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भारत-चीन बॉर्डर पर आईटीबीपी के जवान की मौत
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भारत-चीन बॉर्डर पर आईटीबीपी के जवान की मौत
गुलावठी। मोहल्ला आदर्श नगर निवासी आईटीबीपी के जवान की भारत-चीन बॉर्डर पर ड्यूटी के दौरान मौत हो गई। परिजनों के अनुसार माइनस डिग्री में ड्यूटी करते समय उनकी आंतों में खून जम गया था। पार्थिव शरीर बृहस्पतिवार को गुलावठी पहुंचा तो लोगों ने उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी। सैनिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
नीरज शर्मा (52) पुत्र स्व.जयदेव शर्मा आईटीबीपी में हेड कांस्टेबल थे। वह अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन बॉर्डर पर ड्यूटी कर रहे थे। मृतक के पुत्र कृष्णकांत शर्मा ने बताया कि बुधवार कोे माइनस डिग्री तापमान में ड्यूटी के दौरान उनके पिता नीरज शर्मा की तबीयत खराब हो गई। उनके साथी उन्हें अस्पताल ले गए, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि ड्यूटी के दौरान उनके पिता शहीद हुए हैं। आईटीबीपी के असिस्टेंट कमांडेंट पंकज शर्मा ने उन्हें फ ोन पर मौत की सूचना दी। उन्होंने बताया कि भारत-चीन बॉर्डर पर ड्यूटी के दौरान नीरज शर्मा की आंतों में ब्लीडिंग हो गई, जिससे उनकी मौत हुई।
12 जुलाई को फोन पर हुई थी बात
नीरज शर्मा अपने पीछे पत्नी, पुत्र कृष्णकांत शर्मा एवं पुत्री अंकिता को छोड़ गए हैं। उनके पुत्र कृष्णकांत शर्मा ने बताया कि उनके पिता दो साल बाद रिटायर्ड होने वाले थे। गत 12 जुलाई को वीडियो कॉल पर उनसे कुछ देर के लिए बात हुई थी। उन्होंने बताया कि उनके पिता 1989 में आईटीबीपी में भर्ती हुए थे तथा तभी से अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन बॉर्डर पर ड्यूटी कर रहे थे।
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शहीद का दर्जा देने की मांग
परिजनों ने आईटीबीपी के जवान नीरज शर्मा को शहीद का दर्जा देने की मांग की है। मृतक के भतीजे सौरभ शर्मा, पुत्र कृष्णकांत शर्मा का कहना है कि माइनस डिग्री में ड्यूटी के दौरान उनकी मौत हुई है। इसलिए उन्हें शहीद का दर्जा दिया जाए।
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गुलावठी। मोहल्ला आदर्श नगर निवासी आईटीबीपी के जवान की भारत-चीन बॉर्डर पर ड्यूटी के दौरान मौत हो गई। परिजनों के अनुसार माइनस डिग्री में ड्यूटी करते समय उनकी आंतों में खून जम गया था। पार्थिव शरीर बृहस्पतिवार को गुलावठी पहुंचा तो लोगों ने उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी। सैनिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
नीरज शर्मा (52) पुत्र स्व.जयदेव शर्मा आईटीबीपी में हेड कांस्टेबल थे। वह अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन बॉर्डर पर ड्यूटी कर रहे थे। मृतक के पुत्र कृष्णकांत शर्मा ने बताया कि बुधवार कोे माइनस डिग्री तापमान में ड्यूटी के दौरान उनके पिता नीरज शर्मा की तबीयत खराब हो गई। उनके साथी उन्हें अस्पताल ले गए, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि ड्यूटी के दौरान उनके पिता शहीद हुए हैं। आईटीबीपी के असिस्टेंट कमांडेंट पंकज शर्मा ने उन्हें फ ोन पर मौत की सूचना दी। उन्होंने बताया कि भारत-चीन बॉर्डर पर ड्यूटी के दौरान नीरज शर्मा की आंतों में ब्लीडिंग हो गई, जिससे उनकी मौत हुई।
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12 जुलाई को फोन पर हुई थी बात
नीरज शर्मा अपने पीछे पत्नी, पुत्र कृष्णकांत शर्मा एवं पुत्री अंकिता को छोड़ गए हैं। उनके पुत्र कृष्णकांत शर्मा ने बताया कि उनके पिता दो साल बाद रिटायर्ड होने वाले थे। गत 12 जुलाई को वीडियो कॉल पर उनसे कुछ देर के लिए बात हुई थी। उन्होंने बताया कि उनके पिता 1989 में आईटीबीपी में भर्ती हुए थे तथा तभी से अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन बॉर्डर पर ड्यूटी कर रहे थे।
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शहीद का दर्जा देने की मांग
परिजनों ने आईटीबीपी के जवान नीरज शर्मा को शहीद का दर्जा देने की मांग की है। मृतक के भतीजे सौरभ शर्मा, पुत्र कृष्णकांत शर्मा का कहना है कि माइनस डिग्री में ड्यूटी के दौरान उनकी मौत हुई है। इसलिए उन्हें शहीद का दर्जा दिया जाए।