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गैंगस्टर गुरमीत को नौ वर्ष का कारावास व अर्थदंड
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गैंगस्टर गुरमीत को नौ वर्ष का कारावास व अर्थदंड
बुलंदशहर। अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ राजीव कुमार तृतीय के न्यायालय ने वर्ष 2009 के गैंगस्टर के एक मामले में सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी गुरमीत को दोषी मानते हुए उसे नौ वर्ष का कारावास व पांच हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
विशेष लोक अभियोजन योगेश कुमार ने बताया कि वादी उपनिरीक्षक प्रदीप कुमार पांडेय ने 30 सितंबर 2009 में थाना स्याना में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें उन्होंने बताया था कि गुरमीत उर्फ डब्बू ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह बना कर अवैध आर्थिक व भौतिक लाभ प्राप्त करने के लिए आईपीसी की धारा 16 व 17 के तहत आने वाले जघन्य अपराध किए हैं। उसके आतंक के कारण क्षेत्र की जनता का कोई व्यक्ति उसके खिलाफ मुकदमा लिखाने या साक्ष्य देने के लिए उपलब्ध नहीं होता है। इसके साथ ही गैंगस्टर चार्ट भी बनाकर न्यायालय में प्रेषित किया गया। वाद विचारण के दौरान वादी समेत अन्य गवाहों के बयानों व पत्रावलियों के साक्ष्यों का अवलोकन कर न्यायालय ने गुरमीत को दोषी माना है। साथ ही उसे नौ वर्ष कारावास व पांच हजार रुपये अर्थदंड सुनाया गया है।
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बुलंदशहर। अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ राजीव कुमार तृतीय के न्यायालय ने वर्ष 2009 के गैंगस्टर के एक मामले में सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी गुरमीत को दोषी मानते हुए उसे नौ वर्ष का कारावास व पांच हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
विशेष लोक अभियोजन योगेश कुमार ने बताया कि वादी उपनिरीक्षक प्रदीप कुमार पांडेय ने 30 सितंबर 2009 में थाना स्याना में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें उन्होंने बताया था कि गुरमीत उर्फ डब्बू ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह बना कर अवैध आर्थिक व भौतिक लाभ प्राप्त करने के लिए आईपीसी की धारा 16 व 17 के तहत आने वाले जघन्य अपराध किए हैं। उसके आतंक के कारण क्षेत्र की जनता का कोई व्यक्ति उसके खिलाफ मुकदमा लिखाने या साक्ष्य देने के लिए उपलब्ध नहीं होता है। इसके साथ ही गैंगस्टर चार्ट भी बनाकर न्यायालय में प्रेषित किया गया। वाद विचारण के दौरान वादी समेत अन्य गवाहों के बयानों व पत्रावलियों के साक्ष्यों का अवलोकन कर न्यायालय ने गुरमीत को दोषी माना है। साथ ही उसे नौ वर्ष कारावास व पांच हजार रुपये अर्थदंड सुनाया गया है।
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