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रक्षाबंधन पर नहीं भद्रा का साया, गज केसरी का है संयोग
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रक्षाबंधन पर नहीं भद्रा का साया, गज केसरी का है संयोग
बुलंदशहर। रक्षाबंधन पर इस बार भद्रा का साया नहीं रहेगा। बहनें भाइयों की कलाई पर दिनभर राखी बांध सकेंगी। करीब तीन दशक बाद रक्षाबंधन पर गज केसरी योग बन रहा है। वहीं, शाम 5.17 से 6.52 बजे तक राहुकाल में राखी नहीं बांधी जाएगी।
ज्योतिषाचार्य पंडित राज शर्मा ने बताया कि इस बार रक्षाबंधन पर श्रावण पूर्णिमा के दिन का शुभारंभ धनिष्ठा नक्षत्र से रहेगा। शोभन योग के कारण इस साल खास संयोग है। शास्त्रों के अनुसार भद्राकाल में सूर्पणखा ने रावण को राखी बांधी थी। इसके बाद राम-रावण के बीच युद्ध हुआ और इसमें रावण का सबकुछ नष्ट हो गया था। भद्रा सूर्य देव की पुत्री और शनिदेव की बहन हैं। भद्रा का स्वभाव बेहद उग्र होता है। इस स्वभाव को नियंत्रित करने के लिए भगवान ब्रहा ने पंचांग के प्रमुख अंग विष्टीकरण में स्थान दिया है। ज्योतिषाचार्य के अनुसार गज केसरी योग में बहनें भाइयों को केसर का तिलक लगाकर राखी बांधें।
बहनों के लिए लगाईं 30 अतिरिक्त बसें
शासन ने इस बार भी रक्षाबंधन पर बहनों (महिलाओं) को निशुल्क यात्रा कराने की योजना बनाई है। 21 अगस्त की मध्य रात्रि से 22 अगस्त की मध्य रात्रि तक महिलाएं निगम की बसों में बिना शुल्क दिए कहीं भी आ-जा सकेंगी। साथ ही 19 अगस्त से 25 अगस्त तक निगम 30 अतिरिक्त बसें चलाएगा।
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बुलंदशहर। रक्षाबंधन पर इस बार भद्रा का साया नहीं रहेगा। बहनें भाइयों की कलाई पर दिनभर राखी बांध सकेंगी। करीब तीन दशक बाद रक्षाबंधन पर गज केसरी योग बन रहा है। वहीं, शाम 5.17 से 6.52 बजे तक राहुकाल में राखी नहीं बांधी जाएगी।
ज्योतिषाचार्य पंडित राज शर्मा ने बताया कि इस बार रक्षाबंधन पर श्रावण पूर्णिमा के दिन का शुभारंभ धनिष्ठा नक्षत्र से रहेगा। शोभन योग के कारण इस साल खास संयोग है। शास्त्रों के अनुसार भद्राकाल में सूर्पणखा ने रावण को राखी बांधी थी। इसके बाद राम-रावण के बीच युद्ध हुआ और इसमें रावण का सबकुछ नष्ट हो गया था। भद्रा सूर्य देव की पुत्री और शनिदेव की बहन हैं। भद्रा का स्वभाव बेहद उग्र होता है। इस स्वभाव को नियंत्रित करने के लिए भगवान ब्रहा ने पंचांग के प्रमुख अंग विष्टीकरण में स्थान दिया है। ज्योतिषाचार्य के अनुसार गज केसरी योग में बहनें भाइयों को केसर का तिलक लगाकर राखी बांधें।
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बहनों के लिए लगाईं 30 अतिरिक्त बसें
शासन ने इस बार भी रक्षाबंधन पर बहनों (महिलाओं) को निशुल्क यात्रा कराने की योजना बनाई है। 21 अगस्त की मध्य रात्रि से 22 अगस्त की मध्य रात्रि तक महिलाएं निगम की बसों में बिना शुल्क दिए कहीं भी आ-जा सकेंगी। साथ ही 19 अगस्त से 25 अगस्त तक निगम 30 अतिरिक्त बसें चलाएगा।
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