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प्रवेश में देरी से हो रही पढ़ाई प्रभावित
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प्रवेश में देरी से हो रही पढ़ाई प्रभावित
बुलंदशहर। जनपद के कॉलेजों में यूजी और पीजी की कक्षाओं में प्रवेश में देरी से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कॉलेजों में इन कक्षाओं में अब भी करीब 800 सीटें खाली चल रही हैं।
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की ओर से यूजी की कक्षाओं में जुलाई माह से प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई थी। विवि की ओर से दो मेरिट जारी होने और कॉलेजों की ओर से ओपन मेरिट जारी होने के बाद राजकीय और एडेड कॉलेजों में सीटें भर गई थीं। इसके बाद सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में सीटें खाली रहने पर कॉलेजों को ओपन मेरिट से प्रवेश का मौका दिया गया। बावजूद इसके अब भी इन कॉलेजों में सीटें खाली रह गई हैं। इसके साथ ही पीजी कक्षाओं में प्रवेश के लिए जुलाई माह के अंतिम दिनों में पहली कटऑफ जारी की गई। इसके बाद दूसरी कटऑफ जारी हुई। इसके बावजूद कॉलेजों में सीटें खाली रह गईं। हालांकि अब विवि ने छात्र-छात्राओं को खाली सीटों पर प्रवेश के लिए रजिस्ट्रेशन करने के साथ अन्य आदेश भी जारी कर दिए हैं। इस कार्य को पूरा होने में अगस्त माह लग जाएगा। ऐसे में प्रवेश से वंचित रह गए छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बाधित हो रही है। अब प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं को सितंबर माह से ही अपनी कक्षाएं अटेंड करने का मौका मिलेगा। गौरी शंकर कन्या महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अंशु बंसल का कहना है कि ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है। विवि की ओर से हर बार प्रवेश में देरी होती रही है। इसमें सुधार की जरूरत है।
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बुलंदशहर। जनपद के कॉलेजों में यूजी और पीजी की कक्षाओं में प्रवेश में देरी से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कॉलेजों में इन कक्षाओं में अब भी करीब 800 सीटें खाली चल रही हैं।
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की ओर से यूजी की कक्षाओं में जुलाई माह से प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई थी। विवि की ओर से दो मेरिट जारी होने और कॉलेजों की ओर से ओपन मेरिट जारी होने के बाद राजकीय और एडेड कॉलेजों में सीटें भर गई थीं। इसके बाद सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में सीटें खाली रहने पर कॉलेजों को ओपन मेरिट से प्रवेश का मौका दिया गया। बावजूद इसके अब भी इन कॉलेजों में सीटें खाली रह गई हैं। इसके साथ ही पीजी कक्षाओं में प्रवेश के लिए जुलाई माह के अंतिम दिनों में पहली कटऑफ जारी की गई। इसके बाद दूसरी कटऑफ जारी हुई। इसके बावजूद कॉलेजों में सीटें खाली रह गईं। हालांकि अब विवि ने छात्र-छात्राओं को खाली सीटों पर प्रवेश के लिए रजिस्ट्रेशन करने के साथ अन्य आदेश भी जारी कर दिए हैं। इस कार्य को पूरा होने में अगस्त माह लग जाएगा। ऐसे में प्रवेश से वंचित रह गए छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बाधित हो रही है। अब प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं को सितंबर माह से ही अपनी कक्षाएं अटेंड करने का मौका मिलेगा। गौरी शंकर कन्या महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अंशु बंसल का कहना है कि ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है। विवि की ओर से हर बार प्रवेश में देरी होती रही है। इसमें सुधार की जरूरत है।
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