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प्रेरणा एप का बदला नाम अब ‘दर्पण’
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प्रेरणा एप का बदला नाम अब ‘दर्पण’
बुलंदशहर। परिषदीय स्कूलों में ग्रेडिंग निर्धारण के लिए पहले लागू किए गए प्रेरणा एप का शासन ने नाम बदल दिया है। नए आदेश के तहत अब प्ररेणा एप को दर्पण एप के नाम से जाना जाएगा। राज्य शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के निदेशक की ओर से जारी किए गए आदेश डायट प्राचार्य और बीएसए को जारी कर दिए हैं। बताया गया कि एक ही नाम से दो एप जारी हो गए थे। इसलिए इस एप का नाम बदला गया है।
परिषदीय स्कूलों में शैक्षणिक गुणवत्ता को ग्रेड देने के लिए शासन द्वारा इस प्रेरणा ऐेप को लागू किया गया था। बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के लिए शासन में बड़े स्तर पर कार्य चल रहा है। इसमें कक्षा पांच से लेकर आठ तक के बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के लिए राज्य शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद द्वारा करीब दो वर्ष प्रेरणा ऐप को लागू किया था। विभागीय अफसरों की माने तो कक्षा पांच से लेकर आठ तक के बच्चों की परीक्षा आयोजित कराने के बाद जिला स्तर पर इन स्कूलों की ग्रेडिंग होने के बाद इसे प्रेरणा एप पर अपलोड करना था।
कोट ...
राज्य शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद से अभी प्रेरणा एप के नाम बदल दिया गया है। इसके संबंध में जारी किए गए आदेश भी प्राप्त नहीं हुए हैं। आदेश मिलने पर उसका पालन किया जाएगा। - महेंद्र सिंह राणा, डायट प्राचार्य, बुलंदशहर।
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बुलंदशहर। परिषदीय स्कूलों में ग्रेडिंग निर्धारण के लिए पहले लागू किए गए प्रेरणा एप का शासन ने नाम बदल दिया है। नए आदेश के तहत अब प्ररेणा एप को दर्पण एप के नाम से जाना जाएगा। राज्य शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के निदेशक की ओर से जारी किए गए आदेश डायट प्राचार्य और बीएसए को जारी कर दिए हैं। बताया गया कि एक ही नाम से दो एप जारी हो गए थे। इसलिए इस एप का नाम बदला गया है।
परिषदीय स्कूलों में शैक्षणिक गुणवत्ता को ग्रेड देने के लिए शासन द्वारा इस प्रेरणा ऐेप को लागू किया गया था। बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के लिए शासन में बड़े स्तर पर कार्य चल रहा है। इसमें कक्षा पांच से लेकर आठ तक के बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के लिए राज्य शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद द्वारा करीब दो वर्ष प्रेरणा ऐप को लागू किया था। विभागीय अफसरों की माने तो कक्षा पांच से लेकर आठ तक के बच्चों की परीक्षा आयोजित कराने के बाद जिला स्तर पर इन स्कूलों की ग्रेडिंग होने के बाद इसे प्रेरणा एप पर अपलोड करना था।
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कोट ...
राज्य शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद से अभी प्रेरणा एप के नाम बदल दिया गया है। इसके संबंध में जारी किए गए आदेश भी प्राप्त नहीं हुए हैं। आदेश मिलने पर उसका पालन किया जाएगा। - महेंद्र सिंह राणा, डायट प्राचार्य, बुलंदशहर।
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