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मनमानी फीस पर शिकंजा कसने को गठित हुई टीम
Updated Wed, 21 Nov 2018 01:00 AM IST
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मनमानी फीस पर शिकंजा कसने को गठित हुई टीम
बुलंदशहर। अभिभावकों को वसूली जाने वाली मनमानी फीस और अन्य समस्याओं के लिए शासन के आदेश पर जिला स्तर पर टीम का गठन हो गया है। डीएम की अध्यक्षता वाली यह टीम फरवरी-मार्च से सक्रिय हो जाएगी।
शिक्षण संस्थानों खासकर निजी स्कूलों द्वारा मनमानी फीस वसूलने, किताब, यूनिफार्म और बिल्डिंग आदि के नाम पर की जाने वाली वसूली के मामले सामने आते रहे हैं। इसके विरोध में अभिभावक भी अपनी आवाज बुलंद करते आए हैं। बावजूद इसके कोई सुधार नहीं हुआ। इस समस्या को देखते हुए अभिभावकों की परेशानी को दूर करने के लिए पिछले दिनों शासन ने इस पर शिकंजा कसने का निर्णय लिया था। इसके तहत शासन ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कई अधिकार देते हुए जिला स्तर पर डीएम की अध्यक्षता वाली एक कमेटी के गठन के आदेश जारी किए गए। साथ ही डीआइओएस के भी अधिकार बढ़ाए गए हैं। इस आदेश पर जिला स्तर पर टीम का गठन हो गया है। इस टीम में डीएम अनुज कुमार झा को अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि डीआइओएस आरके तिवारी को सदस्य सचिव मनोनीत किया गया है। इसके अलावा चार्टेड एकाउंट, पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता, मुख्य कोषाधिकारी, सेंट मोमिना स्कूल के चेयरमैन शाह फैसल और अभिभावक शिक्षक एसोसिएशन डीएपी को सदस्य बनाया गया है। जिला विद्यालय निरीक्षक आरके तिवारी ने बताया कि यह टीम वर्ष 2019 में शिक्षण सत्र शुरू होने से पहले शिक्षक संस्थानों में फीस निर्धारण के अलावा एनसीइआरटी की किताब लगवाने के अलावा अन्य तरह की वसूली जाने वाली फीस पर अंकुश लगाएगी। टीम द्वारा अपना काम शिक्षण सत्र से पहले फरवरी और मार्च से ही शुरू कर दिया जाएगा। खास बात यह रहेगी कि यह टीम अभिभावकों की शिकायतों का भी निस्तारण करेगी।
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बुलंदशहर। अभिभावकों को वसूली जाने वाली मनमानी फीस और अन्य समस्याओं के लिए शासन के आदेश पर जिला स्तर पर टीम का गठन हो गया है। डीएम की अध्यक्षता वाली यह टीम फरवरी-मार्च से सक्रिय हो जाएगी।
शिक्षण संस्थानों खासकर निजी स्कूलों द्वारा मनमानी फीस वसूलने, किताब, यूनिफार्म और बिल्डिंग आदि के नाम पर की जाने वाली वसूली के मामले सामने आते रहे हैं। इसके विरोध में अभिभावक भी अपनी आवाज बुलंद करते आए हैं। बावजूद इसके कोई सुधार नहीं हुआ। इस समस्या को देखते हुए अभिभावकों की परेशानी को दूर करने के लिए पिछले दिनों शासन ने इस पर शिकंजा कसने का निर्णय लिया था। इसके तहत शासन ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कई अधिकार देते हुए जिला स्तर पर डीएम की अध्यक्षता वाली एक कमेटी के गठन के आदेश जारी किए गए। साथ ही डीआइओएस के भी अधिकार बढ़ाए गए हैं। इस आदेश पर जिला स्तर पर टीम का गठन हो गया है। इस टीम में डीएम अनुज कुमार झा को अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि डीआइओएस आरके तिवारी को सदस्य सचिव मनोनीत किया गया है। इसके अलावा चार्टेड एकाउंट, पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता, मुख्य कोषाधिकारी, सेंट मोमिना स्कूल के चेयरमैन शाह फैसल और अभिभावक शिक्षक एसोसिएशन डीएपी को सदस्य बनाया गया है। जिला विद्यालय निरीक्षक आरके तिवारी ने बताया कि यह टीम वर्ष 2019 में शिक्षण सत्र शुरू होने से पहले शिक्षक संस्थानों में फीस निर्धारण के अलावा एनसीइआरटी की किताब लगवाने के अलावा अन्य तरह की वसूली जाने वाली फीस पर अंकुश लगाएगी। टीम द्वारा अपना काम शिक्षण सत्र से पहले फरवरी और मार्च से ही शुरू कर दिया जाएगा। खास बात यह रहेगी कि यह टीम अभिभावकों की शिकायतों का भी निस्तारण करेगी।
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