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डीएम आवास पर पूर्व विधायक ने दिया धरना
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डीएम आवास पर पूर्व विधायक ने दिया धरना
औरंगाबाद। जिला पंचायत के वार्ड-52 पर परिणाम को लेकर मंगलवार तड़के तक हाईवोल्टेज ड्रामा चला। रालोद प्रत्याशी मनोज रानी 403 वोटों से चुनाव जीत गई। प्रतिद्वंद्वी भाजपा प्रत्याशी ने री-काउंटिंग की मांग करते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। इधर, जीत का प्रमाणपत्र न मिलने पर प्रत्याशी समेत पूर्व विधायक स्याना व समर्थक आधी रात डीएम आवास के बाहर धरने पर बैठ गए। जयंत चौधरी और कमिश्नर के हस्तक्षेप पर रात 3.30 बजे मनोज रानी को जीत का प्रमाणपत्र मिल सका।
जहांगीराबाद ब्लॉक क्षेत्र में जिला पंचायत का वार्ड 52 है। रविवार से चल रही मतगणना के बाद सोमवार शाम रालोद प्रत्याशी 403 वोटों से चुनाव जीत गईं। मनोज रानी ने भाजपा प्रत्याशी आलोक कुमार को कड़ी टक्कर देकर हरा दिया। मतगणना कर रहे अधिकारियों ने जीत के बाद प्रत्याशी को यह कहकर घर भेज दिया कि डीएम के यहां से ही जीत का प्रमाणपत्र मिलेगा। मनोज रानी के वहां से लौटते ही भाजपा के प्रत्याशी आलोक ने री-काउंटिंग की मांग को लेकर मौके पर हंगामा किया। वहां मौजूद रालोद नेता सुनील चरौरा ने री-काउंटिंग का विरोध किया। पूर्व विधायक दिलनवाज खान ने डीएम-सीडीओ को फोन कर जहांगीराबाद ब्लॉक पर तैनात अधिकारियों पर धांधलेबाजी का आरोप लगाकर शिकायत की। रात 11 बजे पूर्व विधायक ने विजेता प्रत्याशी मनोज रानी और समर्थकों को डीएम आवास पर बुला लिया और रालोद जिलाध्यक्ष अरुण चौधरी सहित सभी लोग धरने पर बैठ गए। पूर्व विधायक दिलनवाज खान ने रालोद नेता जयंत चौधरी को मामले से अवगत कराया। मेरठ कमिश्नर सुरेंद्र कुमार से शिकायत की। दिलनवाज खान ने खुद सीएम योगी आदित्यनाथ और चुनाव निर्वाचन आयोग को ट्वीट किया। इसके बाद डीएम रविंद्र कुमार ने तत्काल जहांगीराबाद ब्लॉक के आरओ को सिटी मजिस्ट्रेट के यहां बुला लिया। रात 3.30 बजे सिटी मजिस्ट्रेट ने विजेता प्रत्याशी मनोज रानी को जीत का प्रमाण पत्र दिया। तब जाकर मामला शांत हो सका।
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औरंगाबाद। जिला पंचायत के वार्ड-52 पर परिणाम को लेकर मंगलवार तड़के तक हाईवोल्टेज ड्रामा चला। रालोद प्रत्याशी मनोज रानी 403 वोटों से चुनाव जीत गई। प्रतिद्वंद्वी भाजपा प्रत्याशी ने री-काउंटिंग की मांग करते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। इधर, जीत का प्रमाणपत्र न मिलने पर प्रत्याशी समेत पूर्व विधायक स्याना व समर्थक आधी रात डीएम आवास के बाहर धरने पर बैठ गए। जयंत चौधरी और कमिश्नर के हस्तक्षेप पर रात 3.30 बजे मनोज रानी को जीत का प्रमाणपत्र मिल सका।
जहांगीराबाद ब्लॉक क्षेत्र में जिला पंचायत का वार्ड 52 है। रविवार से चल रही मतगणना के बाद सोमवार शाम रालोद प्रत्याशी 403 वोटों से चुनाव जीत गईं। मनोज रानी ने भाजपा प्रत्याशी आलोक कुमार को कड़ी टक्कर देकर हरा दिया। मतगणना कर रहे अधिकारियों ने जीत के बाद प्रत्याशी को यह कहकर घर भेज दिया कि डीएम के यहां से ही जीत का प्रमाणपत्र मिलेगा। मनोज रानी के वहां से लौटते ही भाजपा के प्रत्याशी आलोक ने री-काउंटिंग की मांग को लेकर मौके पर हंगामा किया। वहां मौजूद रालोद नेता सुनील चरौरा ने री-काउंटिंग का विरोध किया। पूर्व विधायक दिलनवाज खान ने डीएम-सीडीओ को फोन कर जहांगीराबाद ब्लॉक पर तैनात अधिकारियों पर धांधलेबाजी का आरोप लगाकर शिकायत की। रात 11 बजे पूर्व विधायक ने विजेता प्रत्याशी मनोज रानी और समर्थकों को डीएम आवास पर बुला लिया और रालोद जिलाध्यक्ष अरुण चौधरी सहित सभी लोग धरने पर बैठ गए। पूर्व विधायक दिलनवाज खान ने रालोद नेता जयंत चौधरी को मामले से अवगत कराया। मेरठ कमिश्नर सुरेंद्र कुमार से शिकायत की। दिलनवाज खान ने खुद सीएम योगी आदित्यनाथ और चुनाव निर्वाचन आयोग को ट्वीट किया। इसके बाद डीएम रविंद्र कुमार ने तत्काल जहांगीराबाद ब्लॉक के आरओ को सिटी मजिस्ट्रेट के यहां बुला लिया। रात 3.30 बजे सिटी मजिस्ट्रेट ने विजेता प्रत्याशी मनोज रानी को जीत का प्रमाण पत्र दिया। तब जाकर मामला शांत हो सका।
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