{"_id":"5be0841dbdec22561b644201","slug":"154144049811-bulandshahr-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोयले से चलने वाले कारखाने और उद्योग बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोयले से चलने वाले कारखाने और उद्योग बंद
Updated Mon, 05 Nov 2018 11:25 PM IST
विज्ञापन
कोयले से चलने वाले कारखाने और उद्योग बंद
बुलंदशहर। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी ने 10 नवंबर तक कोयला चलित फैक्ट्रियों को बंद करने के आदेश दिए हैं। आदेश मिलने पर जिले के सभी कारखाने और उद्योग को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 10 नवंबर तक बंद कराने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में आने वाले जनपदों के अफसरों और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को बढ़ते प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए दो दिन पूर्व एनजीटी ने आदेश जारी किए थे। इसमें 10 नवंबर तक कोयला चलित सभी फैक्ट्रियों और कारखाने बंद रहेंगे। वातावरण में बदलाव न होने पर बंदी का आदेश बढ़ाया जा सकता है। इस दौरान केवल थर्मल पावर व कूड़े से बिजली जलाने वाली परियोजनाओं और प्राकृतिक गैस से चलने वाले उद्योग चलते रहेंगे। जानकारी के अनुसार जिले में कोयला चलित करीब 52 उद्योग हैं। जिनको 10 नवंबर तक बंद रखने के लिए विभाग द्वारा आदेश जारी कर दिए गए हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी जीएस श्रीवास्तव ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के आदेश पर जिले के कोयला चलित सभी उद्योग और कारखाने 10 नवंबर तक बंद रहेंगे। आदेश के बाद भी उद्योग का संचालन होता पाया गया तो विभागीय कार्रवाई करने के साथ शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी
विज्ञापन
बुलंदशहर। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी ने 10 नवंबर तक कोयला चलित फैक्ट्रियों को बंद करने के आदेश दिए हैं। आदेश मिलने पर जिले के सभी कारखाने और उद्योग को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 10 नवंबर तक बंद कराने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में आने वाले जनपदों के अफसरों और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को बढ़ते प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए दो दिन पूर्व एनजीटी ने आदेश जारी किए थे। इसमें 10 नवंबर तक कोयला चलित सभी फैक्ट्रियों और कारखाने बंद रहेंगे। वातावरण में बदलाव न होने पर बंदी का आदेश बढ़ाया जा सकता है। इस दौरान केवल थर्मल पावर व कूड़े से बिजली जलाने वाली परियोजनाओं और प्राकृतिक गैस से चलने वाले उद्योग चलते रहेंगे। जानकारी के अनुसार जिले में कोयला चलित करीब 52 उद्योग हैं। जिनको 10 नवंबर तक बंद रखने के लिए विभाग द्वारा आदेश जारी कर दिए गए हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी जीएस श्रीवास्तव ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के आदेश पर जिले के कोयला चलित सभी उद्योग और कारखाने 10 नवंबर तक बंद रहेंगे। आदेश के बाद भी उद्योग का संचालन होता पाया गया तो विभागीय कार्रवाई करने के साथ शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी
विज्ञापन