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लखावटी ब्लाक प्रमुख की बची कुर्सी, नहीं साबित हो सका बहुमत
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लखावटी ब्लाक प्रमुख की बची कुर्सी, नहीं साबित हो सका बहुमत
औरंगाबाद। आखिरकार लखावटी ब्लाक प्रमुख संगीता देवी की कुर्सी बच गई। सदन में बहुमत के सापेक्ष 12 बीडीसी सदस्य अपने प्रमाण पत्रों की जांच कराने के लिये ब्लाक मुख्यालय पर नहीं पहुंच सके। जिसके बाद ब्लाक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास पारित नहीं हो सका। बाद में ब्लाक प्रमुख के समर्थकों ने खुशी का इजहार कर जश्न मनाया।
बता दें कि लखावटी ब्लाक क्षेत्र के गांव रसूलपुर तेलिया मैथना निवासी बीडीसी सदस्य रानी देवी ने 15 जुलाई को डीएम रविन्द्र कुमार से मिलकर 32 बीडीसी सदस्यों के प्रमाण पत्रों के साथ ब्लाक प्रमुख संगीता देवी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की शिकायत की थी। डीएम के निर्देश पर मंगलवार की सुबह 9 बजे एडीएम न्यायिक शमशाद हुसैन की देखरेख में ब्लाक मुख्यालय परिसर में प्रमाण पत्रों का सत्यापन शुरू हुआ। दोपहर 12 बजे आरोप लगाने वाले 32 बीडीसी सदस्यों में से मात्र 18 सदस्यों ने ही अपने प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराया। 58 बीडीसी सदस्यों में से रानी देवी को अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिये 30 सदस्यों की आवश्यकता थी। लेकिन वह अपने पक्ष में मात्र 18 बीडीसी सदस्यों को ला सकी। जिसके बाद ब्लाक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित नहीं हो सका है। अविश्वास प्रस्ताव पारित न होने पर ब्लाक प्रमुख संगीता देवी के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी।
मुझे पूर्ण विश्वास था कि मेरे खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित नहीं होगा। यह जीत सच्चाई और विकास की जीत हुई है। ब्लाक क्षेत्र में रिकार्ड तोड़ विकास कार्य कराए जाएंगे।
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- संगीता देवी, ब्लाक प्रमुख लखावटी
जिन 32 बीडीसी सदस्यों ने ब्लाक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिये डीएम से शिकायत की थी। उनमें से मात्र 18 सदस्य ही अपने प्रमाण पत्रों की जांच करा सके हैं। सदस्यों की कम संख्या होने के कारण अविश्वास नहीं लाया जा सका।
- शमशाद हुसैन, एडीएम न्यायिक
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औरंगाबाद। आखिरकार लखावटी ब्लाक प्रमुख संगीता देवी की कुर्सी बच गई। सदन में बहुमत के सापेक्ष 12 बीडीसी सदस्य अपने प्रमाण पत्रों की जांच कराने के लिये ब्लाक मुख्यालय पर नहीं पहुंच सके। जिसके बाद ब्लाक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास पारित नहीं हो सका। बाद में ब्लाक प्रमुख के समर्थकों ने खुशी का इजहार कर जश्न मनाया।
बता दें कि लखावटी ब्लाक क्षेत्र के गांव रसूलपुर तेलिया मैथना निवासी बीडीसी सदस्य रानी देवी ने 15 जुलाई को डीएम रविन्द्र कुमार से मिलकर 32 बीडीसी सदस्यों के प्रमाण पत्रों के साथ ब्लाक प्रमुख संगीता देवी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की शिकायत की थी। डीएम के निर्देश पर मंगलवार की सुबह 9 बजे एडीएम न्यायिक शमशाद हुसैन की देखरेख में ब्लाक मुख्यालय परिसर में प्रमाण पत्रों का सत्यापन शुरू हुआ। दोपहर 12 बजे आरोप लगाने वाले 32 बीडीसी सदस्यों में से मात्र 18 सदस्यों ने ही अपने प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराया। 58 बीडीसी सदस्यों में से रानी देवी को अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिये 30 सदस्यों की आवश्यकता थी। लेकिन वह अपने पक्ष में मात्र 18 बीडीसी सदस्यों को ला सकी। जिसके बाद ब्लाक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित नहीं हो सका है। अविश्वास प्रस्ताव पारित न होने पर ब्लाक प्रमुख संगीता देवी के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी।
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मुझे पूर्ण विश्वास था कि मेरे खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित नहीं होगा। यह जीत सच्चाई और विकास की जीत हुई है। ब्लाक क्षेत्र में रिकार्ड तोड़ विकास कार्य कराए जाएंगे।
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- संगीता देवी, ब्लाक प्रमुख लखावटी
जिन 32 बीडीसी सदस्यों ने ब्लाक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिये डीएम से शिकायत की थी। उनमें से मात्र 18 सदस्य ही अपने प्रमाण पत्रों की जांच करा सके हैं। सदस्यों की कम संख्या होने के कारण अविश्वास नहीं लाया जा सका।
- शमशाद हुसैन, एडीएम न्यायिक