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7120 मीटर ऊंची माउंट त्रिशुल फतह करने निकला भूपेश
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माउंट त्रिशुल फतह करने निकला भूपेश।
- फोटो : BULANDSHAHR
7120 मीटर ऊंची माउंट त्रिशुल फतह करने निकला भूपेश
बुलंदशहर। नगर निवासी भूपेश माउंट एवरेस्ट को फतह करना चाहता है। माउंट एवरेस्ट से पूर्व भूपेश ने उत्तराखंड के कुमांऊ हिमालय की 7120 मीटर ऊंची चोटी त्रिशुल को फतह करने के लिए 58 सदस्य पर्वातारोही की टीम के साथ यात्रा शुरू कर दी है। भूपेश इससे पूर्व देश के कई पर्वातारोही दलों में शामिल होकर जनपद का नाम रोशन कर चुका है।
नगर क्षेत्र के मोहल्ला देवीपुरा द्वितीय निवासी डॉ. मोमराज सिंह का पुत्र भूपेश कुमार पर्वातारोही है। जो अब तक दर्जनों चोटियों को फतह कर चुका है। परिजनों के अनुसार वर्ष 2007 से अब तक वह करीब 25 पर्वतों पर झंडा फहरा चुके हैं। गत छह जून को वह अपनेे 42 सदस्यीय दल के साथ कश्मीर के पहलगाम स्थित माउंट तूलियन व माउंट कोलाहोई में फतह हासिल की। भूपेश ने बताया कि चढ़ाई के दौरान पहाड़ों पर शून्य से माइनस 15 डिग्री तापमान का भी सामना करना पड़ता है। बताया कि वर्ष 2016 में उन्होंने मौत को मात दी थी। उस दौरान वह हिमाचल के माउंट, जिसकी ऊंचाई लगभग 1036 मीटर है पर चढ़ाई कर रहे थे। लेकिन, वह बर्फीली दरार में फंस गए थे। जिसके बाद उन्हें रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया था और उनका लंबा उपचार चला था। बताया कि अब वह 26 अगस्त से सात अक्तूबर तक उत्तराखंड के कुमांऊ हिमालय की 7120 मीटर ऊंची चोटी त्रिशुल को फतह करने के लिए 58 सदस्य पर्वातारोही की टीम में शामिल हुआ है। जिसमें से सबसे पहले चोटी पर पहुंचने वाले 25 पर्वातारोही अगले वर्ष मार्च में नेपाल के एवरेस्ट के लिए चयनित किए जाएंगे।
2020 में एवरेस्ट फतह करने का भूपेश का है सपना
भूपेश ने बताया कि उसका सपना माउंट एवरेस्ट को फतह करने का है। इसके लिए वह वर्षों से तैयारियां कर रहा है। बताया कि उत्तराखंड के कुमांऊ हिमालय की 7120 मीटर ऊंची चोटी त्रिशुल को सबसे पहले फतह करने पर उनका चयन मार्च 2020 में नेपाल के चार पहाड़ों को फतह करने के लिए होगा। जिसमें विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट 8848 मीटर, विश्व की चौथी ऊंची चोटी माउंट ल्होत्सें 8250 मीटर, माउंट पुमोरि 7161 मीटर और विश्व की बीसवीं ऊंची चोटी माउंट नुप्ते 7861 के पर्वातारोही दल में शामिल होंगे। बताया कि त्रिशुल माउंट को फतह करने के लिए 26 अगस्त को दिल्ली से मिनिस्ट्री ऑफ यूथ अफेयर्स किरण रिजिजू द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
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बुलंदशहर। नगर निवासी भूपेश माउंट एवरेस्ट को फतह करना चाहता है। माउंट एवरेस्ट से पूर्व भूपेश ने उत्तराखंड के कुमांऊ हिमालय की 7120 मीटर ऊंची चोटी त्रिशुल को फतह करने के लिए 58 सदस्य पर्वातारोही की टीम के साथ यात्रा शुरू कर दी है। भूपेश इससे पूर्व देश के कई पर्वातारोही दलों में शामिल होकर जनपद का नाम रोशन कर चुका है।
नगर क्षेत्र के मोहल्ला देवीपुरा द्वितीय निवासी डॉ. मोमराज सिंह का पुत्र भूपेश कुमार पर्वातारोही है। जो अब तक दर्जनों चोटियों को फतह कर चुका है। परिजनों के अनुसार वर्ष 2007 से अब तक वह करीब 25 पर्वतों पर झंडा फहरा चुके हैं। गत छह जून को वह अपनेे 42 सदस्यीय दल के साथ कश्मीर के पहलगाम स्थित माउंट तूलियन व माउंट कोलाहोई में फतह हासिल की। भूपेश ने बताया कि चढ़ाई के दौरान पहाड़ों पर शून्य से माइनस 15 डिग्री तापमान का भी सामना करना पड़ता है। बताया कि वर्ष 2016 में उन्होंने मौत को मात दी थी। उस दौरान वह हिमाचल के माउंट, जिसकी ऊंचाई लगभग 1036 मीटर है पर चढ़ाई कर रहे थे। लेकिन, वह बर्फीली दरार में फंस गए थे। जिसके बाद उन्हें रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया था और उनका लंबा उपचार चला था। बताया कि अब वह 26 अगस्त से सात अक्तूबर तक उत्तराखंड के कुमांऊ हिमालय की 7120 मीटर ऊंची चोटी त्रिशुल को फतह करने के लिए 58 सदस्य पर्वातारोही की टीम में शामिल हुआ है। जिसमें से सबसे पहले चोटी पर पहुंचने वाले 25 पर्वातारोही अगले वर्ष मार्च में नेपाल के एवरेस्ट के लिए चयनित किए जाएंगे।
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2020 में एवरेस्ट फतह करने का भूपेश का है सपना
भूपेश ने बताया कि उसका सपना माउंट एवरेस्ट को फतह करने का है। इसके लिए वह वर्षों से तैयारियां कर रहा है। बताया कि उत्तराखंड के कुमांऊ हिमालय की 7120 मीटर ऊंची चोटी त्रिशुल को सबसे पहले फतह करने पर उनका चयन मार्च 2020 में नेपाल के चार पहाड़ों को फतह करने के लिए होगा। जिसमें विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट 8848 मीटर, विश्व की चौथी ऊंची चोटी माउंट ल्होत्सें 8250 मीटर, माउंट पुमोरि 7161 मीटर और विश्व की बीसवीं ऊंची चोटी माउंट नुप्ते 7861 के पर्वातारोही दल में शामिल होंगे। बताया कि त्रिशुल माउंट को फतह करने के लिए 26 अगस्त को दिल्ली से मिनिस्ट्री ऑफ यूथ अफेयर्स किरण रिजिजू द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
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