घर का लाडला लड़ रहा जिंदगी और मौत की जंग: झपकी आने पर अनियंत्रित हुई कार ट्रक में घुसी, चार की मौत; तीन घायल
हादसे के कुछ देर पहले परिवार के सभी लोग नारऊ गांव में खुशी से कार्यक्रम का आनंद ले रहे थे। चंद पलों में ही हंसता-खेलता परिवार उजड़ गया। अस्पताल में भर्ती पवन बार-बार गुहार लगा रहा था कि डॉक्टर साहब, प्लीज बस एक बार मेरी पीकू को मुझे दिखा दो।
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नेशनल हाईवे पर गांव बौरोली कट के निकट शुक्रवार शाम एक सड़क किनारे खड़े ट्रक में पीछे से घुस गई। हादसे में कार सवार एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। चालक और एक मासूम समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हैं। पुलिस का कहना है कि कार चालक को झपकी आ गई थी। इसके बाद कार अनियंत्रित हो गई।
दिल्ली के कुंडली निवासी स्क्रैप कारोबारी पवन कुमार की छतारी क्षेत्र के नारऊ गांव में ससुराल है। महाशिवरात्रि के अवसर पर शुक्रवार को नारऊ में आयोजित भंडारे में हिस्सा लेने के लिए वह पत्नी सुषमा, पांच वर्षीय बेटी पीकू, पिता तोताराम (58), माता बबीता (55), दादी चंद्रकला (76) और तीन वर्षीय भतीजे ज्ञान के साथ वैगनआर कार से आए थे। शाम करीब चार बजे वापस दिल्ली जा रहे थे। खुर्जा में नेशनल हाईवे पर गांव बौरोली कट के निकट कार चला रहे पवन को झपकी आ गई। इससे कार अनियंत्रित होकर हाईवे किनारे खड़े ट्रक के पिछले हिस्से में घुस गई।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने राहगीरों की मदद से घायलों को बाहर निकाला। घायलों को निकालने के लिए कार के कुछ हिस्से को भी काटना पड़ा। पुलिस ने तत्काल घायलों को कैलाश अस्पताल पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने तोताराम, बबीता, चंद्रकला और बच्ची पीकू को मृत घोषित कर दिया। पवन, सुषमा और ज्ञान की हालत गंभीर होने पर उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद हायर मेडिकल सेंटर रेफर कर दिया गया।
डॉक्टर साहब प्लीज पीकू को एक बार दिखा दो
हादसे के कुछ देर पहले परिवार के सभी लोग नारऊ गांव में खुशी से कार्यक्रम का आनंद ले रहे थे। चंद पलों में ही हंसता-खेलता परिवार उजड़ गया। अस्पताल में भर्ती पवन बार-बार गुहार लगा रहा था कि डॉक्टर साहब, प्लीज बस एक बार मेरी पीकू को मुझे दिखा दो। वह रोते हुए पूछता रहा कि वह कैसी है, उसे कुछ हुआ तो नहीं है न। हादसे के बाद घायल पवन बार बार पीकू को देखने की गुहार लगा रहे थे। उनकी पत्नी सुषमा को भी हादसे के बाद से होश नहीं आया। इकलौती बेटी के लिए पिता का करुण रुदन सुन वहां मौजूद हर किसी की आंख नम हो रही थी। पवन ने बताया कि जब हादसा हुआ तो अचानक उनके सामने अंधेरा छा गया था। होश आया तो वह अस्पताल में थे।
घर का लाडला लड़ रहा जिंदगी और मौत की जंग
पवन जब वह ससुराल के लिए तैयार हो रहे थे तभी छोटे भाई का बेटा ज्ञान भी जिद करने लगा। इसके बाद उसे भी साथ लेकर आ गए थे। वह भी गंभीर रूप से घायल है। ज्ञान परिवार में सबका लाडला है। वह अब अस्पताल में जिंदगी व मौत की जंग लड़ रहा है। पुलिस ने बताया कि वह दादी बबीता की गोद में था। टूटी कार का एक हिस्सा टूटकर उसकी आंख में घुस गया था।
घायलों का उपचार चल रहा है। हादसे का कारण अभी पूर्ण रूप से स्पष्ट नहीं है। बताया जा रहा है कि कार चला रहे पवन को नींद की झपकी आई थी। जिसके बाद यह हादसा हुआ। जांच के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। - रोहित मिश्रा, एसपी देहात