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आम की पेटी देने से मना करने पर पुलिस ने चार घंटे रोके रखा ट्रक
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आम की पेटी देने से मना करने पर पुलिस ने चार घंटे रोके रखा ट्रक
खानपुर। मंडी में आम बेचने जा रहे एक किसान की गाड़ी को पुलिस ने रोक लिया। बताया जा रहा है कि दरोगा ने गाड़ी छोड़ने के नाम पर चालक से आम की पेटी की मांग कर दी। जब चालक ने आम की पेटी देने में असमर्थता जताई तो आम से लदी गाड़ी को कागज पूरे न होने का हवाला देकर घंटों तक खड़ा रखा गया। जब मामले में उच्चाधिकारियों को फोन किया तो देर रात दो बजे पुलिस ने गाड़ी को छोड़ा।
क्षेत्र के अमरपुर चौराहे से प्रतिदिन दर्जनों गाड़ियों से आम लेकर किसान बेचने के लिए दिल्ली, मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड समेत अन्य राज्यों में जाते हैं। पीड़ित गांव अमरपुर निवासी फरहान ने बताया कि शुक्रवार को एक ट्रक में आम की लोडिंग की जा रही थी। जब ट्रक लेकर चौराहे से गुजर रहा था तो एक दरोगा ने गाड़ी रोककर आम की पेटी की मांग की। जब ड्राइवर ने आम की पेटी देने में असमर्थता जताई तो दरोगा ने ट्रक को मौके पर खड़ा करा लिया और दस्तावेज अधूरा होने की बात कही। जब मालिक को फोन पर अवगत कराया और वह मौके पर पहुंचे और दरोगा को आम की पेटी देने लगे तो वह और भड़क गए। काफी देर तक जब गाड़ी नहीं छोड़ी तो पीड़ित किसान ने जिला पंचायत सदस्य राफे खान को मामले से अवगत कराया। जिपं सदस्य के कई बार कहने के बाद भी दरोगा ने ट्रक नहीं छोड़ा। जिसके बाद थाना प्रभारी को शिकायत की गई। थाना प्रभारी के हस्तक्षेप पर करीब चार घंटे के बाद देर रात करीब दो ट्रक छोड़ा। इस दौरान जिपं सदस्य ने आरोप लगाया कि आए दिन पुलिस द्वारा व्यापारियों को इसी प्रकार प्रताड़ित किया जाता है।
कोट -
जिपं सदस्य द्वारा मुझसे इस संबंध में शिकायत की गई थी। शिकायत के बाद ट्रक को छुड़वा दिया गया था। आरोप-प्रत्यारोप लगते रहते हैं। पुलिस द्वारा किसी भी व्यापारी या किसान का उत्पीड़न नहीं किया जाता है। - वीरेंद्र कुमार, थानाध्यक्ष, खानपुर
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खानपुर। मंडी में आम बेचने जा रहे एक किसान की गाड़ी को पुलिस ने रोक लिया। बताया जा रहा है कि दरोगा ने गाड़ी छोड़ने के नाम पर चालक से आम की पेटी की मांग कर दी। जब चालक ने आम की पेटी देने में असमर्थता जताई तो आम से लदी गाड़ी को कागज पूरे न होने का हवाला देकर घंटों तक खड़ा रखा गया। जब मामले में उच्चाधिकारियों को फोन किया तो देर रात दो बजे पुलिस ने गाड़ी को छोड़ा।
क्षेत्र के अमरपुर चौराहे से प्रतिदिन दर्जनों गाड़ियों से आम लेकर किसान बेचने के लिए दिल्ली, मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड समेत अन्य राज्यों में जाते हैं। पीड़ित गांव अमरपुर निवासी फरहान ने बताया कि शुक्रवार को एक ट्रक में आम की लोडिंग की जा रही थी। जब ट्रक लेकर चौराहे से गुजर रहा था तो एक दरोगा ने गाड़ी रोककर आम की पेटी की मांग की। जब ड्राइवर ने आम की पेटी देने में असमर्थता जताई तो दरोगा ने ट्रक को मौके पर खड़ा करा लिया और दस्तावेज अधूरा होने की बात कही। जब मालिक को फोन पर अवगत कराया और वह मौके पर पहुंचे और दरोगा को आम की पेटी देने लगे तो वह और भड़क गए। काफी देर तक जब गाड़ी नहीं छोड़ी तो पीड़ित किसान ने जिला पंचायत सदस्य राफे खान को मामले से अवगत कराया। जिपं सदस्य के कई बार कहने के बाद भी दरोगा ने ट्रक नहीं छोड़ा। जिसके बाद थाना प्रभारी को शिकायत की गई। थाना प्रभारी के हस्तक्षेप पर करीब चार घंटे के बाद देर रात करीब दो ट्रक छोड़ा। इस दौरान जिपं सदस्य ने आरोप लगाया कि आए दिन पुलिस द्वारा व्यापारियों को इसी प्रकार प्रताड़ित किया जाता है।
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जिपं सदस्य द्वारा मुझसे इस संबंध में शिकायत की गई थी। शिकायत के बाद ट्रक को छुड़वा दिया गया था। आरोप-प्रत्यारोप लगते रहते हैं। पुलिस द्वारा किसी भी व्यापारी या किसान का उत्पीड़न नहीं किया जाता है। - वीरेंद्र कुमार, थानाध्यक्ष, खानपुर
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