{"_id":"66a016d56536f443040828ba","slug":"a-young-man-returning-from-gangotri-on-bike-with-water-died-due-to-deteriorating-health-bulandshahr-news-c-133-1-bul1001-119212-2024-07-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bulandshahar News: गंगोत्री से बाइक पर जल लेकर लौट रहे युवक की तबियत बिगड़ने से मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bulandshahar News: गंगोत्री से बाइक पर जल लेकर लौट रहे युवक की तबियत बिगड़ने से मौत
विज्ञापन
जहांगीराबाद। नगर से दोस्त के साथ बाइक से केदारनाथ दर्शन कर गंगोत्री से जल लेकर लौट रहे युवक की रास्ते में तबियत बिगड़ गई। जिसकी उपचार के दौरान मौत हो गई।
नगर के मोहल्ला रामगढ़ी निवासी विक्रांत सैनी (19) 16 जुलाई को जल लेने के लिए दोस्त तुषार के साथ बाइक से निकला था। केदारनाथ में दर्शन करने के बाद दोनों गंगोत्री से जल लेकर वापस जहांगीराबाद के लिए चल दिए। तुषार ने बताया कि उत्तराखंड के श्रीनगर के पास विक्रांत को कुछ परेशानी होने लगी। परेशानी होने के बाद दोस्त ने उसका वहीं उपचार भी कराया। इसके बाद दोनों ऋषिकेश पहुंचे तो, विक्रांत की दोबारा से तबियत बिगड़ गई, वहां भी स्थानीय डॉक्टरों के उपचार के बाद ऋषिकेश में ही विश्राम किया। रविवार को दोनों ऋषिकेश से रवाना हुए।
इसी बीच जब वह नजीबाबाद के मोटा महादेव क्षेत्र में पहुंचे तो, विक्रांत की हालत फिर से बिगड़ने लगी, हालत बिगड़ता देख तुषार ने सरकारी एंबुलेंस को फोन कर उसे अस्पताल पहुंचाया। लेकिन उपचार मिलने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। तुषार ने घटना की सूचना उसके परिजनों को दी, आनन-फानन में विक्रांत के परिजन वहां पहुंचे। सोमवार देर रात कानूनी प्रक्रिया के बाद परिजन विक्रांत का शव लेकर गांव पहुंचे। जहां उन्होंने उसका अंतिम संस्कार कर दिया। लोगों ने प्रशासन से कांवड़ यात्रा के मुआवजे के तहत परिजनों को आर्थिक मुआवजा दिए जाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि विक्रांत के परिवार की माली हालत ठीक नहीं है। पिता मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते हैं और विक्रांत उनकी मदद करता था।
विज्ञापन
विज्ञापन
नगर के मोहल्ला रामगढ़ी निवासी विक्रांत सैनी (19) 16 जुलाई को जल लेने के लिए दोस्त तुषार के साथ बाइक से निकला था। केदारनाथ में दर्शन करने के बाद दोनों गंगोत्री से जल लेकर वापस जहांगीराबाद के लिए चल दिए। तुषार ने बताया कि उत्तराखंड के श्रीनगर के पास विक्रांत को कुछ परेशानी होने लगी। परेशानी होने के बाद दोस्त ने उसका वहीं उपचार भी कराया। इसके बाद दोनों ऋषिकेश पहुंचे तो, विक्रांत की दोबारा से तबियत बिगड़ गई, वहां भी स्थानीय डॉक्टरों के उपचार के बाद ऋषिकेश में ही विश्राम किया। रविवार को दोनों ऋषिकेश से रवाना हुए।
विज्ञापन
इसी बीच जब वह नजीबाबाद के मोटा महादेव क्षेत्र में पहुंचे तो, विक्रांत की हालत फिर से बिगड़ने लगी, हालत बिगड़ता देख तुषार ने सरकारी एंबुलेंस को फोन कर उसे अस्पताल पहुंचाया। लेकिन उपचार मिलने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। तुषार ने घटना की सूचना उसके परिजनों को दी, आनन-फानन में विक्रांत के परिजन वहां पहुंचे। सोमवार देर रात कानूनी प्रक्रिया के बाद परिजन विक्रांत का शव लेकर गांव पहुंचे। जहां उन्होंने उसका अंतिम संस्कार कर दिया। लोगों ने प्रशासन से कांवड़ यात्रा के मुआवजे के तहत परिजनों को आर्थिक मुआवजा दिए जाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि विक्रांत के परिवार की माली हालत ठीक नहीं है। पिता मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते हैं और विक्रांत उनकी मदद करता था।
विज्ञापन