{"_id":"110-41012","slug":"Bulandshahr-41012-110","type":"story","status":"publish","title_hn":"चालू होंगी चीनी मिलें, खरीदेंगी 239 लाख क्विंटल गन्ना ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चालू होंगी चीनी मिलें, खरीदेंगी 239 लाख क्विंटल गन्ना
Bulandshahr
Updated Wed, 29 Oct 2014 05:33 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बुलंदशहर। जनपद की चारों शुगर मिलें मौजूदा पेराई सत्र में 238.79 लाख क्विंटल गन्ना खरीदेंगी। सबसे अधिक गन्ना साबितगढ़ शुगर मिल और सबसे कम गन्ना अनूपशहर की सहकारी शुगर मिल करेगी।
गन्ना आयुक्त ने मंगलवार को चारों शुगर मिलों की गन्ना पेराई का लक्ष्य निर्धारित कर दिया। अनूपशहर स्थित सहकारी शुगर मिल मौजूदा सत्र में 42.04 लाख क्विंटल गन्ना खरीदेगी। बुलंदशहर शुगर मिल 50.40 लाख कि्वंटल, अनामिका शुगर मिल अगौता 52.95 लाख कि्वंटल और साबितगढ़ शुगर मिल 93.39 लाख कि्वंटल गन्ने की खरीद करेगी। ब्रजनाथपुर, सिंभावली शुगर मिल और मोदी शुगर इंडस्ट्री मोदीनगर का लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है।
लक्ष्य निर्धारित होने से साफ है कि जिले की सभी मिलों में गन्ना पेराई होगी। हालांकि अब तक गन्ना समर्थन मूल्य तय नहीं होने से किसानों में बेचैनी है। इस संबंध में जिला गन्ना अधिकारी संजय गुप्ता ने बताया कि गन्ना पेराई के लिए लक्ष्य का निर्धारण कर दिया गया है। नवंबर में सभी मिलों में पेराई शुरू करा दी जाएगी।
विज्ञापन
350 रुपये क्विंटल मिले दाम
किसान हरकेश, सुरेश और हबीब आदि ने सरकार से गन्ना रेट कम से कम 350 रुपये प्रति क्विंटल की मांग की है। किसानों का कहना है कि इससे कम दाम मान्य नहीं होगा। सरकार जल्द ही गन्ना मूल्य निर्धारित कर स्थिति साफ करे।
साबितगढ़ पर 18 करोड़ बकाया
जिले की बुलंदशहर, अनूपशहर और अनामिका शुगर मिल ने गन्ना बकाया की पाई-पाई चुका दी है। साबितगढ़ शुगर मिल पर करीब 18 करोड़ रुपये बकाया है।
रेट के नाम पर मिलेगा झुनझना
मेरठ (राजदीप जाखड़)। गन्ना उत्पादन लागत में 15 फीसदी वृद्धि होने के बावजूद किसानों को उम्मीद के मुताबिक गन्ना रेट मिलने के कोई आसार नहीं हैं। किसानों की 360 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना रेट की मांग के सापेक्ष सरकार ने शुगर मिलों के भारी दबाव के चलते 5-10 रुपये प्रति क्विटंल रेट वृद्धि करने का मन बनाया है। मंगलवार को मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समिति में किसानों ने जहां 360 रुपये प्रति कि्वंटल की मांग की वहीं शुगर इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार द्वारा घोषित एफआरपी 220 रुपये प्रति कि्वंटल रेट देने और रेट को चीनी रेट से लिंकेज करने की मांग उठाई। सीएम अखिलेश यादव ने पेराई सत्र 2012-13 में गन्ने के रेट में एकमुश्त 40 रुपये की बंपर वृद्धि की थी। लेकिन वर्ष 2013-14 में रेट में कोई वृद्धि नहीं की। भारी घाटे के नाम पर तमाम रियायत और छूट लेने के बाद भी निजी शुगर मिलों ने अभी तक गत पेराई सत्र का संपूर्ण भुगतान नहीं किया है।
विज्ञापन
गन्ना आयुक्त ने मंगलवार को चारों शुगर मिलों की गन्ना पेराई का लक्ष्य निर्धारित कर दिया। अनूपशहर स्थित सहकारी शुगर मिल मौजूदा सत्र में 42.04 लाख क्विंटल गन्ना खरीदेगी। बुलंदशहर शुगर मिल 50.40 लाख कि्वंटल, अनामिका शुगर मिल अगौता 52.95 लाख कि्वंटल और साबितगढ़ शुगर मिल 93.39 लाख कि्वंटल गन्ने की खरीद करेगी। ब्रजनाथपुर, सिंभावली शुगर मिल और मोदी शुगर इंडस्ट्री मोदीनगर का लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है।
विज्ञापन
लक्ष्य निर्धारित होने से साफ है कि जिले की सभी मिलों में गन्ना पेराई होगी। हालांकि अब तक गन्ना समर्थन मूल्य तय नहीं होने से किसानों में बेचैनी है। इस संबंध में जिला गन्ना अधिकारी संजय गुप्ता ने बताया कि गन्ना पेराई के लिए लक्ष्य का निर्धारण कर दिया गया है। नवंबर में सभी मिलों में पेराई शुरू करा दी जाएगी।
विज्ञापन
350 रुपये क्विंटल मिले दाम
किसान हरकेश, सुरेश और हबीब आदि ने सरकार से गन्ना रेट कम से कम 350 रुपये प्रति क्विंटल की मांग की है। किसानों का कहना है कि इससे कम दाम मान्य नहीं होगा। सरकार जल्द ही गन्ना मूल्य निर्धारित कर स्थिति साफ करे।
साबितगढ़ पर 18 करोड़ बकाया
जिले की बुलंदशहर, अनूपशहर और अनामिका शुगर मिल ने गन्ना बकाया की पाई-पाई चुका दी है। साबितगढ़ शुगर मिल पर करीब 18 करोड़ रुपये बकाया है।
रेट के नाम पर मिलेगा झुनझना
मेरठ (राजदीप जाखड़)। गन्ना उत्पादन लागत में 15 फीसदी वृद्धि होने के बावजूद किसानों को उम्मीद के मुताबिक गन्ना रेट मिलने के कोई आसार नहीं हैं। किसानों की 360 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना रेट की मांग के सापेक्ष सरकार ने शुगर मिलों के भारी दबाव के चलते 5-10 रुपये प्रति क्विटंल रेट वृद्धि करने का मन बनाया है। मंगलवार को मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समिति में किसानों ने जहां 360 रुपये प्रति कि्वंटल की मांग की वहीं शुगर इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार द्वारा घोषित एफआरपी 220 रुपये प्रति कि्वंटल रेट देने और रेट को चीनी रेट से लिंकेज करने की मांग उठाई। सीएम अखिलेश यादव ने पेराई सत्र 2012-13 में गन्ने के रेट में एकमुश्त 40 रुपये की बंपर वृद्धि की थी। लेकिन वर्ष 2013-14 में रेट में कोई वृद्धि नहीं की। भारी घाटे के नाम पर तमाम रियायत और छूट लेने के बाद भी निजी शुगर मिलों ने अभी तक गत पेराई सत्र का संपूर्ण भुगतान नहीं किया है।