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जनता पर लाठी चलवाने वाली सरकार नहीं होती है मजबूत
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जंक्शन क्षेत्र के गांव फिरोजपुर में मंच से किसानों को संबोधित करते जंयत चौधरी।
- फोटो : KHURJA
जनता पर लाठी चलवाने वाली सरकार नहीं होती है मजबूत
खुर्जा। क्षेत्र के फिरोजपुर गांव में किसान पंचायत के दौरान रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा कि लोकतंत्र में वह सरकार मजबूत होती है, जो जनमत के आगे झुकती है। वह सरकार नहीं जो जनता पर लाठी चलवाती है। उन्होंने कहा कि राजधानी आपकी है। वहां पर देश की संसद है। वहां राजघाट है, किसान घाट है। किसान दिल्ली को अपनी दिल्ली मानकर आता रहा है। अब सरकार दिल्ली आने पर किसानों पर लाठी चलवाती है। इसके अलावा उन्होंने पूरी पंचायत के दौरान केंद्र और प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा।
खुर्जा क्षेत्र के गांव फिरोजपुर में आयोजित किसान पंचायत में रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी करीब तीन घंटे की देरी से पहुंचे। फिरोजपुर गांव पहुंचने पर कार्यकर्ताओं और ग्रामीणाें ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वह अपनी गाड़ी से उतरकर ट्रैक्टर पर बैठकर सभा स्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि लाठी के बल पर देश नहीं चलता। आंदोलन करते हुए दो सौ से ज्यादा किसानों का निधन हो गया। लेकिन मोदी जी अपनी जिद पर अड़े हैं। उनकी जिद भी इसलिए है कि वह सोचते हैं कि वह सही हैं। वह दिखाना चाहते हैं कि यह आंदोलन चंद लोगों का है।
संसद में प्रधानमंत्री कहते हैं कि किसान आंदोलनजीवी है। हां, हम आंदोलनजीवी हैं। लेकिन जो दूसरों का खून चूसता है वह परजीवी होता है। उन्होंने कहा कि देश में वह जो सिस्टम लाना चाह रहे हैं वह कागजी प्रणाली है। रालोद उपाध्यक्ष ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए प्रधानमंत्री ने तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह को 11 मार्च 2011 को एक ज्ञापन सौंपा था। ग्राहक से किसान तक सुधार लाने और सरकारी मूल्य घोषित करने की मांग की थी। प्रत्येक किसान को एमएसपी मिले उन्होंने खुद कहा था। आज भी ट्वीटर पर ये मांग सुरक्षित है। लेकिन मोदी जी अपनी इस मांग को ही भूल गए। कॉरपोरेट का हित देखते हुए उन्होंने तीन कृषि कानून लागू कर दिया। वर्ष 2018 के बजट में प्रधानमंत्री ने अन्नदाता आय सुरक्षा योजना की शुरुआत की थी। लेकिन किसी किसान को उसका लाभ नही मिला। उन्होंने तंज कसते हुए कि प्रधानमंत्री मोदी दाढ़ी बढ़ाकर टैगोर बन रहे हैं।
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रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा कि किसानों को सम्मान निधि दी जाती है। खाते में दो हजार रुपये डाल दिए जाते हैं। इसे सम्मान निधि नहीं अपमान निधि कहना चाहिए। इस निधि को उन्हें वापस दे दो। उन्होंने कहा कि किसान हनुमान हैं। उन्हें अपने बल का ज्ञान नहीं है। अब उन्हें उनके बल को याद कराया गया है तो अब किसान भी हनुमान की तरह अपने विराट रूप में आ गए हैं।
जयंत चौधरी ने अपने दादा पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चौधरी चरण सिंह की बात को याद करते हुए कहा कि उन्होंने कहा था कि देश की तरक्की का रास्ता खेत और खलिहान से होकर निकलता है। उन्होंने कहा कि उन्हें हिंदू मुस्लिम के मुद्दे पर सरकार बनानी है। लेकिन हमें जातिवाद में नहीं पड़ना है। किसान हित में संघर्ष करना है तो रालोद आपके साथ मिलकर संघर्ष करेंगे।
