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लेखपाल हड़ताल पर, 1300 आवेदन अटके
Updated Wed, 11 Jul 2018 11:38 PM IST
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लेखपाल हड़ताल पर, 1300 आवेदन अटके
- प्रमाणपत्र बनवाने के लिए भटक रहे किसान, छात्र और आम आदमी
अमर उजाला ब्यूरो
सिकंदराबाद। लेखपालों की हड़ताल से आय, जाति और मूल निवास प्रमाणपत्रों समेत राजस्व संबंधी कामकाज पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है। कामकाज नहीं होने से किसान, छात्र और आम आदमी सभी परेशान हैं।
छह सूत्री मांगों को लेकर दो जुलाई से लेखपाल कलमबंद हड़ताल पर हैं। सात जुलाई तक लेखपालों ने तहसील में धरना देकर विरोध जताया। सोमवार से लेखपाल कलक्ट्रेट में धरना दे रहे हैं। हड़ताल के चलते लेखपालों ने जाति, मूल निवास, आय प्रमाणपत्र बनाने का कार्य 26 जुलाई से बंद कर दिया था। तहसील रिकार्ड के अनुसार लेखपालों की हड़ताल के चलते 568 जाति प्रमाणपत्र, 345 आय प्रमाणपत्र और 387 मूल निवास प्रमाणपत्र के आवेदन लंबित पड़े हैं। इसके अलावा तहसील का राजस्व संबंधी कार्य भी पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है। प्रमाणपत्रों नहीं बनने से जहां छात्रों को प्रवेश लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं, वहीं आम आदमी के भी बहुत से जरूरी कार्य अटके पड़े हैं। राजस्व संबधी कार्य प्रभावित होने से किसान भी परेशान हैं।
ग्राम पिलखवानी निवासी किसान फूल सिंह ने बताया कि वह राजस्व संबंधी कार्य के लिए चार दिन से तहसील के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन हर रोज उसे बैरंग घर लौटना पड़ता है।
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मोहल्ला गोकुलगंज निवासी राजकुमार ने बताया कि उसे किसी जरूरी कार्य के लिए जाति प्रमाणपत्र की आवश्यकता थी। इसके लिए वह पांच दिन से तहसील के चक्कर लगा रहा है।
मोहल्ला गोकुलगंज निवासी छात्र मनीष ने बताया कि बीए में प्रवेश लेने के लिए वह जाति, आय प्रमाणपत्र बनवाने के लिए तीन दिन से तहसील के चक्कर लगा रहा है।
छात्रों व अन्य जरूरतमंद लोगों के आय, जाति और मूल निवास प्रमाणपत्र बनाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। कानूनगो के माध्य से प्रमाणपत्र बनाने का कार्य किया जा रहा है। - डॉ. वेद प्रकाश मिश्रा, एसडीएम।
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- प्रमाणपत्र बनवाने के लिए भटक रहे किसान, छात्र और आम आदमी
अमर उजाला ब्यूरो
सिकंदराबाद। लेखपालों की हड़ताल से आय, जाति और मूल निवास प्रमाणपत्रों समेत राजस्व संबंधी कामकाज पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है। कामकाज नहीं होने से किसान, छात्र और आम आदमी सभी परेशान हैं।
छह सूत्री मांगों को लेकर दो जुलाई से लेखपाल कलमबंद हड़ताल पर हैं। सात जुलाई तक लेखपालों ने तहसील में धरना देकर विरोध जताया। सोमवार से लेखपाल कलक्ट्रेट में धरना दे रहे हैं। हड़ताल के चलते लेखपालों ने जाति, मूल निवास, आय प्रमाणपत्र बनाने का कार्य 26 जुलाई से बंद कर दिया था। तहसील रिकार्ड के अनुसार लेखपालों की हड़ताल के चलते 568 जाति प्रमाणपत्र, 345 आय प्रमाणपत्र और 387 मूल निवास प्रमाणपत्र के आवेदन लंबित पड़े हैं। इसके अलावा तहसील का राजस्व संबंधी कार्य भी पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है। प्रमाणपत्रों नहीं बनने से जहां छात्रों को प्रवेश लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं, वहीं आम आदमी के भी बहुत से जरूरी कार्य अटके पड़े हैं। राजस्व संबधी कार्य प्रभावित होने से किसान भी परेशान हैं।
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ग्राम पिलखवानी निवासी किसान फूल सिंह ने बताया कि वह राजस्व संबंधी कार्य के लिए चार दिन से तहसील के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन हर रोज उसे बैरंग घर लौटना पड़ता है।
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मोहल्ला गोकुलगंज निवासी राजकुमार ने बताया कि उसे किसी जरूरी कार्य के लिए जाति प्रमाणपत्र की आवश्यकता थी। इसके लिए वह पांच दिन से तहसील के चक्कर लगा रहा है।
मोहल्ला गोकुलगंज निवासी छात्र मनीष ने बताया कि बीए में प्रवेश लेने के लिए वह जाति, आय प्रमाणपत्र बनवाने के लिए तीन दिन से तहसील के चक्कर लगा रहा है।
छात्रों व अन्य जरूरतमंद लोगों के आय, जाति और मूल निवास प्रमाणपत्र बनाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। कानूनगो के माध्य से प्रमाणपत्र बनाने का कार्य किया जा रहा है। - डॉ. वेद प्रकाश मिश्रा, एसडीएम।