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बच्ची से दुष्कर्म के दोषी को 10 साल कारावास
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बच्ची से दुष्कर्म के दोषी को 10 साल कारावास
बुलंदशहर। आठ वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश व अतिरिक्त न्यायाधीश पॉक्सो तरुण कुमार सिंह ने एक दोषी को दस वर्ष की कठोर कारावास और दस हजार रुपये जुर्माना लगाया है। फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने कहा कि यदि आरोपी को आजीवन कारावास या फांसी की सजा होती तो उचित होता। हालांकि इसके लिए उन्होंने उच्च न्यायालय में अपील करने की बात पर कोई जवाब नहीं दिया।
विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो अधिनियम भरत कुमार शर्मा ने बताया कि 10 दिसंबर 2015 को कोतवाली नगर के एक मोहल्ला निवासी पीड़ित ने कोतवाली देहात में अपनी आठ वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि 10 दिसंबर की दोपहर करीब एक बजे उसकी आठ वर्षीय बेटी मोहल्ला की एक दुकान से घर का सामान लेने गई थी। जब वह सामान लेकर लौट रही थी तो आरोपी अतुल निवासी मोहल्ला रामविहार ने उसे दो रुपये देकर गुटखा मंगाया। जब बच्ची ने आरोपी को गुटखा लाकर दिया तो उसने बच्ची का मुंह बंद कर गोद में उठा लिया और अपने घर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। काफी देर तक जब बेटी घर नहीं पहुंची तो उसकी तलाश की गई। इस दौरान बच्ची आरोपी के घर से रोती हुई बाहर आई। जिसके बाद बच्ची ने अपने परिजनों को पूरी बात बताई थी। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए जांच की थी।
इन गवाहों के हुए बयान
दोषी अतुल कुमार को सजा देने से पूर्व मामले में पीड़िता बच्ची, महिला कांस्टेबल शिवानी और पूनम, कोतवाली निरीक्षक मिथुन दीक्षित, पीड़िता का मेडिकल करने वाली चिकित्सक डा. सायरा बानो और महिला कांस्टेबल नीरू के बयान दर्ज किए।
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बुलंदशहर। आठ वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश व अतिरिक्त न्यायाधीश पॉक्सो तरुण कुमार सिंह ने एक दोषी को दस वर्ष की कठोर कारावास और दस हजार रुपये जुर्माना लगाया है। फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने कहा कि यदि आरोपी को आजीवन कारावास या फांसी की सजा होती तो उचित होता। हालांकि इसके लिए उन्होंने उच्च न्यायालय में अपील करने की बात पर कोई जवाब नहीं दिया।
विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो अधिनियम भरत कुमार शर्मा ने बताया कि 10 दिसंबर 2015 को कोतवाली नगर के एक मोहल्ला निवासी पीड़ित ने कोतवाली देहात में अपनी आठ वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि 10 दिसंबर की दोपहर करीब एक बजे उसकी आठ वर्षीय बेटी मोहल्ला की एक दुकान से घर का सामान लेने गई थी। जब वह सामान लेकर लौट रही थी तो आरोपी अतुल निवासी मोहल्ला रामविहार ने उसे दो रुपये देकर गुटखा मंगाया। जब बच्ची ने आरोपी को गुटखा लाकर दिया तो उसने बच्ची का मुंह बंद कर गोद में उठा लिया और अपने घर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। काफी देर तक जब बेटी घर नहीं पहुंची तो उसकी तलाश की गई। इस दौरान बच्ची आरोपी के घर से रोती हुई बाहर आई। जिसके बाद बच्ची ने अपने परिजनों को पूरी बात बताई थी। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए जांच की थी।
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इन गवाहों के हुए बयान
दोषी अतुल कुमार को सजा देने से पूर्व मामले में पीड़िता बच्ची, महिला कांस्टेबल शिवानी और पूनम, कोतवाली निरीक्षक मिथुन दीक्षित, पीड़िता का मेडिकल करने वाली चिकित्सक डा. सायरा बानो और महिला कांस्टेबल नीरू के बयान दर्ज किए।
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