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डॉक्टरों की हड़ताल से एक घंटे बंद रही ओपीडी...भटकते रहे मरीज
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जिला अस्पताल में हड़ताल समाप्त होने के बाद चिकित्सक कक्ष के बाहर लगी मरीजों की लाइन।
- फोटो : BULANDSHAHR
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डॉक्टरों की हड़ताल से एक घंटे बंद रही ओपीडी...भटकते रहे मरीज
बुलंदशहर। जिला अस्पताल समेत सभी सरकारी चिकित्सालयों में बुधवार सुबह एक घंटे स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा कार्य का बहिष्कार किया गया। सुबह के समय ओपीडी बंद रहने से मरीजों को भटकना पड़ा। प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के आह्वान पर पुलिसकर्मी और भाकियू नेता पर कार्रवाई न होने के विरोध में स्वास्थ्यकर्मियों और चिकित्सकों द्वारा कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया गया। वहीं, आज यानी बृहस्पतिवार को दो घंटे कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन करने का एलान किया है।
प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के आह्वान पर बुधवार को जिला अस्पताल समेत जिले के समस्त सरकारी चिकित्सालय में एक घंटे ओपीडी सेवा ठप रही। इस दौरान चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा विरोध जताया गया। चिकित्सकों का कहना है कि 22 जुलाई को अल्ट्रासाउंड कराने आए कोतवाली नगर में तैनात आरक्षी द्वारा अल्ट्रासाउंड करने के बाद अभ्रद भाषा का प्रयोग किया गया और साथ ही नगर कोतवाल द्वारा फोन पर अभद्रता की गई। घटना के दौरान एडीएम प्रशासन और एसपी सिटी ने जिला अस्पताल आकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद 19 अगस्त को मेडिकल वार्ड में तैनात स्टाफ से एक किसान नेता द्वारा शराब पीकर अभद्रता, मारपीट और सरकारी दस्तावेज फाड़ दिए गए। इसकी रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। लेकिन अभी तक दोनों मामलों में कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब तक कार्रवाई नहीं हो जाती, तब तक प्रतिदिन कार्य का बहिष्कार कर प्रदर्शन करेंगे। वहीं, दूसरी और चिकित्सकों की हड़ताल से मरीजों को सुबह के समय भटकना पड़ा। हालांकि ओपीडी में बुधवार को 1,308 मरीजों ने पंजीकरण कराकर उपचार कराया।
सीएमओ डॉ. विनय कुमार सिंह ने बताया कि ओपीडी का समय शासन से निर्धारित है। प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा है। ओपीडी सेवा बंद रहने पर मरीज इमरजेंसी में उपचार करा सकते हैं। एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि दोनों मामलों में जांच चल रही है। जांच पूरी होने के बाद दोषी पर कार्रवाई की जाएगी।
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प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के अध्यक्ष डॉ. आशीष प्रकाश ने बताया कि दोनों घटनाओं में कार्रवाई को लेकर शासन और प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। कार्रवाई की मांग को लेकर 25 अगस्त को एक घंटे कार्य का बहिष्कार किया गया। 26 अगस्त को यह अवधि दो घंटे की रहेगी। इसके बाद भी कार्रवाई न होने पर यह अवधि प्रतिदिन एक-एक घंटा बढ़ाई जाएगी।
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बुलंदशहर। जिला अस्पताल समेत सभी सरकारी चिकित्सालयों में बुधवार सुबह एक घंटे स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा कार्य का बहिष्कार किया गया। सुबह के समय ओपीडी बंद रहने से मरीजों को भटकना पड़ा। प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के आह्वान पर पुलिसकर्मी और भाकियू नेता पर कार्रवाई न होने के विरोध में स्वास्थ्यकर्मियों और चिकित्सकों द्वारा कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया गया। वहीं, आज यानी बृहस्पतिवार को दो घंटे कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन करने का एलान किया है।
प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के आह्वान पर बुधवार को जिला अस्पताल समेत जिले के समस्त सरकारी चिकित्सालय में एक घंटे ओपीडी सेवा ठप रही। इस दौरान चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा विरोध जताया गया। चिकित्सकों का कहना है कि 22 जुलाई को अल्ट्रासाउंड कराने आए कोतवाली नगर में तैनात आरक्षी द्वारा अल्ट्रासाउंड करने के बाद अभ्रद भाषा का प्रयोग किया गया और साथ ही नगर कोतवाल द्वारा फोन पर अभद्रता की गई। घटना के दौरान एडीएम प्रशासन और एसपी सिटी ने जिला अस्पताल आकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद 19 अगस्त को मेडिकल वार्ड में तैनात स्टाफ से एक किसान नेता द्वारा शराब पीकर अभद्रता, मारपीट और सरकारी दस्तावेज फाड़ दिए गए। इसकी रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। लेकिन अभी तक दोनों मामलों में कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब तक कार्रवाई नहीं हो जाती, तब तक प्रतिदिन कार्य का बहिष्कार कर प्रदर्शन करेंगे। वहीं, दूसरी और चिकित्सकों की हड़ताल से मरीजों को सुबह के समय भटकना पड़ा। हालांकि ओपीडी में बुधवार को 1,308 मरीजों ने पंजीकरण कराकर उपचार कराया।
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सीएमओ डॉ. विनय कुमार सिंह ने बताया कि ओपीडी का समय शासन से निर्धारित है। प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा है। ओपीडी सेवा बंद रहने पर मरीज इमरजेंसी में उपचार करा सकते हैं। एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि दोनों मामलों में जांच चल रही है। जांच पूरी होने के बाद दोषी पर कार्रवाई की जाएगी।
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प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के अध्यक्ष डॉ. आशीष प्रकाश ने बताया कि दोनों घटनाओं में कार्रवाई को लेकर शासन और प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। कार्रवाई की मांग को लेकर 25 अगस्त को एक घंटे कार्य का बहिष्कार किया गया। 26 अगस्त को यह अवधि दो घंटे की रहेगी। इसके बाद भी कार्रवाई न होने पर यह अवधि प्रतिदिन एक-एक घंटा बढ़ाई जाएगी।