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गमगीन माहौल में फौजी का हुआ अंतिम संस्कार
Updated Tue, 30 Oct 2018 12:11 AM IST
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गमगीन माहौल में फौजी का हुआ अंतिम संस्कार
बीबीनगर। बटिंडा में तैनात भारतीय सेना के जवान की मौत के बाद सोमवार को उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा। शव के घर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। गमगीन माहौल में जवान के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। फौजी की मौत से गांव में शोक की लहर है।
बीबीनगर क्षेत्र के गांव चितसौना अल्लीपुर निवासी श्यौराज सिंह का पुत्र यशपाल सिंह उर्फ पप्पू 45 भारतीय सेना में पंजाब के भटिंडा में 128 संता रेजीमेंट में हवलदार के पद पर तैनात था। बताया जा रहा है कि वह मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। इसके कारण शनिवार देर सांय यशपाल ने अपनी बैरक में फांसी लगाकर जीवन लीला समाप्त कर ली। उसकी मौत की सूचना पर परिजन रात में ही पंजाब के लिए रवाना हो गए थे। सोमवार की सुबह परिजन यशपाल का पार्थिव शरीर लेकर गांव पहुंचे। गमगीन माहौल में यशपाल की चिता को पुत्र गोलू उर्फ अभिषेक ने मुखागिभन दी। फौजी की पत्नी, एक बेटा और एक बेटी है। जवान की मौत से गांव में शोक का माहौल है।
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बीबीनगर। बटिंडा में तैनात भारतीय सेना के जवान की मौत के बाद सोमवार को उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा। शव के घर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। गमगीन माहौल में जवान के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। फौजी की मौत से गांव में शोक की लहर है।
बीबीनगर क्षेत्र के गांव चितसौना अल्लीपुर निवासी श्यौराज सिंह का पुत्र यशपाल सिंह उर्फ पप्पू 45 भारतीय सेना में पंजाब के भटिंडा में 128 संता रेजीमेंट में हवलदार के पद पर तैनात था। बताया जा रहा है कि वह मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। इसके कारण शनिवार देर सांय यशपाल ने अपनी बैरक में फांसी लगाकर जीवन लीला समाप्त कर ली। उसकी मौत की सूचना पर परिजन रात में ही पंजाब के लिए रवाना हो गए थे। सोमवार की सुबह परिजन यशपाल का पार्थिव शरीर लेकर गांव पहुंचे। गमगीन माहौल में यशपाल की चिता को पुत्र गोलू उर्फ अभिषेक ने मुखागिभन दी। फौजी की पत्नी, एक बेटा और एक बेटी है। जवान की मौत से गांव में शोक का माहौल है।
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