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Bulandshahar News: छह करोड़ से इस साल बनकर तैयार हो जाएगा जैव विविधता पार्क
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बुलंदशहर/नरौरा। नरौरा क्षेत्र के रामघाट में बन रहा जैव विविधता पार्क इसी साल बनकर तैयार हो जाएगा। इस पर करीब छह करोड़ की राशि खर्च की जा रही है। जिले में यह पहला जैव विविधता पार्क होगा। पार्क का 70 फीसदी से अधिक काम पूरा हो चुका है। इसके बनने पर यह पिकनिक स्पॉट भी बन जाएगा।
डीएफओ विनीता सिंह ने बताया कि 40 एकड़ में जैव विविधता पार्क विकसित किया जा रहा है। इसमें नेजर ट्रेल, प्राकृतिक ग्रीन हट्स व गोल हट्स का निर्माण हो रहा है। पक्षियों के लिए घोंसले और बांस व घास से झोपड़ी बनाई जा रही हैं। पर्यटकों के बैठने के लिए सुंदर हट्स और सीमेंट की बेंच आदि लगाई जाएंगी।
पार्क में पक्षी बिहार, तितली पार्क, झील व अलग-अलग वाटिकाएं बनाई जा रही हैं। जहां पर बेल, बरगद, आंवला, अशोक, पीपल, खैर, पतास, पीपल, गूलर, आंवला, शीशम, वनीला, बांस, बरगद पाकड, सीठा, बेल, अर्जुन, कमद, आम, महुवा सहित अन्य अनेक प्रकार पौधे रोपित किए गए। यह सभी पौधे मौसम के अनुकूल तो होंगे ही साथ ही प्राकृतिक हरियाली पर्यटकों को भी खूब लुभाएंगी। साथ ही जैव विविधता को बढ़ावा मिलेगा।
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उन्होंने बताया पार्क की सबसे खास बात यह है कि 500 वर्ष पुराना बरगद का पेड़ इसकी शान बनेगा। इस पेड़ काे पिछले दिनों बॉटनिकल सर्वे ऑफ इंडिया प्रयागराज सेंटर के वैज्ञानिकों ने रोमानिया के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर पता लगाने का दावा किया था। कार्बन डेटिंग के जरिए इसकी उम्र 500 वर्ष पाई गई है। पार्क को विकसित करने के लिए लगातार काम जारी है और इसी साल तक तैयार कर लिया जाएगा।
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डीएफओ विनीता सिंह ने बताया कि 40 एकड़ में जैव विविधता पार्क विकसित किया जा रहा है। इसमें नेजर ट्रेल, प्राकृतिक ग्रीन हट्स व गोल हट्स का निर्माण हो रहा है। पक्षियों के लिए घोंसले और बांस व घास से झोपड़ी बनाई जा रही हैं। पर्यटकों के बैठने के लिए सुंदर हट्स और सीमेंट की बेंच आदि लगाई जाएंगी।
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पार्क में पक्षी बिहार, तितली पार्क, झील व अलग-अलग वाटिकाएं बनाई जा रही हैं। जहां पर बेल, बरगद, आंवला, अशोक, पीपल, खैर, पतास, पीपल, गूलर, आंवला, शीशम, वनीला, बांस, बरगद पाकड, सीठा, बेल, अर्जुन, कमद, आम, महुवा सहित अन्य अनेक प्रकार पौधे रोपित किए गए। यह सभी पौधे मौसम के अनुकूल तो होंगे ही साथ ही प्राकृतिक हरियाली पर्यटकों को भी खूब लुभाएंगी। साथ ही जैव विविधता को बढ़ावा मिलेगा।
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उन्होंने बताया पार्क की सबसे खास बात यह है कि 500 वर्ष पुराना बरगद का पेड़ इसकी शान बनेगा। इस पेड़ काे पिछले दिनों बॉटनिकल सर्वे ऑफ इंडिया प्रयागराज सेंटर के वैज्ञानिकों ने रोमानिया के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर पता लगाने का दावा किया था। कार्बन डेटिंग के जरिए इसकी उम्र 500 वर्ष पाई गई है। पार्क को विकसित करने के लिए लगातार काम जारी है और इसी साल तक तैयार कर लिया जाएगा।