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UP: '600 रुपये देकर बोला था उत्तम...', मां मेरे बीमार बेटे का रखना ध्यान; दर्दनाक हादसे में परिवार के 5 की मौत

Sun, 10 May 2026 02:25 PM IST
Sharukh Khan आबाद नकवी, संवाद न्यूज एजेंसी, बुलंदशहर
आबाद नकवी, संवाद न्यूज एजेंसी, बुलंदशहर Published by: Sharukh Khan Updated Sun, 10 May 2026 02:25 PM IST
सार

बुलंदशहर में नेशनल हाईवे 34 पर शुक्रवार शाम बहुत ही दर्दनाक हादसा हो गया। एक ही बाइक पर सवार पति-पत्नी और उनके तीन बच्चों की मौत हो गई। ये सभी लोग एक ही बाइक पर सवार थे और खुर्जा से अपने गांव धमेड़ा कीरत लौट रहे थे। बाइक पर परिवार के पांच सदस्यों के अलावा बैग भी थे। इनकी बाइक को एक तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। टक्कर के बाद पांचों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। परिवार में अब एक दो साल का मासूम बचा है।

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Bulandshahr Road Accident Parents and three children were on a single bike all five died in accident
विलाप करते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

मां, मैं माता वैष्णो देवी के दर्शन करने जा रहा हूं। तीन से चार दिन में लौट आऊंगा। तुम मेरे बेटे रियांश उर्फ कृष्णा का ध्यान रखना। वह बीमार भी है। ये 600 रुपये हैं, आप रख लो। इसमें से अपनी भी दवा ले लेना। बेटे उत्तम की इन बातों को याद करके मां वीरवती बार-बार बिलख रही थीं। पिता महिला पाल सिंह भी बेटे की बात को याद कर रो रहे थे। कहा था पापा अखरोट लेकर आऊंगा। 200 रुपये रखो दवा ले आना।
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मां वीरवती का कहना है कि उन्होंने बेटे को धार्मिक यात्रा पर जाने के लिए खुशी-खुशी विदा किया था। बेटे को विदा करते समय वह नहीं जानती थी कि तीन दिन में वापस लौटने का वादा कर गया बेटा अब नहीं आएगा।
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बूढ़ी आंखें बेटे और परिवार का वापस लौटने का इंतजार कर रही थीं। जिस दिन बेटे को वापस आना था उसी दिन बेटे, पुत्रवधू और तीनों बच्चों की मौत की खबर आएगी।

बताया कि घर से जाने के बाद बेटे ने उसने से फोन पर बात नहीं की। जहां उन्हें अपने बेटे और उसके परिवार को खोने का दुख है, वहीं उन्हें बेटे से अंतिम बार एक बार बात नहीं करने का भी दुख है। 

 
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अब केवल बेटे, परिवार की यादें ही उनके पास रह गई हैं। उनकी यादें और छोटा बेटा रियांश ही अब उनके जीने का सहारा है। पिता महिपाल ने रुंधे गले से बताया कि बेटा उत्तम उनका बहुत ध्यान रखता था।
 

उनकी दवाई से लेकर खाने पीने तक का पूरा ख्याल रखता था। वैष्णो देवी पर जाने से पहले उसने उन्हें यात्रा पर जाने के बारे में बताया था। जाते समय उसने उनसे पूछा था कि पिता जी क्या लाना है। उन्होंने बेटे को अखरोट लाने के लिए कहा था।

 

बेटे ने जाते समय उन्हें दो सौ रुपये भी दिए थे और समय से दवाई लेने के लिए कहा था। मगर बेटे को विदा करते समय वह नहीं जानते थे कि अब उनका ख्याल करने वाला बेटा कभी वापस नहीं आएगा। अपने साथ परिवार की खुशियों को भी ले जाएगा। बताया कि वैसे उनके तीन बेटे और हैं। 
 

