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उद्योग लगाने के लिए देनी पड़ती है रिश्वत
Bulandshahr
Updated Fri, 27 Jun 2014 05:32 AM IST
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सिकंदराबाद। औद्योगिक क्षेत्र में उद्योग लगाने के लिए उद्यमियों को कदम-कदम पर रिश्वतखोरी से जूझना पड़ रहा है। यह बात विधानसभा के बजट चर्चा में क्षेत्रिय भाजपा विधायक विमला सोलंकी ने कहीं। उन्होंने कहा कि बिजली कनेक्शन हो या जमीन का नाम ट्रांसफर कराना हो हर जगह रिश्वत के काम नहीं होता। भ्रष्टाचार के चलते ही इस इलाके से उद्योगपति कतराने लगे हैं। उन्होंने कहा कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा आज विकास के घोड़े पर सवार हैं। लेकिन लेकिन भ्रष्टाचार के चलते सिकंदराबाद में उद्योग लगाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने सिकंदराबाद तहसील को ग्रेटर नोएडा में शामिल करने अथवा सुपर नोएडा घोषित करने की मांग की। चर्चा के दौरान विधायक ने नगर पालिका परिषद गुलावठी को विद्युत व्यवस्था के हिसाब से एसटू श्रेणी में शामिल करने की भी मांग की। साथ ही खनन के नाम पर किसानों के शोषण की बात भी कहीं। पर बोलते हुए बिधायक ने कहा कि साधारण व्यक्ति मिट्टी का कोई काम नहीं कर सकता। अगर उसे एक ट्राली मिट्टी भी अपने खेत में डालनी है तो उसके लिए हजारों रुपये की रिश्वत देनी पड़ती है।
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