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खुर्जा पुलिस के खिलाफ ग्रामीणों में आक्रोश
Bulandshahr
Updated Tue, 11 Dec 2012 05:30 AM IST
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बुलंदशहर। खुर्जा के गांव मूंडाखेड़ा में हुई वीरपाल की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए परिजनों और ग्रामीणों का धरना छठे दिन सोमवार को भी जारी रहा। आक्रोशित ग्रामीणों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
गांव मूंडाखेड़ा में 22 नवंबर को रिक्शा चालक की हत्या और चार दिन तक उसकी पत्नी के गुम रहने की घटना सुलझने के बजाए उलझ गई है। पुलिस ग्रामीणों की बात सुनने तक को तैयार नहीं हुई। वीरपाल की मौत के बाद से ही परिजन हत्या का आरोप लगा पुलिस से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ग्रामीण और परिजन पिछले छह दिन से कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन कर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, लेकिन खुर्जा पुलिस आरोपियों पर कार्रवाई करने को तैयार नहीं हुई। जबकि मृतक की पत्नी संतोष और उसके तीन मासूम बच्चे वीरपाल की हत्या के चश्मदीद गवाह हैं।
ग्रामीणों के प्रदर्शन और सोमवार को अमर उजाला में संतोष के बयानों की खबर प्रकाशित होने के बाद खुर्जा कोतवाल ने एक दरोगा को धरना स्थल पर भेजकर ग्रामीणों से कोतवाली चलकर शिकायत दर्ज कराने को कहा, लेकिन ग्रामीणों ने धरने से उठने से इंकार कर दिया। इसके बाद कोतवाल आरबी सिंह धरना स्थल पर पहुंचे और कार्रवाई का आश्वासन दिया। ग्रामीण उन्हें टरकाकर डीएम के पास पहुंच गए। परिजनों और ग्रामीणों ने अखिल भारतीय भ्रष्टाचार उन्मूलन संगठन के बैनर तले डीएम को ज्ञापन देकर न्याय की गुहार लगाई। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में कार्रवाई न होने पर ग्रामीणों ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। इस दौरान खुर्जा कोतवाल भी मौजूद रहे। डीएम ने एसएसपी को मामले से अवगत कराया है।
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गांव मूंडाखेड़ा में 22 नवंबर को रिक्शा चालक की हत्या और चार दिन तक उसकी पत्नी के गुम रहने की घटना सुलझने के बजाए उलझ गई है। पुलिस ग्रामीणों की बात सुनने तक को तैयार नहीं हुई। वीरपाल की मौत के बाद से ही परिजन हत्या का आरोप लगा पुलिस से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ग्रामीण और परिजन पिछले छह दिन से कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन कर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, लेकिन खुर्जा पुलिस आरोपियों पर कार्रवाई करने को तैयार नहीं हुई। जबकि मृतक की पत्नी संतोष और उसके तीन मासूम बच्चे वीरपाल की हत्या के चश्मदीद गवाह हैं।
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ग्रामीणों के प्रदर्शन और सोमवार को अमर उजाला में संतोष के बयानों की खबर प्रकाशित होने के बाद खुर्जा कोतवाल ने एक दरोगा को धरना स्थल पर भेजकर ग्रामीणों से कोतवाली चलकर शिकायत दर्ज कराने को कहा, लेकिन ग्रामीणों ने धरने से उठने से इंकार कर दिया। इसके बाद कोतवाल आरबी सिंह धरना स्थल पर पहुंचे और कार्रवाई का आश्वासन दिया। ग्रामीण उन्हें टरकाकर डीएम के पास पहुंच गए। परिजनों और ग्रामीणों ने अखिल भारतीय भ्रष्टाचार उन्मूलन संगठन के बैनर तले डीएम को ज्ञापन देकर न्याय की गुहार लगाई। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में कार्रवाई न होने पर ग्रामीणों ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। इस दौरान खुर्जा कोतवाल भी मौजूद रहे। डीएम ने एसएसपी को मामले से अवगत कराया है।
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