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नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों को मिलेगा भरा खजाना
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नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों को मिलेगा भरा खजाना
बुलंदशहर। जनपद के नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों को गांवों में विकास कार्य कराने के लिए धन के अभाव का सामना नहीं करना पड़ेगा। चुनाव जीतते ही 940 ग्राम प्रधानों को ग्राम पंचायत के खाते में खजाना भरा मिलेगा। ग्राम पंचायतों के खातों में 15 करोड़ से अधिक की धनराशि शेष बची हुई है। शपथ ग्रहण के बाद ग्राम प्रधान गांव में विकास कार्य कराने के लिए अपनी कार्य योजना बनाकर पंचायतराज विभाग को देंगे। प्रशासन से स्वीकृति मिलने के बाद गांव में विकास कार्य करा सकेंगे। छह गांवों में उपचुनाव की प्रक्रिया चल रही है और इन्हें भी जल्द प्रधान मिल जाएंगे।
जनपद की ग्राम पंचायतों में पूर्व प्रधानों का कार्यकाल गत वर्ष 25 दिसंबर को समाप्त हुआ था। इसके बाद सभी ग्राम पंचायतों में ब्लॉकवार शासन के आदेश पर प्रशासक नियुक्त कर दिए गए थे। कुछ हद तक प्रशासक की देखरेख में गांवों में अधूरे कार्यों को पूरा कराया गया। इससे पहले ग्राम पंचायतों को 15वें वित्त आयोग व राज्य वित्त आयोग मद के तहत ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायतों में विकास कार्य कराने के लिए करीब 90 करोड़ से अधिक रुपये की धनराशि जिले को आवंटित हुई थी। प्रधानों द्वारा इस राशि से गांवों में विकास कार्य कराए गए थे। लेकिन पंचायत चुनाव की आचार संहिता के चलते करीब 15 करोड़ की राशि ग्राम पंचायत निधि के खातों में रह गई थी। आचार संहिता की बंदिश के चलते गांवों में विकास नहीं कराए जा सके। अब पंचायत चुनाव जीतने वाले ग्राम प्रधानों को खजाना भरा मिलेगा। उनकी ग्राम पंचायतों के खातों में कई-कई लाख रुपये की धनराशि गांवों के विकास के लिए हैं। ऐसे में ग्राम प्रधानों को गांवों में विकास कार्य कराने के लिए धन अभाव का सामना नहीं करना पड़ेगा। हालांकि इस राशि को खर्च करने से पहले ग्राम प्रधानों को कार्य योजना प्रस्तुत करनी होगी। इसके बाद वह राशि को विकास कार्यों में खर्च कर सकेंगे।
इन छह ग्राम पंचायतों में होंगे उपचुनाव
जिले की छह ग्राम पंचायतों में उप चुनाव होंगे। जिला प्रशासन द्वारा इसके लिए प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इसमें सिकंदराबाद के दुल्हैरा, रिटौली, बीबीनगर के निखोब, अनूपशहर के ऐंचोरा, अगौता के सूजापुर, डिबाई के रामपुर और दानपुर के शहदवां गांव में उपचुनाव की प्रक्रिया चल रही है। मतगणना होने के बाद इन गांवों को भी प्रधान मिल जाएंगे और सभी ग्राम पंचायतों में पूर्ण रूप से सरकार का गठन हो जाएगा।
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कोरम पूरा न होने पर नहीं लेंगे शपथ, न करा पाएंगे काम
चुनाव जीतने के बाद कई प्रधान कोरम पूरा न होने पर प्रधान पद की शपथ नहीं ले सकेंगे। ऐसे में उन्हें गांव के विकास के लिए सरकारी पैसे खर्च करने के लिए इंतजार करना पड़ेगा। पंचायतीराज अधिनियम के तहत ग्राम प्रधान के साथ गांव की आबादी के हिसाब से 11 से 15 की संख्या में पंचायत सदस्यों का होना जरूरी है। लेकिन जनपद में 12.147 ग्राम पंचायत सदस्याें में से दो हजार से अधिक ग्राम पंचायत सदस्यों ने चुनाव ही नहीं लड़ा है। ऐसे में इनसे संबंधित ग्राम पंचायतों के नए प्रधानों को ग्राम समिति के गठन तक इंतजार करना होगा। बिना कोरम पूरा किए नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान न तो शपथ ले सकेंगे और न ही गांव में किसी तरह का काम कर पाएंगे।
जिला पंचायत राज अधिकारी नंदलाल = ग्राम पंचायतों के खातों में राशि है। वित्त आयोग से यह राशि पूर्व में मिली थी। आचार संहिता के चलते राशि खर्च नहीं हो सकी थी। प्रशासकों ने राशि से कुछ भुगतान भी किया है। इस राशि से गांवों में विकास कार्य कराए जाएंगे। शपथ ग्रहण के बाद प्रस्ताव लेने शुरू किए जाएंगे।
