{"_id":"5980b12c4f1c1b0a438b45f5","slug":"191501606188-bulandshahr-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सातवें दिन भी किसानों की भूख हड़ताल जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सातवें दिन भी किसानों की भूख हड़ताल जारी
Updated Tue, 01 Aug 2017 10:23 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सातवें दिन भी किसानों की भूख हड़ताल जारी
- अरनिया क्षेत्र में चामंड़ मंदिर पर 146 दिनों से चल रहा धरना
- जल्द आंदोलन के हिंसक रूप लेने की आशंका
खुर्जा। अरनिया में थर्मल पावर प्लांट के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजे की मांग को लेकर विगत 146 दिनों से धरने पर बैठे किसान आज सातवें दिन मंगलवार को भी भूख हड़ताल पर रहे। खास बात यह है कि इस दौरान किसी अफसर और ना ही जनप्रतिनिधि ने किसानों की सुध लेना उचित नहीं समझा। वहीं किसानों का आंदोलन कभी भी हिंसक रूप ले सकता है।
गौरतलब हो कि थर्मल पावर प्लांट के निर्माण के लिए ऊंचागांव, रुकनपुर, दशहरी, दशहरा, जहानपुर आदि गांवों से भूमि अधिग्रहित की गई थी। अधिग्रहित भूमि के उचित मुआवजे की मांग को लेकर किसान पिछले 146 दिनों से धरने पर बैठे हैं। कुछ दिन पहले से किसानों ने क्रमिक अनशन शुरू कर दिया था। लेकिन कोई सुनवाई न होने पर किसान विगत सात दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं।
किसानों ने कहा कि अपने हक-की लड़ाई लड़ने को वह पूरी तरह तैयार है। कोई भी अफसर अथवा जनप्रतिनिधि के न पहुंचने से किसानों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। ऐसे में किसानों का आंदोलन कभी भी हिंसक हो सकता है। धरने में बड़ी संख्या में वृद्ध महिलाएं और बुजुर्ग नजर आए। इस दौरान विजय कुमार, बबलू, अमर सिंह, हेमवती, कमलेश देवी, शीला देवी, कृष्णा देवी और कैलाश मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
- अरनिया क्षेत्र में चामंड़ मंदिर पर 146 दिनों से चल रहा धरना
- जल्द आंदोलन के हिंसक रूप लेने की आशंका
खुर्जा। अरनिया में थर्मल पावर प्लांट के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजे की मांग को लेकर विगत 146 दिनों से धरने पर बैठे किसान आज सातवें दिन मंगलवार को भी भूख हड़ताल पर रहे। खास बात यह है कि इस दौरान किसी अफसर और ना ही जनप्रतिनिधि ने किसानों की सुध लेना उचित नहीं समझा। वहीं किसानों का आंदोलन कभी भी हिंसक रूप ले सकता है।
गौरतलब हो कि थर्मल पावर प्लांट के निर्माण के लिए ऊंचागांव, रुकनपुर, दशहरी, दशहरा, जहानपुर आदि गांवों से भूमि अधिग्रहित की गई थी। अधिग्रहित भूमि के उचित मुआवजे की मांग को लेकर किसान पिछले 146 दिनों से धरने पर बैठे हैं। कुछ दिन पहले से किसानों ने क्रमिक अनशन शुरू कर दिया था। लेकिन कोई सुनवाई न होने पर किसान विगत सात दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं।
विज्ञापन
किसानों ने कहा कि अपने हक-की लड़ाई लड़ने को वह पूरी तरह तैयार है। कोई भी अफसर अथवा जनप्रतिनिधि के न पहुंचने से किसानों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। ऐसे में किसानों का आंदोलन कभी भी हिंसक हो सकता है। धरने में बड़ी संख्या में वृद्ध महिलाएं और बुजुर्ग नजर आए। इस दौरान विजय कुमार, बबलू, अमर सिंह, हेमवती, कमलेश देवी, शीला देवी, कृष्णा देवी और कैलाश मौजूद रहे।
विज्ञापन