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नावेद के खिलाफ नहीं मिले सुबूत, हाजी यूनुस पर हमले में था नामजद
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नावेद के खिलाफ नहीं मिले सुबूत, हाजी यूनुस पर हमले में था नामजद
बुलंदशहर। पूर्व ब्लॉक प्रमुख हाजी यूनुस पर हुए जानलेवा हमले के मामले में एक नामजद आरोपी नावेद की नामजदगी को कोई सुबूत पुलिस को नहीं मिला है। नावेद की नामजदगी शुरूआत से ही संदिग्ध नजर आ रही थी। अभी तक की जांच में नावेद का अन्य आरोपियों के साथ कोई भी तालमेल सामने नहीं आया है। इसी के चलते उसका नाम इनामियों की लिस्ट से भी हटा दिया गया है। अन्य फरार नामजद आरोपी अब भी पुलिस के चंगुल से दूर हैं।
पांच दिसंबर 2021 को रालोद नेता हाजी यूनुस पर कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव भाईपुरा में जानलेवा हमला हुआ था। हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर यूनुस को मौत के घाट उतारने की कोशिश की। लेकिन, घटना में हाजी यूनुस बाल-बाल बच गए। हालांकि उनके एक साथी की मौत हो गई थी, जबकि छह अन्य घायल हो गए थे। कोतवाली देहात में हाजी यूनुस की ओर से अपने बड़े भाई एवं पूर्व विधायक मरहूम हाजी अलीम के चार पुत्र अनस, जैद, दानिश और असद समेत नावेद, हारिस और अन्य अज्ञात शूटरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। आरोपी अनस के जेल में बंद होने के चलते उसे छोड़कर अन्य फरार पांच आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया गया था। वहीं, पुलिस की जांच में आरोपी नवेद के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है। उसके न तो अन्य नामजद आरोपियों और शूटरों से कोई संबंध पाए गए हैं और न ही उसका घटना में शामिल होना पाया गया है। जांच में सामने आया है कि घटना के वक्त नावेद अपनी दुकान पर बैठा था। हाजी यूनुस से मुकदमेबाजी की पुरानी रंजिश के चलते उसका नाम केस में लिखवाए जाने की जानकारी पुलिस को मिली है। हालांकि, पुलिस मामले में पांच शूटर्स को जेल भेज चुकी है। लेकिन, एक शूटर अब भी पुलिस की पकड़ से दूर है।
इन पर है 25 हजार का इनाम
हाजी यूनुस पर हमले के मामले में चार अन्य आरोपी जैद, दानिश, असद और हारिस पर 25-25 हजार रुपये का इनाम है। इनमें से दो आरोपी विदेश भाग चुके हैं। हालांकि, अभी तक विदेश भागे दोनों आरोपियों के वापस लौटने की कोई जानकारी नहीं है। पुलिस जल्द ही उनकी पकड़ के लिए योजना बनाएगी।
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पूर्व ब्लॉक प्रमुख हाजी यूनुस पर हमले की घटना में नामजद आरोपी नावेद के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है। उसके अन्य आरोपियों से भी कोई संबंध नहीं पाए गए हैं। इसके चलते उससे इनाम हटा दिया गया है। - संतोष कुमार सिंह, एसएसपी
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बुलंदशहर। पूर्व ब्लॉक प्रमुख हाजी यूनुस पर हुए जानलेवा हमले के मामले में एक नामजद आरोपी नावेद की नामजदगी को कोई सुबूत पुलिस को नहीं मिला है। नावेद की नामजदगी शुरूआत से ही संदिग्ध नजर आ रही थी। अभी तक की जांच में नावेद का अन्य आरोपियों के साथ कोई भी तालमेल सामने नहीं आया है। इसी के चलते उसका नाम इनामियों की लिस्ट से भी हटा दिया गया है। अन्य फरार नामजद आरोपी अब भी पुलिस के चंगुल से दूर हैं।
पांच दिसंबर 2021 को रालोद नेता हाजी यूनुस पर कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव भाईपुरा में जानलेवा हमला हुआ था। हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर यूनुस को मौत के घाट उतारने की कोशिश की। लेकिन, घटना में हाजी यूनुस बाल-बाल बच गए। हालांकि उनके एक साथी की मौत हो गई थी, जबकि छह अन्य घायल हो गए थे। कोतवाली देहात में हाजी यूनुस की ओर से अपने बड़े भाई एवं पूर्व विधायक मरहूम हाजी अलीम के चार पुत्र अनस, जैद, दानिश और असद समेत नावेद, हारिस और अन्य अज्ञात शूटरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। आरोपी अनस के जेल में बंद होने के चलते उसे छोड़कर अन्य फरार पांच आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया गया था। वहीं, पुलिस की जांच में आरोपी नवेद के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है। उसके न तो अन्य नामजद आरोपियों और शूटरों से कोई संबंध पाए गए हैं और न ही उसका घटना में शामिल होना पाया गया है। जांच में सामने आया है कि घटना के वक्त नावेद अपनी दुकान पर बैठा था। हाजी यूनुस से मुकदमेबाजी की पुरानी रंजिश के चलते उसका नाम केस में लिखवाए जाने की जानकारी पुलिस को मिली है। हालांकि, पुलिस मामले में पांच शूटर्स को जेल भेज चुकी है। लेकिन, एक शूटर अब भी पुलिस की पकड़ से दूर है।
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इन पर है 25 हजार का इनाम
हाजी यूनुस पर हमले के मामले में चार अन्य आरोपी जैद, दानिश, असद और हारिस पर 25-25 हजार रुपये का इनाम है। इनमें से दो आरोपी विदेश भाग चुके हैं। हालांकि, अभी तक विदेश भागे दोनों आरोपियों के वापस लौटने की कोई जानकारी नहीं है। पुलिस जल्द ही उनकी पकड़ के लिए योजना बनाएगी।
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पूर्व ब्लॉक प्रमुख हाजी यूनुस पर हमले की घटना में नामजद आरोपी नावेद के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है। उसके अन्य आरोपियों से भी कोई संबंध नहीं पाए गए हैं। इसके चलते उससे इनाम हटा दिया गया है। - संतोष कुमार सिंह, एसएसपी