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उर्वरक विक्रेताओं पर शिकंजा, पांच दुकानों के लाइसेंस किए निलंबित
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उर्वरक विक्रेताओं पर कसा शिकंजा, पांच दुकानों के लाइसेंस निरस्त
बुलंदशहर। जिला कृषि विभाग ने उर्वरक विक्रेताओं पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सोमवार जिला कृषि अधिकारी ने अनूपशहर, डिबाई और दानपुर क्षेत्र में 20 उर्वरक की दुकानों का निरीक्षण किया। पांच दुकानों पर अनियमितताएं पाए जाने पर तत्काल उनके लाइसेंस निरस्त कर दिए। साथ ही तीन दुकानदारों को कड़ी चेतावनी दी है। मंगलवार को जिले में 2600 मीट्रिक टन और एनपीके पहुंचने वाली है।
जिला कृषि अधिकारी राहुल तेवतिया ने बताया कि जिले में इस समय सहकारी समिति और उर्वरक की दुकानों पर किसान डीएपी और एनपीके लेने के लिए पहुंच रहे हैं। जिले में खाद की कमी नहीं है, फिर भी वहां पर लगातार लाइन लग रही हैं। इसे डीएम चंद्रप्रकाश सिंह ने गंभीरता से लिया है और निर्देश जारी किया है कि जिले भर में निरीक्षण कर इस समस्या का समाधान किया जाए। इसके लिए विभागीय अधिकारियों के साथ सभी तहसीलों के एसडीएम को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि किसानों को लाइन में न लगना पड़े और उन्हें आसानी से खाद मिल सके। डीएम के निर्देश पर सोमवार को उन्होंने अनूपशहर, डिबाई और दानपुर क्षेत्र में उर्वरक की 20 दुकानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान कई दुकानों पर किसानों की लाइन लगती मिली। जहां किसानों को डीएपी और एनपीके उपलब्ध करवाया गया। वहीं, दूसरी ओर पांच उर्वरक की दुकानों पर उर्वरक का स्टॉक सही नहीं मिला और कई तरह की अनियमितताएं भी पाई गई। इस पर पांच दुकानों के तत्काल प्रभाव से लाइसेंस निरस्त कर दिए गए। साथ ही तीन दुकानदारों को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस तरह के निरीक्षण जारी रहेंगे और लापरवाही सामने आने पर किसी भी उर्वरक विक्रेता को बख्शा नहीं जाएगा। किसानाें को भी किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएंगी।
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बुलंदशहर। जिला कृषि विभाग ने उर्वरक विक्रेताओं पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सोमवार जिला कृषि अधिकारी ने अनूपशहर, डिबाई और दानपुर क्षेत्र में 20 उर्वरक की दुकानों का निरीक्षण किया। पांच दुकानों पर अनियमितताएं पाए जाने पर तत्काल उनके लाइसेंस निरस्त कर दिए। साथ ही तीन दुकानदारों को कड़ी चेतावनी दी है। मंगलवार को जिले में 2600 मीट्रिक टन और एनपीके पहुंचने वाली है।
जिला कृषि अधिकारी राहुल तेवतिया ने बताया कि जिले में इस समय सहकारी समिति और उर्वरक की दुकानों पर किसान डीएपी और एनपीके लेने के लिए पहुंच रहे हैं। जिले में खाद की कमी नहीं है, फिर भी वहां पर लगातार लाइन लग रही हैं। इसे डीएम चंद्रप्रकाश सिंह ने गंभीरता से लिया है और निर्देश जारी किया है कि जिले भर में निरीक्षण कर इस समस्या का समाधान किया जाए। इसके लिए विभागीय अधिकारियों के साथ सभी तहसीलों के एसडीएम को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि किसानों को लाइन में न लगना पड़े और उन्हें आसानी से खाद मिल सके। डीएम के निर्देश पर सोमवार को उन्होंने अनूपशहर, डिबाई और दानपुर क्षेत्र में उर्वरक की 20 दुकानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान कई दुकानों पर किसानों की लाइन लगती मिली। जहां किसानों को डीएपी और एनपीके उपलब्ध करवाया गया। वहीं, दूसरी ओर पांच उर्वरक की दुकानों पर उर्वरक का स्टॉक सही नहीं मिला और कई तरह की अनियमितताएं भी पाई गई। इस पर पांच दुकानों के तत्काल प्रभाव से लाइसेंस निरस्त कर दिए गए। साथ ही तीन दुकानदारों को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस तरह के निरीक्षण जारी रहेंगे और लापरवाही सामने आने पर किसी भी उर्वरक विक्रेता को बख्शा नहीं जाएगा। किसानाें को भी किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएंगी।
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