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20.08 करोड़ का भुगतान नहीं करने पर मिल को आरसी जारी
Updated Tue, 18 Dec 2018 12:12 AM IST
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20.08 करोड़ का भुगतान नहीं करने पर मिल को आरसी जारी
बुलंदशहर। वेव शुगर मिल ने अभी तक किसानों के गन्ने का बकाया 20.08 करोड़ का भुगतान नहीं किया है। इसे गन्ना आयुक्त ने गंभीरता से लेते हुए मिल को आरसी जारी कर दी है। अब मिल को ब्याज सहित किसानों को 24.04 करोड़ का भुगतान करना होगा। डीएम ने आरसी पर कार्रवाई के लिए एसडीएम सदर को जिम्मेदारी सौंप दी है।
वेव शुगर मिल ने गत वर्ष किसानों से करीब 62 करोड़ का गन्ना खरीदा था। इसमें से अभी भी मिल पर किसानों का 20 करोड़ आठ लाख 18 हजार रुपये बकाया है। जबकि जिले की अन्य मिलों द्वारा गन्ने का बकाया भुगतान किया जा चुका है। गन्ना आयुक्त ने इसे गंभीरता से लेते हुए मिल को आरसी जारी करते हुए किसानों के गन्ने का बकाया भुगतान जल्द करने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश मिल को जारी करने के साथ डीएम को भी भेजे गए हैं। इस आदेश में आरसी जारी करने के साथ यह भी अवगत करवाया गया है कि मिल पर बकाया भुगतान की राशि का दो करोड़ 94 लाख 12 हजार का ब्याज बनता है। 87.48 लाख रुपये का कमीशन है और कमीशन का ब्याज 14.22 लाख रुपये बनता है। इस तरह अब मिल को 24.04 करोड़ का भुगतान करना होगा। डीएम अनुज कुमार झा ने आरसी पर कार्रवाई के लिए एसडीएम सदर को जिम्मेदारी सौंप दी है।
सरकार से बकाया भुगतान को नहीं मिली मदद : जीएम
वेव शुगर मिल के जीएम बीएस चौहान का कहना है कि अभी गत वर्ष की चीनी भी नहीं बिक पाई है। साथ ही सरकार की ओर से गन्ने का बकाया भुगतान करने के लिए मदद नहीं मिल पाई है। मिल की ओर से सरकारी मदद के लिए कागजात भी भेजे गए थे। यदि सरकारी मदद मिल जाती तो मिल द्वारा अब तक गन्ने का बकाया भुगतान कर दिया जाता।
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अधूरे कागज मिलने से नहीं मिली सरकारी मदद : डीसीओ
जिला गन्ना अधिकारी डीके सैनी का कहना है कि मिल की ओर से सरकारी मदद के लिए जो कागजात दिए गए थे वह अधूरे थे। यदि मिल प्रबंधन पूरे कागजात तैयार कर देता तो सरकारी मदद मिल जाती। समय पर बकाया भुगतान न करने पर गन्ना आयुक्त द्वारा वेव शुगर मिल को आरसी जारी की गई है।
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बुलंदशहर। वेव शुगर मिल ने अभी तक किसानों के गन्ने का बकाया 20.08 करोड़ का भुगतान नहीं किया है। इसे गन्ना आयुक्त ने गंभीरता से लेते हुए मिल को आरसी जारी कर दी है। अब मिल को ब्याज सहित किसानों को 24.04 करोड़ का भुगतान करना होगा। डीएम ने आरसी पर कार्रवाई के लिए एसडीएम सदर को जिम्मेदारी सौंप दी है।
वेव शुगर मिल ने गत वर्ष किसानों से करीब 62 करोड़ का गन्ना खरीदा था। इसमें से अभी भी मिल पर किसानों का 20 करोड़ आठ लाख 18 हजार रुपये बकाया है। जबकि जिले की अन्य मिलों द्वारा गन्ने का बकाया भुगतान किया जा चुका है। गन्ना आयुक्त ने इसे गंभीरता से लेते हुए मिल को आरसी जारी करते हुए किसानों के गन्ने का बकाया भुगतान जल्द करने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश मिल को जारी करने के साथ डीएम को भी भेजे गए हैं। इस आदेश में आरसी जारी करने के साथ यह भी अवगत करवाया गया है कि मिल पर बकाया भुगतान की राशि का दो करोड़ 94 लाख 12 हजार का ब्याज बनता है। 87.48 लाख रुपये का कमीशन है और कमीशन का ब्याज 14.22 लाख रुपये बनता है। इस तरह अब मिल को 24.04 करोड़ का भुगतान करना होगा। डीएम अनुज कुमार झा ने आरसी पर कार्रवाई के लिए एसडीएम सदर को जिम्मेदारी सौंप दी है।
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सरकार से बकाया भुगतान को नहीं मिली मदद : जीएम
वेव शुगर मिल के जीएम बीएस चौहान का कहना है कि अभी गत वर्ष की चीनी भी नहीं बिक पाई है। साथ ही सरकार की ओर से गन्ने का बकाया भुगतान करने के लिए मदद नहीं मिल पाई है। मिल की ओर से सरकारी मदद के लिए कागजात भी भेजे गए थे। यदि सरकारी मदद मिल जाती तो मिल द्वारा अब तक गन्ने का बकाया भुगतान कर दिया जाता।
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अधूरे कागज मिलने से नहीं मिली सरकारी मदद : डीसीओ
जिला गन्ना अधिकारी डीके सैनी का कहना है कि मिल की ओर से सरकारी मदद के लिए जो कागजात दिए गए थे वह अधूरे थे। यदि मिल प्रबंधन पूरे कागजात तैयार कर देता तो सरकारी मदद मिल जाती। समय पर बकाया भुगतान न करने पर गन्ना आयुक्त द्वारा वेव शुगर मिल को आरसी जारी की गई है।