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खुर्जा जंक्शन और गुलावठी में आज रेल रोकेंगे किसान
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खुर्जा जंक्शन और गुलावठी में आज रेल रोकेंगे किसान
बुलंदशहर। कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन को धार देने के लिए भाकियू बृहस्पतिवार को रेल रोको आंदोलन करेगी। आंदोलन के संबंध में भाकियू पदाधिकारियों ने अपनी रणनीति बना ली है। जनपद में गुलावठी और खुर्जा क्षेत्र में किसान दोपहर 12 बजे से चार बजे के बीच ट्रेनों को रोकेंगे। वहीं, इसके लिए जीआरपी और आरपीएफ ने भी अपनी रणनीति बनाई है।
जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीनों कृषि कानूनों के विरोध में किसान दो माह से ज्यादा समय से दिल्ली बॉर्डर पर आंदोलनरत हैं। आंदोलन के समर्थन में भाकियू के साथ ही राजनीतिक दलों के लोग भी जगह जगह पंचायत कर रहे हैं। हाल ही में जनपद में रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने भी तीनों कानूनों को काला बताते हुए इसके खिलाफ पंचायत की थी। वहीं, सपा और कांग्रेस के पदाधिकारी भी इस कानून के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। अब किसान आंदोलन को धार देने के लिए बृहस्पतिवार को भाकियू के राष्ट्रीय आह्वान पर कार्यकर्ता जनपद में रेल रोको आंदोलन करेंगे। भाकियू के एनसीआर के महासचिव मांगे राम त्यागी ने बताया कि किसान कड़ाके की सर्दी, बरसात आदि झेलते हुए दिल्ली बॉर्डर पर धरने पर बैठे हुए हैं। जब किसान खुद ही यह कह रहे हैं कि उन्हें यह कानून नहीं चाहिए तो सरकार को इसके बाबत सोचना चाहिए और इस कानून को रद्द करना चाहिए।
एनसीआर महासचिव मांगेराम त्यागी ने बताया कि दोपहर 12 से शाम चार बजे तक सैकड़ों कार्यकर्ता दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग पर रेल रोको आंदोलन करेंगे। इस दौरान ट्रेन के इंजन पर फूलमाला आदि चढ़ाई जाएगी। साथ ही ट्रेन में बैठे यात्रियों पर पुष्पवर्षा करते हुए उन्हें चाय पानी आदि देते हुए अपनी बात बताई जाएगी और उनसे समर्थन मांगा जाएगा।
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बुलंदशहर। कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन को धार देने के लिए भाकियू बृहस्पतिवार को रेल रोको आंदोलन करेगी। आंदोलन के संबंध में भाकियू पदाधिकारियों ने अपनी रणनीति बना ली है। जनपद में गुलावठी और खुर्जा क्षेत्र में किसान दोपहर 12 बजे से चार बजे के बीच ट्रेनों को रोकेंगे। वहीं, इसके लिए जीआरपी और आरपीएफ ने भी अपनी रणनीति बनाई है।
जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीनों कृषि कानूनों के विरोध में किसान दो माह से ज्यादा समय से दिल्ली बॉर्डर पर आंदोलनरत हैं। आंदोलन के समर्थन में भाकियू के साथ ही राजनीतिक दलों के लोग भी जगह जगह पंचायत कर रहे हैं। हाल ही में जनपद में रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने भी तीनों कानूनों को काला बताते हुए इसके खिलाफ पंचायत की थी। वहीं, सपा और कांग्रेस के पदाधिकारी भी इस कानून के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। अब किसान आंदोलन को धार देने के लिए बृहस्पतिवार को भाकियू के राष्ट्रीय आह्वान पर कार्यकर्ता जनपद में रेल रोको आंदोलन करेंगे। भाकियू के एनसीआर के महासचिव मांगे राम त्यागी ने बताया कि किसान कड़ाके की सर्दी, बरसात आदि झेलते हुए दिल्ली बॉर्डर पर धरने पर बैठे हुए हैं। जब किसान खुद ही यह कह रहे हैं कि उन्हें यह कानून नहीं चाहिए तो सरकार को इसके बाबत सोचना चाहिए और इस कानून को रद्द करना चाहिए।
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एनसीआर महासचिव मांगेराम त्यागी ने बताया कि दोपहर 12 से शाम चार बजे तक सैकड़ों कार्यकर्ता दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग पर रेल रोको आंदोलन करेंगे। इस दौरान ट्रेन के इंजन पर फूलमाला आदि चढ़ाई जाएगी। साथ ही ट्रेन में बैठे यात्रियों पर पुष्पवर्षा करते हुए उन्हें चाय पानी आदि देते हुए अपनी बात बताई जाएगी और उनसे समर्थन मांगा जाएगा।
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