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गंगा का रौद्र रूप : अहार में बाबा की प्रतिमा व सड़क पानी में समाई
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अहार क्षेत्र में गंगा किनारे कटान और बह रहे पेड़-पौधे। संवाद
बुलंदशहर। नरसेना/आहार/अनूपशहर/नरौरा। पिछले कई दिन से गंगा रौद्र रूप दिखा रही है। रविवार को बढ़े जलस्तर की जद में आकर अहार में एक बाबा की प्रतिमा और घाट को जाने वाली सड़क का काफी हिस्सा पानी में समा गया। वहीं, वन विभाग की भूमि का कटान जारी है और पेड़-पौधे भी उखड़ कर बह रहे हैं। पानी खेतों की ओर बढ़ा देख किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। वहीं, रविवार सुबह बिजनौर बैराज से 1,25,970 क्यूसेक पानी के बाद जलस्तर में इजाफा होने की भी संभावना जताई जा रही है।
पिछले कुछ दिनों से खादर इलाके में उफनती गंगा लोगों की परेशानी का सबब बनी हुई है। आबादी से डेढ़ किलोमीटर दूर कृषि भूमि तेजी से कटान की चपेट में आ रही है। सैकड़ों बीघा उपजाऊ जमीन, फसल, पेड़ आदि नदी में समा चुके हैं। क्षेत्र के किसान अनूप सिंह, सोरन सिंह, प्रकाश और महीपाल आदि ने बताया कि गंगा का जलस्तर बढ़ने से पहले ही फसल खराब हो चुकी हैं। खेती की काफी जमीन गंगा में फसल समेत समा गई। वहीं, चारे का संकट लगातार बना हुआ है। अब एक बार फिर से गंगा उफान पर है और कटान ने चिंता बढ़ा दी है। इस मामले में एसडीएम अनूपशहर अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि गंगा का जलस्तर कम होने पर राजस्व टीम द्वारा मौके का मुआयना कर नुकसान का आकलन किया जाएगा।
इस समय गंगा के बढ़े जलस्तर से अहार क्षेत्र में कटान और नुकसान हो रहा है। यहां पर वन विभाग का बड़ा जंगल है और दलदल होने के कारण कोई पहुंच नहीं पा रहा। वन विभाग के डिप्टी रेंजर रोहन चौधरी का कहना है कि रविवार को सिद्ध घाट पर लगी सिद्ध बाबा की प्रतिमा और सड़क का काफी हिस्सा गंगा में समा गया। पानी लगातार बढ़ रहा है।
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एई ड्रेनेज अमित किशोर ने पिछले कई दिनों से बिजनौर बैराज से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। बृहस्पतिवार को 74503 क्यूसेक और शुक्रवार को फिर 93805 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वहीं, शनिवार को 1,12,528 क्यूसेक पानी छोड़ा और रविवार की सुबह फिर से 1,25,970 क्यूसेक पानी के बाद जलस्तर में इजाफा होने की भी संभावना जताई जा रही है। लोगों को गंगा की खादर में जाने की हिदायत दी जा रही है।
दूसरी ओर नरौरा गंगा बैराज पर पिछले चौबीस घंटे में 9166 क्यूसेक की वृद्धि के साथ बैराज से नदी की डाउन स्ट्रीम में 96219 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। जबकि शनिवार नदी की डाउन स्ट्रीम में 87053 क्यूसेक पानी की निकासी हो रही थी। सिंचाई विभाग हेडवर्क के वरिष्ठ जल लेखा सहायक देवेश कुमार ने बताया कि रविवार को बैराज से नदी की डाउन स्ट्रीम में 96219 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। जबकि गत दिवस शनिवार को बैराज से नदी की डाउन स्ट्रीम में 87053 क्यूसेक पानी की निकासी हो रही थी। बैराज से निकली एलजीसी नहर में 8,099 क्यूसेक व पीएलजीसी नहर में 6677 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
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पिछले कुछ दिनों से खादर इलाके में उफनती गंगा लोगों की परेशानी का सबब बनी हुई है। आबादी से डेढ़ किलोमीटर दूर कृषि भूमि तेजी से कटान की चपेट में आ रही है। सैकड़ों बीघा उपजाऊ जमीन, फसल, पेड़ आदि नदी में समा चुके हैं। क्षेत्र के किसान अनूप सिंह, सोरन सिंह, प्रकाश और महीपाल आदि ने बताया कि गंगा का जलस्तर बढ़ने से पहले ही फसल खराब हो चुकी हैं। खेती की काफी जमीन गंगा में फसल समेत समा गई। वहीं, चारे का संकट लगातार बना हुआ है। अब एक बार फिर से गंगा उफान पर है और कटान ने चिंता बढ़ा दी है। इस मामले में एसडीएम अनूपशहर अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि गंगा का जलस्तर कम होने पर राजस्व टीम द्वारा मौके का मुआयना कर नुकसान का आकलन किया जाएगा।
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इस समय गंगा के बढ़े जलस्तर से अहार क्षेत्र में कटान और नुकसान हो रहा है। यहां पर वन विभाग का बड़ा जंगल है और दलदल होने के कारण कोई पहुंच नहीं पा रहा। वन विभाग के डिप्टी रेंजर रोहन चौधरी का कहना है कि रविवार को सिद्ध घाट पर लगी सिद्ध बाबा की प्रतिमा और सड़क का काफी हिस्सा गंगा में समा गया। पानी लगातार बढ़ रहा है।
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एई ड्रेनेज अमित किशोर ने पिछले कई दिनों से बिजनौर बैराज से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। बृहस्पतिवार को 74503 क्यूसेक और शुक्रवार को फिर 93805 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वहीं, शनिवार को 1,12,528 क्यूसेक पानी छोड़ा और रविवार की सुबह फिर से 1,25,970 क्यूसेक पानी के बाद जलस्तर में इजाफा होने की भी संभावना जताई जा रही है। लोगों को गंगा की खादर में जाने की हिदायत दी जा रही है।
दूसरी ओर नरौरा गंगा बैराज पर पिछले चौबीस घंटे में 9166 क्यूसेक की वृद्धि के साथ बैराज से नदी की डाउन स्ट्रीम में 96219 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। जबकि शनिवार नदी की डाउन स्ट्रीम में 87053 क्यूसेक पानी की निकासी हो रही थी। सिंचाई विभाग हेडवर्क के वरिष्ठ जल लेखा सहायक देवेश कुमार ने बताया कि रविवार को बैराज से नदी की डाउन स्ट्रीम में 96219 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। जबकि गत दिवस शनिवार को बैराज से नदी की डाउन स्ट्रीम में 87053 क्यूसेक पानी की निकासी हो रही थी। बैराज से निकली एलजीसी नहर में 8,099 क्यूसेक व पीएलजीसी नहर में 6677 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।