकार्ड टूट गया था। पूरा दिन सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए और शाम ढलते ही कोहरे का असर बढ़ने लगा। रात के समय पाला पड़ा तो इसे सहन करना मुश्किल हो गया। शुक्रवार सुबह होते ही लोगों को घने कोहरे व शीतलहर का सामना करना पड़ा। कोहरा होने के कारण दृश्यता कम हो गई, जिसके चलते वाहन चालकों को लाइट जलानी पड़ी। सबसे अधिक परेशानी राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को हुई। जगह-जगह लोग अलाव जलाकर बैठे दिखे। सुबह 10 बजे के बाद ही मार्गों पर वाहनों का आवागमन बढ़ा।
दोपहर के समय धूप निकली तो ऐसा लगा कि अब कुछ राहत मिलेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और धूप भी बेअसर साबित हुई। शाम होते ही फिर ठंड का असर बढ़ने लगा। इस ठंड का सरकारी विभागों में सर्दी का असर साफ दिखाई दिया। मौसम के बदलते मिजाज के कारण किसानों की चिंता बढ़ने लगी है क्योंकि यदि लगातार मौसम ऐसा ही रहा और पाला पड़ा तो फिर आलू के साथ-साथ सरसों की फसल की पैदावार प्रभावित होगी। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 14 और न्यूनतम 3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की गति पांच किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक रही और आद्रता 95 फीसदी दर्ज की गई। कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. रामानंद पटेल ने बताया कि अभी इस तरह की ठंड से जल्द राहत नहीं मिलने की संभावना है। पहाड़ों पर बर्फबारी का असर मैदानी क्षेत्र में जारी है। शनिवार को अधिकतम तापमान 17 और न्यूनतम चार डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
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बुलंदशहर। रात में पाला और सुबह के समय कोहरा व शीतलहर का असर बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को भी कड़ाके की ठंड रही। न्यूनतम तापमान तीन डिग्री पर टिका रहा। दोपहर 12 बजे के आसपास धूप निकली लेकिन हवा तेज होने के कारण कोई धूप भी राहत नहीं दिला पाई। मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक फिलहाल अगले एक हफ्ते तक मौसम इसी तरह बना रहेगा।
पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रही ठंड के बीच बृहस्पतिवार को पिछले आठ साल का रिकार्ड टूट गया था। पूरा दिन सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए और शाम ढलते ही कोहरे का असर बढ़ने लगा। रात के समय पाला पड़ा तो इसे सहन करना मुश्किल हो गया। शुक्रवार सुबह होते ही लोगों को घने कोहरे व शीतलहर का सामना करना पड़ा। कोहरा होने के कारण दृश्यता कम हो गई, जिसके चलते वाहन चालकों को लाइट जलानी पड़ी। सबसे अधिक परेशानी राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को हुई। जगह-जगह लोग अलाव जलाकर बैठे दिखे। सुबह 10 बजे के बाद ही मार्गों पर वाहनों का आवागमन बढ़ा।
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दोपहर के समय धूप निकली तो ऐसा लगा कि अब कुछ राहत मिलेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और धूप भी बेअसर साबित हुई। शाम होते ही फिर ठंड का असर बढ़ने लगा। इस ठंड का सरकारी विभागों में सर्दी का असर साफ दिखाई दिया। मौसम के बदलते मिजाज के कारण किसानों की चिंता बढ़ने लगी है क्योंकि यदि लगातार मौसम ऐसा ही रहा और पाला पड़ा तो फिर आलू के साथ-साथ सरसों की फसल की पैदावार प्रभावित होगी। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 14 और न्यूनतम 3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की गति पांच किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक रही और आद्रता 95 फीसदी दर्ज की गई। कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. रामानंद पटेल ने बताया कि अभी इस तरह की ठंड से जल्द राहत नहीं मिलने की संभावना है। पहाड़ों पर बर्फबारी का असर मैदानी क्षेत्र में जारी है। शनिवार को अधिकतम तापमान 17 और न्यूनतम चार डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
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