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बुलंदशहर। जनपद के नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों को गांवों में विकास कार्य कराने के लिए धन के अभाव का सामना नहीं करना पड़ेगा। चुनाव जीतते ही 940 ग्राम प्रधानों को ग्राम पंचायत के खाते में खजाना भरा मिलेगा। ग्राम पंचायतों के खातों में 15 करोड़ से अधिक की धनराशि शेष बची हुई है। शपथ ग्रहण के बाद ग्राम प्रधान गांव में विकास कार्य कराने के लिए अपनी कार्य योजना बनाकर पंचायतराज विभाग को देंगे। प्रशासन से स्वीकृति मिलने के बाद गांव में विकास कार्य करा सकेंगे। छह गांवों में उपचुनाव की प्रक्रिया चल रही है और इन्हें भी जल्द प्रधान मिल जाएंगे।
जनपद की ग्राम पंचायतों में पूर्व प्रधानों का कार्यकाल गत वर्ष 25 दिसंबर को समाप्त हुआ था। इसके बाद सभी ग्राम पंचायतों में ब्लॉकवार शासन के आदेश पर प्रशासक नियुक्त कर दिए गए थे। कुछ हद तक प्रशासक की देखरेख में गांवों में अधूरे कार्यों को पूरा कराया गया। इससे पहले ग्राम पंचायतों को 15वें वित्त आयोग व राज्य वित्त आयोग मद के तहत ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायतों में विकास कार्य कराने के लिए करीब 90 करोड़ से अधिक रुपये की धनराशि जिले को आवंटित हुई थी। प्रधानों द्वारा इस राशि से गांवों में विकास कार्य कराए गए थे। लेकिन पंचायत चुनाव की आचार संहिता के चलते करीब 15 करोड़ की राशि ग्राम पंचायत निधि के खातों में रह गई थी। आचार संहिता की बंदिश के चलते गांवों में विकास नहीं कराए जा सके। अब पंचायत चुनाव जीतने वाले ग्राम प्रधानों को खजाना भरा मिलेगा। उनकी ग्राम पंचायतों के खातों में कई-कई लाख रुपये की धनराशि गांवों के विकास के लिए हैं। ऐसे में ग्राम प्रधानों को गांवों में विकास कार्य कराने के लिए धन अभाव का सामना नहीं करना पड़ेगा। हालांकि इस राशि को खर्च करने से पहले ग्राम प्रधानों को कार्य योजना प्रस्तुत करनी होगी। इसके बाद वह राशि को विकास कार्यों में खर्च कर सकेंगे।
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इन छह ग्राम पंचायतों में होंगे उपचुनाव
जिले की छह ग्राम पंचायतों में उप चुनाव होंगे। जिला प्रशासन द्वारा इसके लिए प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इसमें सिकंदराबाद के दुल्हैरा, रिटौली, बीबीनगर के निखोब, अनूपशहर के ऐंचोरा, अगौता के सूजापुर, डिबाई के रामपुर और दानपुर के शहदवां गांव में उपचुनाव की प्रक्रिया चल रही है। मतगणना होने के बाद इन गांवों को भी प्रधान मिल जाएंगे और सभी ग्राम पंचायतों में पूर्ण रूप से सरकार का गठन हो जाएगा।
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कोरम पूरा न होने पर नहीं लेंगे शपथ, न करा पाएंगे काम
चुनाव जीतने के बाद कई प्रधान कोरम पूरा न होने पर प्रधान पद की शपथ नहीं ले सकेंगे। ऐसे में उन्हें गांव के विकास के लिए सरकारी पैसे खर्च करने के लिए इंतजार करना पड़ेगा। पंचायतीराज अधिनियम के तहत ग्राम प्रधान के साथ गांव की आबादी के हिसाब से 11 से 15 की संख्या में पंचायत सदस्यों का होना जरूरी है। लेकिन जनपद में 12.147 ग्राम पंचायत सदस्याें में से दो हजार से अधिक ग्राम पंचायत सदस्यों ने चुनाव ही नहीं लड़ा है। ऐसे में इनसे संबंधित ग्राम पंचायतों के नए प्रधानों को ग्राम समिति के गठन तक इंतजार करना होगा। बिना कोरम पूरा किए नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान न तो शपथ ले सकेंगे और न ही गांव में किसी तरह का काम कर पाएंगे।
जिला पंचायत राज अधिकारी नंदलाल = ग्राम पंचायतों के खातों में राशि है। वित्त आयोग से यह राशि पूर्व में मिली थी। आचार संहिता के चलते राशि खर्च नहीं हो सकी थी। प्रशासकों ने राशि से कुछ भुगतान भी किया है। इस राशि से गांवों में विकास कार्य कराए जाएंगे। शपथ ग्रहण के बाद प्रस्ताव लेने शुरू किए जाएंगे।