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किसानों का 29 करोड़ बकाया, गेहूं खरीद की रफ्तार पड़ी धीमी
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किसानों का 29 करोड़ बकाया, गेहूं खरीद की रफ्तार पड़ी धीमी
बुलंदशहर। जनपद में सरकारी गेहूं की खरीद जारी है। अभी तक 111 क्रय केंद्रों पर 40649.22 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। इसकी कीमत 80 करोड़ से अधिक बनती है। इसमें से किसानों को 51 करोड़ का भुगतान कर दिया गया है, जबकि 29 करोड़ का भुगतान अभी भी बकाया चल रहा है।
जनपद में गेहूं की खरीद गत एक अप्रैल से शुरू हो चुकी थी। गेहूं 1975 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है। शुरुआत में गेहूं की खरीद धीमी रही, लेकिन बाद में कुछ तेजी पकड़ गई। गेहूं खरीद के लिए 112 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इस बार शासन से गेहूं खरीद का लक्ष्य नहीं मिला है।
इनमें से गेहूं खरीद करने वाली एजेंसी खाद्य विभाग को 15, पीसीएफ को 90, मंडी परिषद को तीन और भारतीय खाद्य निगम को चार क्रय केंद्र आवंटित किए गए हैं। इनमें से अभी तक 111 क्रय केंद्रों पर ही खरीद हो रही है, जबकि एक क्रय केंद्र पर अभी तक गेहूं की खरीद एक माह बीत जाने के बाद भी शुरू नहीं हो सकी है। वहीं, शासन के आदेश के बावजूद भी अभी तक किसानों के गेहूं का भुगतान निर्धारित 72 घंटे के भीतर नहीं हो रहा है। 111 क्रय केंद्रों पर अभी तक 40649.22 मीट्रिक टन गेहूं गेहूं की खरीद हो सकी है। अभी तक यह गेहूं 10,873 किसानों से ही खरीदा गया है। अफसरों के अनुसार अभी तक 80.28 करोड़ स अधिक का गेहूं खरीदा गया है। इसमें से 51,04 करोड़ का भुगतान कर दिया है, जबकि 29.23 करोड़ की राशि का भुगतान शेष चल रहा है। इस शेष भुगतान को करवाने के लिए तैयारी अंतिम चरण में है और जल्द ही यह राशि किसानों के खातों में पहुंच जाएगी।
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बुलंदशहर। जनपद में सरकारी गेहूं की खरीद जारी है। अभी तक 111 क्रय केंद्रों पर 40649.22 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। इसकी कीमत 80 करोड़ से अधिक बनती है। इसमें से किसानों को 51 करोड़ का भुगतान कर दिया गया है, जबकि 29 करोड़ का भुगतान अभी भी बकाया चल रहा है।
जनपद में गेहूं की खरीद गत एक अप्रैल से शुरू हो चुकी थी। गेहूं 1975 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है। शुरुआत में गेहूं की खरीद धीमी रही, लेकिन बाद में कुछ तेजी पकड़ गई। गेहूं खरीद के लिए 112 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इस बार शासन से गेहूं खरीद का लक्ष्य नहीं मिला है।
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इनमें से गेहूं खरीद करने वाली एजेंसी खाद्य विभाग को 15, पीसीएफ को 90, मंडी परिषद को तीन और भारतीय खाद्य निगम को चार क्रय केंद्र आवंटित किए गए हैं। इनमें से अभी तक 111 क्रय केंद्रों पर ही खरीद हो रही है, जबकि एक क्रय केंद्र पर अभी तक गेहूं की खरीद एक माह बीत जाने के बाद भी शुरू नहीं हो सकी है। वहीं, शासन के आदेश के बावजूद भी अभी तक किसानों के गेहूं का भुगतान निर्धारित 72 घंटे के भीतर नहीं हो रहा है। 111 क्रय केंद्रों पर अभी तक 40649.22 मीट्रिक टन गेहूं गेहूं की खरीद हो सकी है। अभी तक यह गेहूं 10,873 किसानों से ही खरीदा गया है। अफसरों के अनुसार अभी तक 80.28 करोड़ स अधिक का गेहूं खरीदा गया है। इसमें से 51,04 करोड़ का भुगतान कर दिया है, जबकि 29.23 करोड़ की राशि का भुगतान शेष चल रहा है। इस शेष भुगतान को करवाने के लिए तैयारी अंतिम चरण में है और जल्द ही यह राशि किसानों के खातों में पहुंच जाएगी।
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