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बिना एसडीओ बिजली चोरी की चेकिंग नहीं कर सकेंगे कर्मचारी
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बिना एसडीओ बिजली चोरी की चेकिंग नहीं कर सकेंगे कर्मचारी
बुलंदशहर। गांवों में बिजली चोरी रोकने के लिए अब जेई अपनी टीम लेकर नहीं जा सकेंगे। शुक्रवार को भाकियू पदाधिकारी और चीफ इंजीनियर के बीच हुई वार्ता में इसका आश्वासन दिया गया है। भाकियू के पूर्व जिलाध्यक्ष गुड्डू प्रधान ने बताया कि किसानों पर दर्ज किए गए बिजली चोरी के फर्जी मुकदमे भी वापस लेने का आश्वासन दिया गया है।
भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने सोमवार को बिजली निगम के चीफ इंजीनियर कार्यालय पर प्रदर्शन किया था। आरोप लगाया था कि बिजली निगम के जेई और विजिलेंस टीम गांवों में पहुंचकर बिजली चोरी के फर्जी केस बनाती है और अवैध वसूली के लिए दबाव बनाती है। उन्होंने विजिलेंस जेई समेत अन्य जेई की संपत्ति की जांच की मांग भी की थी। चीफ इंजीनियर के कार्यक्रम में व्यस्त होने के कारण वार्ता के लिए शुक्रवार का समय दिया गया था। शुक्रवार को भाकियू के पूर्व जिलाध्यक्ष गुड्डू प्रधान के नेतृत्व में किसान और चीफ इंजीनियर के बीच वार्ता की गई। वार्ता के दौरान किसानों पर दर्ज फर्जी मुकदमों को वापस लेने और बिना एसडीओ के गांवों में बिजली चेकिंग न करने की सहमति बनी। साथ ही तय किया कि यदि कोई भी बिजली कर्मचारी गांव में बिजली चेकिंग के नाम पर लोगों को परेशान करता है तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी।
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बुलंदशहर। गांवों में बिजली चोरी रोकने के लिए अब जेई अपनी टीम लेकर नहीं जा सकेंगे। शुक्रवार को भाकियू पदाधिकारी और चीफ इंजीनियर के बीच हुई वार्ता में इसका आश्वासन दिया गया है। भाकियू के पूर्व जिलाध्यक्ष गुड्डू प्रधान ने बताया कि किसानों पर दर्ज किए गए बिजली चोरी के फर्जी मुकदमे भी वापस लेने का आश्वासन दिया गया है।
भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने सोमवार को बिजली निगम के चीफ इंजीनियर कार्यालय पर प्रदर्शन किया था। आरोप लगाया था कि बिजली निगम के जेई और विजिलेंस टीम गांवों में पहुंचकर बिजली चोरी के फर्जी केस बनाती है और अवैध वसूली के लिए दबाव बनाती है। उन्होंने विजिलेंस जेई समेत अन्य जेई की संपत्ति की जांच की मांग भी की थी। चीफ इंजीनियर के कार्यक्रम में व्यस्त होने के कारण वार्ता के लिए शुक्रवार का समय दिया गया था। शुक्रवार को भाकियू के पूर्व जिलाध्यक्ष गुड्डू प्रधान के नेतृत्व में किसान और चीफ इंजीनियर के बीच वार्ता की गई। वार्ता के दौरान किसानों पर दर्ज फर्जी मुकदमों को वापस लेने और बिना एसडीओ के गांवों में बिजली चेकिंग न करने की सहमति बनी। साथ ही तय किया कि यदि कोई भी बिजली कर्मचारी गांव में बिजली चेकिंग के नाम पर लोगों को परेशान करता है तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी।
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