Bulandshahr Chemical Factory Blast: पहले तंत्र-मंत्र करता था राजकुमार, फिर इंटरनेट से सीखा पेंट-पॉलिश का काम
पूछताछ में राजकुमार ने बताया कि वह पहले तंत्र-मंत्र का काम करता था। कुछ महीने पहले ही उसने इंटरनेट पर पेंट और लकड़ी की वस्तुओं पर होने वाली पॉलिश को बनाने का तरीका सीखा।
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फैक्टरी मालिक राजकुमार की गिरफ्तारी के बाद परत दर परत राज खुल रहे हैं। पूछताछ में राजकुमार ने बताया कि उसने कुछ महीने पहले ही इंटरनेट पर पेंट-पॉलिश बनाने का तरीका सीखा था। पूरे माल की जनपद व गैरजनपदों में सप्लाई का जिम्मा उसके भाई विनोद का था। विस्फोट के बाद राजकुमार घटनास्थल पर भी गया लेकिन डर के अपने साथी प्रशांत के साथ दिल्ली भाग गया।
पूछताछ में राजकुमार ने बताया कि वह पहले तंत्र-मंत्र का काम करता था। कुछ महीने पहले ही उसने इंटरनेट पर पेंट और लकड़ी की वस्तुओं पर होने वाली पॉलिश को बनाने का तरीका सीखा। कई दिन तक बनाने की प्रैक्टिस करने के बाद में केमिकल और अन्य सामग्री एकत्र करना शुरू किया।
रसायनों के बारे में उसे पहले से ही अच्छी जानकारी थी। इस कारण अधिक परेशानी नहीं हुई। गैर राज्यों व जनपदों से सामग्री मंगाता था। जिस मकान में विस्फोट हुआ उसे करीब तीन माह पहले सतीश से किराये पर ली थी। तभी से वहां काम शुरू कर दिया था। भाई विनोद, भाई की पत्नी बबीता, मामा नौबतराम और सेंगा जगतपुर निवासी युवक अभिषेक फैक्टरी में काम करते थे। चंद्रपाल वहां गार्ड था।
पूरे माल की सप्लाई की जिम्मेदारी भाई विनोद को दी हुई थी। बुलंदशहर और दूसरे जिलों में लकड़ी और फर्नीचर की दुकानों पर इस माल की सप्लाई करता था। इससे अच्छी खासी आमदनी होती थी। पुलिस पूछताछ में राजकुमार ने बताया कि वह 10वीं कक्षा तक पढ़ा है। आगे वह नहीं पढ़ पाया। उसने कुछ ही माह में इस कारोबार से काफी धन कमा लिया था।
जमींदोज फैक्टरी देखकर उसे यकीन हो गया था कि कोई नहीं बचा
पूछताछ में राजकुमार ने बताया कि वह विस्फोट के बाद बाइक लेकर फैक्टरी पहुंचा था। वहां का मंजर देख कर बुरी तरह से सहम गया। चारों तरफ मलबा पड़ा हुआ था। भीड़ भी मौके पर एकत्र हो चुकी थी। फैक्टरी का जमींदोज मलबा देख उसे यकीन हो गया था कि वहां काम कर रहे उसके भाई, भाभी और मामा समेत सभी की मौत हो चुकी है। इसके बाद डर की वजह से वह एक साथी के साथ दिल्ली चला गया।
प्रशांत ने दिलाया था गोदाम
राजकुमार का एक अन्य गोदाम पुलिस ने शनिवार को चार यार रोड पर पकड़कर सील किया था। राजकुमार ने बताया कि उस गोदाम को उसके साथी प्रशांत ने दिलाया था। हादसे के बाद भी प्रशांत उसके साथ ही था। जल्द ही दोनों मिलकर वाशिंग पाउडर बनाने की नई फैक्टरी लगाने वाले थे।