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Bulandshahar News: जाम से आजादी का मेगा प्लान तैयार.. 10 रूटों पर दौड़ेंगे 2600 ई-रिक्शा
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बुलंदशहर। शहर की सड़कों पर बेतरतीब दौड़ते और हर मोड़ पर जाम का सबब बनने वाले ई-रिक्शा अब प्रशासन के रडार पर हैं। शहरवासियों को जाम की समस्या से स्थायी निजात दिलाने के लिए यातायात विभाग ने रूट मैप तैयार किया है। इस व्यवस्था के तहत शहर को 10 अलग-अलग रूटों में विभाजित किया गया है, जिन पर करीब 2600 ई-रिक्शा को अनुशासित ढंग से संचालित किया जाएगा।
पुलिस लाइन स्थित कार्यालय में यातायात विभाग के अधिकारियों ने इस योजना की अंतिम रूपरेखा तैयार कर ली है। जल्द ही इन ई-रिक्शों की पहचान कर उन पर विशिष्ट नंबरिंग की जाएगी। इस पहल का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि एक बार रूट आवंटित होने के बाद यदि कोई चालक अपने निर्धारित मार्ग से इतर पाया जाता है, तो उस पर सीधे कार्रवाई की जाएगी।
करीब दो वर्ष पूर्व पहले भी पुलिस प्रशासन, नगर पालिका और परिवहन विभाग ने संयुक्त अभियान चलाकर लगभग 2500 ई-रिक्शाओं को रूट वितरित किए थे। हालांकि, समय के साथ वह व्यवस्था ठंडे बस्ते में चली गई और ई-रिक्शा चालकों की मनमानी फिर से चरम पर पहुंच गई। इससे शहर वासियों को जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। वहीं, अब यातायात सीओ ने पुराने अनुभवों से सीख लेते हुए इस योजना को संशोधन के साथ पेश किया है। इस बार न केवल रूट तय किए गए हैं, बल्कि निगरानी के लिए डिजिटल डेटाबेस और मौके पर नंबरिंग की तकनीक का भी सहारा लिया जा रहा है।
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बाजारों में वन-वे की तैयारी
जाम की समस्या सिर्फ ई-रिक्शा तक सीमित नहीं है। शहर के मुख्य बाजारों और अत्यधिक भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी यातायात पुलिस ने शिकंजा कसने की तैयारी की है। योजना के अनुसार शहर के चुनिंदा घनी आबादी वाले बाजारों में वन-वे (एक तरफा यातायात) व्यवस्था लागू की जाएगी। इससे सड़कों पर आमने-सामने से आने वाले वाहनों के कारण लगने वाला ब्लॉक खत्म होगा। विशेष रूप से अंसारी रोड, डिप्टीगंज, अंबर सिनेमा रोड और कालाआम के आसपास के इलाकों में यातायात को एक ही दिशा में मोड़ने पर मंथन चल रहा है।
ये है रूट चार्ट::
रूट-एक: कालाआम चौराहा से अनूपशहर और स्याना अड्डा
रूट-दो: मलका पार्क से मामन चूंगी वाया रोडवेज
रूट-तीन: कालाआम चौराहा से रेलवे स्टेशन
रूट-चार: रेलवे स्टेशन से शिकारपुर स्टैंड वाया चीरघर तिराहा
रूट-पांच: खुर्जा बस स्टैंड से नया रोडवेज बस स्टैंड वाया डीएवी फ्लाईओवर
रूट-छह: कालाआम चौराहे से चांदपुर रोड वाया कचहरी
रूट-सात: भूड़ चौराहा से डीएम रोड वाया कालाआम चौराहा
रूट-आठ: खुर्जा बस स्टैंड से नवीन मंडी
रूट-नौ: भूड़ चौराहा से रेलवे स्टेशन वाया नया बस अड्डा, सदर तहसील, डीएवी फ्लाईओवर
रूट-दस: अंसारी रोड चौराहा से धमैड़ा अड्डा वाया डिप्टीगंज, बुरा बाजार चौराहा।
नहीं करना होगा लंबा इंतजार
इस योजना का लाभ केवल जाम से मुक्ति तक सीमित नहीं है। रूट निर्धारित होने से यात्रियों को भी सुविधा होगी। अब हर मुख्य सड़क पर ई-रिक्शा की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। पहले चालक केवल उन्हीं रास्तों पर रिक्शा चलाते थे जहां सवारी ज्यादा मिलती थी, जिससे कम भीड़ वाले इलाकों के लोगों को परेशानी होती थी। अब हर रूट पर फिक्स संख्या में रिक्शा होने से शहर के हर कोने में कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
चिह्नीकरण और नंबरिंग जल्द
यातायात पुलिस के अनुसार अगले कुछ दिनों में शहर के ई-रिक्शा चालकों के साथ बैठक की जाएगी। इसके बाद उनके दस्तावेज का सत्यापन कर उन्हें रूट कोड आवंटित किए जाएंगे। रिक्शा के आगे और पीछे मोटे अक्षरों में रूट नंबर और पंजीकरण संख्या अंकित की जाएगी जिससे कि चौराहे पर तैनात सिपाही दूर से ही पहचान सकें कि रिक्शा अपने तय रूट पर है या नहीं।
