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एलआईसी में फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र लगाकर किया हजारों का गबन

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 30 Oct 2019 11:42 PM IST
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फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र लगाकर किया हजारों का गबन
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डिबाई। एक ओर लोग एलआईसी में जीवन की अपनी जमापूंजी एकत्रित कर बीमा खरीदते हैं तो वहीं कुछ शातिर लोग एलआईसी पॉलिसी का गलत इस्तेमाल करने से बाज नहीं आते हैं। वहीं, अब क्षेत्र निवासी एक एलआईसी एजेंट ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर हजारों रुपये की ठगी एलआईसी डिबाई शाखा से की। मामले की जानकारी होने पर शाखा प्रबंधक ने पुलिस को शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो सकी। इसके बाद पीड़ित ने अब एसीजेएम न्यायालय डिबाई में आरोपियों के खिलाफ याचिका दायर की है।
डिबाई स्थित भारतीय जीवन बीमा निगम के शाखा प्रबंधक अलीम अहमद ने एक याचिका एसीजेएम न्यायालय डिबाई में दायर की है। जिसमें उन्होंने बताया कि नगर के मोहल्ला चौबला पेंच निवासी गौरव अग्रवाल एलआईसी में एजेंट है। आरोप है कि एजेंट के माध्यम से नरेंद्र कुमार ने एक पॉलिसी ली थी। गत 21 फरवरी 2012 को नरेंद्र कुमार की पत्नी रजनी देवी ने यह सूचना दी कि उनके पति नरेंद्र की गत 10 फरवरी 2012 को मौत हो गई है। इस सूचना में उसने अपना पता गांव अमरपुर पोस्ट दोरऊ लिखा था। रजनी देवी ने इसके साथ अपने पति का मृत्यु प्रमाण पत्र भी दिया था। जिसे निवर्तमान विकास अधिकारी द्वारा प्रमाणित किया गया था। जिस पर शाखा ने तीन मार्च 2012 को रजनीदेवी के खाते में 97109 रुपये का भुगतान कर दिया था।
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ऐसे पकड़ में आई फर्जी दस्तावेज की चोरी
शाखा प्रबंधक ने बताया कि क्षेत्रीय कार्यालय प्रबंधक कानपुर व तत्कालीन प्रबंधक वित्त व लेखा मंडल कार्यालय अलीगढ़ के निर्देश पर नियमित रूप से शाखा कार्यालय स्तर पर मृत्यु दावा पत्रावलियों की आंतरिक विभागीय जांच महत्वपूर्ण बिंदुओं पर कराई गई थी। जिसमें सामने आया था कि नरेंद्र कुमार की मृत्यु का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र का प्रयोग गलत रूप से किया गया है।
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रजनी के खाते से गौरव के खाते में ट्रांसफर हुई धनराशि
वहीं, मामले की गहनता से जांच कराने में सामने आया कि धनराशि रजनी के खाते तीन मार्च 2012 को पहुंच गई थी। जिसे रजनी ने तीन दिन बाद यानि छह मार्च 2012 को एजेंट गौरव अग्रवाल के खाते में स्थानांतरित कर दिया था।

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पूर्व में भी कर चुके थे गबन
शाखा प्रबंधक ने बताया कि डिबाई शाखा से पूर्व भी आरोपियों ने एक गबन अलीगढ़ की मैरिस रोड एलआईसी शाखा में किया था। आरोपी रजनी व गौरव अग्रवाल ने नरेंद्र की मौत का एक अन्य फर्जी प्रमाण पत्र पांच जुलाई 2011 को उक्त शाखा में दिया था। जिसमें नरेंद्र की मौत दो जुलाई को होना बताया गया था।
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