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खराब होने लगी हवा की सेहत, सांस रोगियों के लिए खतरा
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खराब होने लगी हवा की सेहत, सांस रोगियों के लिए खतरा
बुलंदशहर। शहर का वायु प्रदूषण फिर खतरे की और बढ़ने लगा है। बारिश के दौरान जहां जिले का एक्यूआई 50 के करीब पहुंच गया था। वहीं, बारिश के बाद एक्यूआई में दिन-प्रतिदिन उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को जिले का एक्यूआई 165 मापा गया।
हवा की सेहत खराब होने के कारण सांस और अस्थमा के रोगियों की मुश्किलें बढ़ जाएंगी। चिकित्सकों के अनुसार, सांस के रोगियों को घर से बाहर कम से कम निकलना चाहिए। कोई भी परेशानी होने पर पंजीकृत चिकित्सक से परामर्श के बाद दवा लें। साथ ही मास्क का प्रयोग जरूर करें। दिवाली से पूर्व जनपद की हवा फिर खराब होने लगी है। बारिश से पूर्व जिले का एक्यूआई जहां 300 के करीब पहुंच गया था। वहीं, बारिश से तीन दिन तक एक्यूआई 100 के करीब रहा। अब फिर से जिले का एक्यूआई बढ़ने लगा है। बृहस्पतिवार को जिले का एक्यूआई जहां 200 से अधिक मापा गया तो वहीं, शुक्रवार को 200 से कम रहा।
एक्यूआई बढ़ने के ये भी है कारण
जिले में एक्यूआई बढ़ने के कई कारण हैं। निर्माण कार्य, ईट भट्ठे और सड़कों पर दौड़ रहे वाहनों से प्रदूषण फैल रहा है। इससे हवा की गुणवत्ता खराब हो रही है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है। प्रदूषण विभाग के जेई संतोष कुमार ने बताया कि वायु प्रदूषण को बढ़ने से रोकने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। फैक्टरी और कारखानों के साथ ईट भट्ठों पर कार्रवाई की जा रही है। साथ ही धूल को उड़ने से रोकने के लिए पानी का छिड़काव कराया जा रहा है।
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बुलंदशहर। शहर का वायु प्रदूषण फिर खतरे की और बढ़ने लगा है। बारिश के दौरान जहां जिले का एक्यूआई 50 के करीब पहुंच गया था। वहीं, बारिश के बाद एक्यूआई में दिन-प्रतिदिन उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को जिले का एक्यूआई 165 मापा गया।
हवा की सेहत खराब होने के कारण सांस और अस्थमा के रोगियों की मुश्किलें बढ़ जाएंगी। चिकित्सकों के अनुसार, सांस के रोगियों को घर से बाहर कम से कम निकलना चाहिए। कोई भी परेशानी होने पर पंजीकृत चिकित्सक से परामर्श के बाद दवा लें। साथ ही मास्क का प्रयोग जरूर करें। दिवाली से पूर्व जनपद की हवा फिर खराब होने लगी है। बारिश से पूर्व जिले का एक्यूआई जहां 300 के करीब पहुंच गया था। वहीं, बारिश से तीन दिन तक एक्यूआई 100 के करीब रहा। अब फिर से जिले का एक्यूआई बढ़ने लगा है। बृहस्पतिवार को जिले का एक्यूआई जहां 200 से अधिक मापा गया तो वहीं, शुक्रवार को 200 से कम रहा।
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एक्यूआई बढ़ने के ये भी है कारण
जिले में एक्यूआई बढ़ने के कई कारण हैं। निर्माण कार्य, ईट भट्ठे और सड़कों पर दौड़ रहे वाहनों से प्रदूषण फैल रहा है। इससे हवा की गुणवत्ता खराब हो रही है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है। प्रदूषण विभाग के जेई संतोष कुमार ने बताया कि वायु प्रदूषण को बढ़ने से रोकने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। फैक्टरी और कारखानों के साथ ईट भट्ठों पर कार्रवाई की जा रही है। साथ ही धूल को उड़ने से रोकने के लिए पानी का छिड़काव कराया जा रहा है।
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