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नो वर्क नो पे के आदेश के बाद भी लेखपालों की हड़ताल उग्र
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नो वर्क नो पे के आदेश के बाद भी लेखपालों की हड़ताल उग्र
बुलंदशहर। शासन के नो वर्क नो पे के आदेश के बाद भी लेखपालों की हड़ताल उग्र रूप लेती जा रही है। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर मंगलवार को शुरू हुआ लेखपालों की हड़ताल लगातार जारी है। लेखपालों ने पूर्ण कार्य बहिष्कार का ऐलान किया है। शुक्रवार से जिला मुख्यालय पर लेखपालों का धरना-प्रदर्शन शुरू हो गया है। लेखपालों की हड़ताल और पूर्ण कार्य बहिष्कार के चलते राजस्व का नुकसान हो रहा है।
सोमवार को सदर तहसील में आयोजित धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए लेखपाल संघ बुलंदशहर शाखा के अध्यक्ष सचिन गर्ग ने बताया कि 13 दिसंबर को प्रांतीय पदाधिकारियों की शासन में प्रतिनिधि मंडल की वार्ता हुई थी जो विफल साबित हुई। 15 दिसंबर को प्रदेश संगठन की बैठक में सरकार द्वारा एस्मा लगाने व आंदोलन पर रोक लगाने जैसे आदेश जारी किए गए। लेकिन पदाधिकारियों की सर्वसम्मिति से फैसला लिया गया कि हड़ताल जारी रहेगी। बताया कि बीते पांच दिसंबर को लेखपालों ने आठ सूत्रीय मांगपत्र सांसद और विधायक को सौंपा था। 13 से लेकर 26 दिसंबर तक कार्य बहिष्कार कर सभी लेखपाल जिला मुख्यालय पर एकत्र रहेंगे और सुबह दस बजे से लेकर शाम चार बजे तक धरना देंगे। जिला सचिव दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि सभी लेखपाल पूर्ण कार्य बहिष्कार कर सदर तहसील में अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं। जिसमें एसीपी विसंगति, वेतन उच्चीकरण, प्रोन्नत कॉडर रिव्यू, पेंशन विसंगति, भत्ते, राजस्व लेखपाल पद नाम परिवर्तन, राजस्व उपनिरीक्षक सेवा नियमावली 2018 का प्रख्यापन कराना, किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत मध्य प्रदेश राज्य की भांति 18 रूपये प्रति खाता का मानदेय लेखपालों का भुगतना किया जाए। इस अवसर पर प्रमोद सक्सेना, समय सिंह, ब्रज किशोर, मोहम्मद आबिद, महाराणा प्रताप, संतपाल सिंह, राजेंद्र भारती आदि समस्त लेखपाल उपस्थित रहे।
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बुलंदशहर। शासन के नो वर्क नो पे के आदेश के बाद भी लेखपालों की हड़ताल उग्र रूप लेती जा रही है। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर मंगलवार को शुरू हुआ लेखपालों की हड़ताल लगातार जारी है। लेखपालों ने पूर्ण कार्य बहिष्कार का ऐलान किया है। शुक्रवार से जिला मुख्यालय पर लेखपालों का धरना-प्रदर्शन शुरू हो गया है। लेखपालों की हड़ताल और पूर्ण कार्य बहिष्कार के चलते राजस्व का नुकसान हो रहा है।
सोमवार को सदर तहसील में आयोजित धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए लेखपाल संघ बुलंदशहर शाखा के अध्यक्ष सचिन गर्ग ने बताया कि 13 दिसंबर को प्रांतीय पदाधिकारियों की शासन में प्रतिनिधि मंडल की वार्ता हुई थी जो विफल साबित हुई। 15 दिसंबर को प्रदेश संगठन की बैठक में सरकार द्वारा एस्मा लगाने व आंदोलन पर रोक लगाने जैसे आदेश जारी किए गए। लेकिन पदाधिकारियों की सर्वसम्मिति से फैसला लिया गया कि हड़ताल जारी रहेगी। बताया कि बीते पांच दिसंबर को लेखपालों ने आठ सूत्रीय मांगपत्र सांसद और विधायक को सौंपा था। 13 से लेकर 26 दिसंबर तक कार्य बहिष्कार कर सभी लेखपाल जिला मुख्यालय पर एकत्र रहेंगे और सुबह दस बजे से लेकर शाम चार बजे तक धरना देंगे। जिला सचिव दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि सभी लेखपाल पूर्ण कार्य बहिष्कार कर सदर तहसील में अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं। जिसमें एसीपी विसंगति, वेतन उच्चीकरण, प्रोन्नत कॉडर रिव्यू, पेंशन विसंगति, भत्ते, राजस्व लेखपाल पद नाम परिवर्तन, राजस्व उपनिरीक्षक सेवा नियमावली 2018 का प्रख्यापन कराना, किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत मध्य प्रदेश राज्य की भांति 18 रूपये प्रति खाता का मानदेय लेखपालों का भुगतना किया जाए। इस अवसर पर प्रमोद सक्सेना, समय सिंह, ब्रज किशोर, मोहम्मद आबिद, महाराणा प्रताप, संतपाल सिंह, राजेंद्र भारती आदि समस्त लेखपाल उपस्थित रहे।
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