शहर में यातायात व्यवस्था को सुधारना प्राथमिकता है। ई-रिक्शा के कारण लगने वाले जाम को देखते हुए 10 रूट निर्धारित किए गए हैं। करीब 2600 ई-रिक्शा को इन रूटों पर बांटा जाएगा। चिह्नीकरण और नंबरिंग की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। - पूर्णिमा सिंह, यातायात सीओ, बुलंदशहर
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पुलिस लाइन स्थित कार्यालय में यातायात विभाग के अधिकारियों ने इस योजना की अंतिम रूपरेखा तैयार कर ली है। जल्द ही इन ई-रिक्शों की पहचान कर उन पर विशिष्ट नंबरिंग की जाएगी। इस पहल का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि एक बार रूट आवंटित होने के बाद यदि कोई चालक अपने निर्धारित मार्ग से इतर पाया जाता है, तो उस पर सीधे कार्रवाई की जाएगी।
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करीब दो वर्ष पूर्व पहले भी पुलिस प्रशासन, नगर पालिका और परिवहन विभाग ने संयुक्त अभियान चलाकर लगभग 2500 ई-रिक्शाओं को रूट वितरित किए थे। हालांकि, समय के साथ वह व्यवस्था ठंडे बस्ते में चली गई और ई-रिक्शा चालकों की मनमानी फिर से चरम पर पहुंच गई। इससे शहर वासियों को जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। वहीं, अब यातायात सीओ ने पुराने अनुभवों से सीख लेते हुए इस योजना को संशोधन के साथ पेश किया है। इस बार न केवल रूट तय किए गए हैं, बल्कि निगरानी के लिए डिजिटल डेटाबेस और मौके पर नंबरिंग की तकनीक का भी सहारा लिया जा रहा है।
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बाजारों में वन-वे की तैयारी
जाम की समस्या सिर्फ ई-रिक्शा तक सीमित नहीं है। शहर के मुख्य बाजारों और अत्यधिक भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी यातायात पुलिस ने शिकंजा कसने की तैयारी की है। योजना के अनुसार शहर के चुनिंदा घनी आबादी वाले बाजारों में वन-वे (एक तरफा यातायात) व्यवस्था लागू की जाएगी। इससे सड़कों पर आमने-सामने से आने वाले वाहनों के कारण लगने वाला ब्लॉक खत्म होगा। विशेष रूप से अंसारी रोड, डिप्टीगंज, अंबर सिनेमा रोड और कालाआम के आसपास के इलाकों में यातायात को एक ही दिशा में मोड़ने पर मंथन चल रहा है।
ये है रूट चार्ट::
रूट-एक: कालाआम चौराहा से अनूपशहर और स्याना अड्डा
रूट-दो: मलका पार्क से मामन चूंगी वाया रोडवेज
रूट-तीन: कालाआम चौराहा से रेलवे स्टेशन
रूट-चार: रेलवे स्टेशन से शिकारपुर स्टैंड वाया चीरघर तिराहा
रूट-पांच: खुर्जा बस स्टैंड से नया रोडवेज बस स्टैंड वाया डीएवी फ्लाईओवर
रूट-छह: कालाआम चौराहे से चांदपुर रोड वाया कचहरी
रूट-सात: भूड़ चौराहा से डीएम रोड वाया कालाआम चौराहा
रूट-आठ: खुर्जा बस स्टैंड से नवीन मंडी
रूट-नौ: भूड़ चौराहा से रेलवे स्टेशन वाया नया बस अड्डा, सदर तहसील, डीएवी फ्लाईओवर
रूट-दस: अंसारी रोड चौराहा से धमैड़ा अड्डा वाया डिप्टीगंज, बुरा बाजार चौराहा।
नहीं करना होगा लंबा इंतजार
इस योजना का लाभ केवल जाम से मुक्ति तक सीमित नहीं है। रूट निर्धारित होने से यात्रियों को भी सुविधा होगी। अब हर मुख्य सड़क पर ई-रिक्शा की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। पहले चालक केवल उन्हीं रास्तों पर रिक्शा चलाते थे जहां सवारी ज्यादा मिलती थी, जिससे कम भीड़ वाले इलाकों के लोगों को परेशानी होती थी। अब हर रूट पर फिक्स संख्या में रिक्शा होने से शहर के हर कोने में कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
चिह्नीकरण और नंबरिंग जल्द
यातायात पुलिस के अनुसार अगले कुछ दिनों में शहर के ई-रिक्शा चालकों के साथ बैठक की जाएगी। इसके बाद उनके दस्तावेज का सत्यापन कर उन्हें रूट कोड आवंटित किए जाएंगे। रिक्शा के आगे और पीछे मोटे अक्षरों में रूट नंबर और पंजीकरण संख्या अंकित की जाएगी जिससे कि चौराहे पर तैनात सिपाही दूर से ही पहचान सकें कि रिक्शा अपने तय रूट पर है या नहीं।
शहर में यातायात व्यवस्था को सुधारना प्राथमिकता है। ई-रिक्शा के कारण लगने वाले जाम को देखते हुए 10 रूट निर्धारित किए गए हैं। करीब 2600 ई-रिक्शा को इन रूटों पर बांटा जाएगा। चिह्नीकरण और नंबरिंग की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। - पूर्णिमा सिंह, यातायात सीओ, बुलंदशहर