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यमुनापुरम लाइन शिफ्टिंग में नहीं हुई अब तक कार्रवाई
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यमुनापुरम लाइन शिफ्टिंग मामले में अब तक नहीं हुई कार्रवाई
बुलंदशहर। करीब दो माह पूर्व यमुनापुरम क्षेत्र में क्लासिक प्लाजा केे पीछे संविदाकर्मी, एसडीओ और जेई की मिली भगत से हुई लाइन शिफ्टिंग केे मामले में अब तक किसी पर भी कार्रवाई नहीं हुई है। जबकि चीफ इंजीनियर के आदेश पर इसमें जांच बैठाई गई थी।
पावर कारपोरेशन में वैसे तो कोई मामला पकड़ा नहीं जाता है और जो पकड़ा जाता है उसपर अधिकरियों द्वारा लीपा पोती की जाने लगती है। करीब दो माह पूर्व एसडीओ, जेई और संविदाकर्मी की मिलीभगत से यमुनापुरम क्षेत्र के क्लासिक प्लाजा के पीछे करीब बीस पोल की लाइन बिना एस्टीमेट के शिफ्ट हुई थी। जब इसमें हो हल्ला हुआ तो एसडीओ और जेई ने अपने को बचाते हुए संविदाकर्मी के माथे पर मामले को डाल दिया था। इसमें एक ठेकेदार भी शामिल रहा था। हायतौबा मचने केे बाद चीफ इंजीनियर ने मामले की जांच करने के आदेश अधिकारियों को दिए थे, लेकिन हालात ढाक के तीन पात वाले ही रहे। करीब दो माह हो चुके है, लेकिन अभी तक किसी पर भी कार्रवाई नहीं हो पाई है।
जांच चल रही है जो जल्द ही पूरी होगी। जो भी इसमें शामिल होगा उसको बख्शा नहीं जाएगा।
- आरपीएस तोमर, चीफ इंजीनियर
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बुलंदशहर। करीब दो माह पूर्व यमुनापुरम क्षेत्र में क्लासिक प्लाजा केे पीछे संविदाकर्मी, एसडीओ और जेई की मिली भगत से हुई लाइन शिफ्टिंग केे मामले में अब तक किसी पर भी कार्रवाई नहीं हुई है। जबकि चीफ इंजीनियर के आदेश पर इसमें जांच बैठाई गई थी।
पावर कारपोरेशन में वैसे तो कोई मामला पकड़ा नहीं जाता है और जो पकड़ा जाता है उसपर अधिकरियों द्वारा लीपा पोती की जाने लगती है। करीब दो माह पूर्व एसडीओ, जेई और संविदाकर्मी की मिलीभगत से यमुनापुरम क्षेत्र के क्लासिक प्लाजा के पीछे करीब बीस पोल की लाइन बिना एस्टीमेट के शिफ्ट हुई थी। जब इसमें हो हल्ला हुआ तो एसडीओ और जेई ने अपने को बचाते हुए संविदाकर्मी के माथे पर मामले को डाल दिया था। इसमें एक ठेकेदार भी शामिल रहा था। हायतौबा मचने केे बाद चीफ इंजीनियर ने मामले की जांच करने के आदेश अधिकारियों को दिए थे, लेकिन हालात ढाक के तीन पात वाले ही रहे। करीब दो माह हो चुके है, लेकिन अभी तक किसी पर भी कार्रवाई नहीं हो पाई है।
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जांच चल रही है जो जल्द ही पूरी होगी। जो भी इसमें शामिल होगा उसको बख्शा नहीं जाएगा।
- आरपीएस तोमर, चीफ इंजीनियर