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खाते में रुपये डलवाने का झांसा देकर 25 हजार निकाले
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खाते में रुपये डलवाने का झांसा देकर 25 हजार निकाले
सिकंदराबाद। रिश्तेदार बताकर खाते में रुपये डलवाने का झांसा देकर फैक्टरी कर्मी के खाते से 25 हजार रुपये निकाल लिए। पीड़ित ने तहरीर देते हुए कार्रवाई की मांग की है।
जनपद महौबा निवासी सुजीत कुमार ने बताया कि वह औद्योगिक क्षेत्र स्थित कंपनी में काम करता है। कई वर्षों से नगर स्थित कॉलोनी में परिवार के साथ किराए पर रहता है। नगर के एक राष्ट्रीयकृत बैंक में उसका खाता है। बृहस्पतिवार को उसके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से फोन आया। कॉलर ने उसकी क्षेत्रीय भाषा में बात करते हुए खुद को रिश्तेदार बताया। कहा कि बिहार की एक पार्टी से उसे पचास हजार रुपये की पेमेंट लेनी है, लेकिन वह फोन पे, नेट बैंकिंग आदि का प्रयोग नहीं करता। आप अपना या आपका कोई दोस्त जो ऑनलाइन बैंकिंग आदि सेवा का प्रयोग करता है उसका नंबर दे दो, जिससे वह आपके खाते में रुपये डलवा सके। किसी समय आकर वह अपने रुपये ले लेगा। बताया कि उसने उसकी बातों पर विश्वास कर अपना मोबाइल नंबर दे दिया। इसके बाद कॉलर ने कहा कि आपके मोबाइल पर एक लिंक भेजा है, जिसे केवल खोलना है।
लिंक खोलने के एक घंटे बाद उसके मोबाइल पर खाते से 25 हजार रुपये कटने का मेसेज आया। कॉलर को फोन करने पर उसका फोन बंद जाता रहा। सुबह फोन लगने पर उसने खाते से रुपये कटने के बारे में बताया तो कॉलर ने कहा कि टेक्निकल समस्या के कारण उसके पचास हजार रुपये भी ट्रांसफर नहीं हो पाए हैं। फिर से भेजे गए लिंक को खोलने पर उसके 25 हजार रुपये और उसके द्वारा डलवाए गए 50 हजार रुपये खाते में आ जाएंगे। मगर, ठगी का एहसास होने के कारण उसने लिंक को नहीं खोला। पीड़ित ने शनिवार को कोतवाली पहुंचकर तहरीर दी।
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सिकंदराबाद। रिश्तेदार बताकर खाते में रुपये डलवाने का झांसा देकर फैक्टरी कर्मी के खाते से 25 हजार रुपये निकाल लिए। पीड़ित ने तहरीर देते हुए कार्रवाई की मांग की है।
जनपद महौबा निवासी सुजीत कुमार ने बताया कि वह औद्योगिक क्षेत्र स्थित कंपनी में काम करता है। कई वर्षों से नगर स्थित कॉलोनी में परिवार के साथ किराए पर रहता है। नगर के एक राष्ट्रीयकृत बैंक में उसका खाता है। बृहस्पतिवार को उसके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से फोन आया। कॉलर ने उसकी क्षेत्रीय भाषा में बात करते हुए खुद को रिश्तेदार बताया। कहा कि बिहार की एक पार्टी से उसे पचास हजार रुपये की पेमेंट लेनी है, लेकिन वह फोन पे, नेट बैंकिंग आदि का प्रयोग नहीं करता। आप अपना या आपका कोई दोस्त जो ऑनलाइन बैंकिंग आदि सेवा का प्रयोग करता है उसका नंबर दे दो, जिससे वह आपके खाते में रुपये डलवा सके। किसी समय आकर वह अपने रुपये ले लेगा। बताया कि उसने उसकी बातों पर विश्वास कर अपना मोबाइल नंबर दे दिया। इसके बाद कॉलर ने कहा कि आपके मोबाइल पर एक लिंक भेजा है, जिसे केवल खोलना है।
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लिंक खोलने के एक घंटे बाद उसके मोबाइल पर खाते से 25 हजार रुपये कटने का मेसेज आया। कॉलर को फोन करने पर उसका फोन बंद जाता रहा। सुबह फोन लगने पर उसने खाते से रुपये कटने के बारे में बताया तो कॉलर ने कहा कि टेक्निकल समस्या के कारण उसके पचास हजार रुपये भी ट्रांसफर नहीं हो पाए हैं। फिर से भेजे गए लिंक को खोलने पर उसके 25 हजार रुपये और उसके द्वारा डलवाए गए 50 हजार रुपये खाते में आ जाएंगे। मगर, ठगी का एहसास होने के कारण उसने लिंक को नहीं खोला। पीड़ित ने शनिवार को कोतवाली पहुंचकर तहरीर दी।
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