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कांग्रेस जिलाध्यक्ष चौधरी श्यौपाल सिंह ने दिया इस्तीफा
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कांग्रेस जिलाध्यक्ष चौधरी श्यौपाल सिंह ने दिया इस्तीफा
बुलंदशहर। कांग्रेस में जिलाध्यक्ष समेत कई पदों पर रहे श्यौपाल सिंह ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। शनिवार अपने आवास पर प्रेसवार्ता कर कहा कि अभी किसी दल में जाने का कोई फैसला नहीं लिया है। इस बारे में बाद में निर्णय लूंगा। कांग्रेस में एआईसीसी, पीसीसी सदस्य और प्रदेश प्रवक्ता पद पर रहे चौधरी श्यौपाल सिंह ने कहा कि पार्टी नेताओं की उपेक्षा और अनदेखी के कारण कांग्रेस छोड़ने का निर्णय लिया है। इस विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के कर्मठ, जुझारू और मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं का टिकट काटकर बाहरी लोगों को टिकट दिया गया है। इससे कार्यकर्ता आहत हैं।
उन्होंने बताया कि अनूपशहर सीट पर वर्ष 2012 के चुनाव में गठबंधन के चलते टिकट नहीं मिला। 2017 में भी सीट गठबंधन में चली गई। इस बार उन्हें हाईकमान से टिकट भी लगभग पक्का हो गया था, लेकिन अंतिम वक्त पर दूसरे दल को छोड़कर आए नेता को टिकट दे दिया गया। इसी प्रकार सिकंदराबाद सीट पर भी उपेक्षा व अनदेखी की गई है। उन्होंने बताया कि प्रियंका गांधी ने स्वयं उन्हें बुलाकर आश्वासन दिया था और पार्टी में बने रहने का कहा था। आश्वासन के बावजूद उनके साथ धोखा हुआ है।
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बुलंदशहर। कांग्रेस में जिलाध्यक्ष समेत कई पदों पर रहे श्यौपाल सिंह ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। शनिवार अपने आवास पर प्रेसवार्ता कर कहा कि अभी किसी दल में जाने का कोई फैसला नहीं लिया है। इस बारे में बाद में निर्णय लूंगा। कांग्रेस में एआईसीसी, पीसीसी सदस्य और प्रदेश प्रवक्ता पद पर रहे चौधरी श्यौपाल सिंह ने कहा कि पार्टी नेताओं की उपेक्षा और अनदेखी के कारण कांग्रेस छोड़ने का निर्णय लिया है। इस विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के कर्मठ, जुझारू और मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं का टिकट काटकर बाहरी लोगों को टिकट दिया गया है। इससे कार्यकर्ता आहत हैं।
उन्होंने बताया कि अनूपशहर सीट पर वर्ष 2012 के चुनाव में गठबंधन के चलते टिकट नहीं मिला। 2017 में भी सीट गठबंधन में चली गई। इस बार उन्हें हाईकमान से टिकट भी लगभग पक्का हो गया था, लेकिन अंतिम वक्त पर दूसरे दल को छोड़कर आए नेता को टिकट दे दिया गया। इसी प्रकार सिकंदराबाद सीट पर भी उपेक्षा व अनदेखी की गई है। उन्होंने बताया कि प्रियंका गांधी ने स्वयं उन्हें बुलाकर आश्वासन दिया था और पार्टी में बने रहने का कहा था। आश्वासन के बावजूद उनके साथ धोखा हुआ है।
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