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खुर्जा। क्षेत्र के फिरोजपुर गांव में किसान पंचायत के दौरान रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा कि लोकतंत्र में वह सरकार मजबूत होती है, जो जनमत के आगे झुकती है। वह सरकार नहीं जो जनता पर लाठी चलवाती है। उन्होंने कहा कि राजधानी आपकी है। वहां पर देश की संसद है। वहां राजघाट है, किसान घाट है। किसान दिल्ली को अपनी दिल्ली मानकर आता रहा है। अब सरकार दिल्ली आने पर किसानों पर लाठी चलवाती है। इसके अलावा उन्होंने पूरी पंचायत के दौरान केंद्र और प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा।
खुर्जा क्षेत्र के गांव फिरोजपुर में आयोजित किसान पंचायत में रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी करीब तीन घंटे की देरी से पहुंचे। फिरोजपुर गांव पहुंचने पर कार्यकर्ताओं और ग्रामीणाें ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वह अपनी गाड़ी से उतरकर ट्रैक्टर पर बैठकर सभा स्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि लाठी के बल पर देश नहीं चलता। आंदोलन करते हुए दो सौ से ज्यादा किसानों का निधन हो गया। लेकिन मोदी जी अपनी जिद पर अड़े हैं। उनकी जिद भी इसलिए है कि वह सोचते हैं कि वह सही हैं। वह दिखाना चाहते हैं कि यह आंदोलन चंद लोगों का है।
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संसद में प्रधानमंत्री कहते हैं कि किसान आंदोलनजीवी है। हां, हम आंदोलनजीवी हैं। लेकिन जो दूसरों का खून चूसता है वह परजीवी होता है। उन्होंने कहा कि देश में वह जो सिस्टम लाना चाह रहे हैं वह कागजी प्रणाली है। रालोद उपाध्यक्ष ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए प्रधानमंत्री ने तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह को 11 मार्च 2011 को एक ज्ञापन सौंपा था। ग्राहक से किसान तक सुधार लाने और सरकारी मूल्य घोषित करने की मांग की थी। प्रत्येक किसान को एमएसपी मिले उन्होंने खुद कहा था। आज भी ट्वीटर पर ये मांग सुरक्षित है। लेकिन मोदी जी अपनी इस मांग को ही भूल गए। कॉरपोरेट का हित देखते हुए उन्होंने तीन कृषि कानून लागू कर दिया। वर्ष 2018 के बजट में प्रधानमंत्री ने अन्नदाता आय सुरक्षा योजना की शुरुआत की थी। लेकिन किसी किसान को उसका लाभ नही मिला। उन्होंने तंज कसते हुए कि प्रधानमंत्री मोदी दाढ़ी बढ़ाकर टैगोर बन रहे हैं।
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रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा कि किसानों को सम्मान निधि दी जाती है। खाते में दो हजार रुपये डाल दिए जाते हैं। इसे सम्मान निधि नहीं अपमान निधि कहना चाहिए। इस निधि को उन्हें वापस दे दो। उन्होंने कहा कि किसान हनुमान हैं। उन्हें अपने बल का ज्ञान नहीं है। अब उन्हें उनके बल को याद कराया गया है तो अब किसान भी हनुमान की तरह अपने विराट रूप में आ गए हैं।
जयंत चौधरी ने अपने दादा पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चौधरी चरण सिंह की बात को याद करते हुए कहा कि उन्होंने कहा था कि देश की तरक्की का रास्ता खेत और खलिहान से होकर निकलता है। उन्होंने कहा कि उन्हें हिंदू मुस्लिम के मुद्दे पर सरकार बनानी है। लेकिन हमें जातिवाद में नहीं पड़ना है। किसान हित में संघर्ष करना है तो रालोद आपके साथ मिलकर संघर्ष करेंगे।