एक ही बाइक पर थे माता-पिता व तीन बच्चे, हादसे में पांचों की मौत
बुलंदशहर में नेशनल हाईवे 34 पर शुक्रवार शाम बहुत ही दर्दनाक हादसा हो गया। एक ही बाइक पर सवार पति-पत्नी और उनके तीन बच्चों की मौत हो गई। ये सभी लोग एक ही बाइक पर सवार थे और खुर्जा से अपने गांव धमेड़ा कीरत लौट रहे थे। बाइक पर परिवार के पांच सदस्यों के अलावा बैग भी थे। इनकी बाइक को एक तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। टक्कर के बाद पांचों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। परिवार में अब एक दो साल का मासूम बचा है।

 

अगौता थाना क्षेत्र के गांव धमेड़ा कीरत निवासी ठाकुर उत्तम सिंह (40 वर्ष) उनकी पत्नी उर्मिला (36 वर्ष) बेटे निशांत (10 वर्ष), बेटी दिशा (8 वर्ष) के साथ मंगलवार को वैष्णो देवी दर्शन के लिए गए थे। वे अपनी पांच वर्षीय बेटी नायरा को जाते समय वह खुर्जा में साली के घर पर छोड़ गए थे। जाते समय उन्होंने अपनी बाइक साली के घर पर ही छोड़ दी थी। 

 

शुक्रवार को परिवार दर्शन करके ट्रेन से खुर्जा लौटा था। खुर्जा स्टेशन से उत्तम परिवार के साथ अपनी साली के घर पहुंचे। यहां से उन्होंने बाइक ली और पांच वर्षीय बेटी को भी साथ लिया। दंपती ने बाइक पर दोनों बच्चों को बीच में बैठा लिया। छोटी बेटी नायरा को आगे टंकी पर बैठाया। 

 

दंपती, बच्चों के अलावा बाइक पर दोनों ओर भारी बैग बंधे हुए थे। एक बैग बाइक के हैंडल पर रखा था। जब परिवार नेशनल हाईवे-34 पर खेतलपुर भांसौली कट के पास पहुंचा, तभी तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक को साइड से जोरदार टक्कर मार दी। बाइक अनियंत्रित होने से दंपती और तीनों बच्चे सड़क पर जा गिरे।

 

बाइक की रफ्तार तेज होने के कारण सभी लोगों के सिर में गंभीर चोट आई। प्रत्यक्षदर्शी शाह फैज ने बताया कि हादसे के करीब पांच मिनट के अंदर वह मौके पर पहुंच गए थे। सभी लोगों के सिर से खून बह रहा था। दंपती, निशांत और दिशा के शरीर में कोई हरकत नहीं थी। छोटी बच्ची के शरीर में हरकत दिखाई तो उन्होंने उसे अस्पताल पहुंचाने के लिए गोद में उठाया। 

 

गोद में उठाते ही उसकी भी गर्दन लटक गई। मौके पर भीड़ जमा हो गई। घटना को अंजाम देकर चालक ट्रक को लेकर भाग गया। इस भयावह घटना को देखकर लोग होशोहवास खो बैठे। किस को ट्रक का पीछा करने की सुधि नहीं रही। लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस सभी लोगों को अस्पताल लेकर पहुंची, यहां चिकित्सकों ने पांचों लोगों को मृत घोषित कर दिया। 

 

फॉरेंसिक टीम ने मौक पर पहुंचकर घटना से संबंधित साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने बताया कि मृतकों में किसी ने भी हेलमेट नहीं लगाया हुआ था। वैष्णों देवी के दर्शन करने जाते समय उत्तम अपना दो साल के बेटे रियांश उर्फ कृष्णा को अपने माता-पिता के पास छोड़ गये थे। उस मासूम को अभी यह भी बोध नहीं है कि उसने इतनी कम उम्र में ही माता-पिता और सभी भाई-बहनों को खो दिया है।

 

फाइनेंस का काम करते थे उत्तम
ग्रामीणों ने बताया कि उत्तम गांव में ही निजी फाइनेंस कंपनी चलाते थे। वह काफी मिलनसार थे और प्रतिदिन आसपास के लोगों के साथ बैठकर हंसी मजाक करते थे। लोगों ने बताया कि उनके व्यवहार के सभी कायल थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि ऐसा हो जाएगा। उधर, ट्रक नंबर की जांच की गई तो पता चला कि उसका मालिक विदेश में रहता है। पुलिस ट्रक चालक की तलाश कर रही है।
 
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