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पालिका की नलकूपों में नहीं क्लोरीन, गंदा पानी पी रहे लोग: प्रदर्शन
Updated Fri, 19 Oct 2018 12:58 AM IST
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टंकियों में क्लोरीन नहीं मिलाने का आरोप, प्रदर्शन
बुलंदशहर। नगर पालिका के अफसरों की लापरवाही और अनदेखी के चलते लोगों को बिना क्लोरीनयुक्त पानी पीना पड़ रहा है। सूत्रों की माने तो महीने में एक बार क्लोरीन डालकर खानापूर्ति की जा रहीं है। इतना ही नहीं क्लोरीन मिलाने के लिए नलकूपों पर बने डोजर भी खराब पड़े हैं। पालिका की लापरवाही को लेकर बृहस्पतिवार को लोगों ने प्रदर्शन कर शुद्ध पेयजल आपूर्ति की मांग की।
नगर में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था के लिए नगर पालिका प्रशासन की ओर से 20 से अधिक नलकूप और करीब 12 पानी की टंकियां है। जिनसे नगर में पानी की सप्लाई की जाती है। नगरवासियों को शद्घ पानी मिल सके, इसके लिए ट्यूबवेल और पानी की टंकियों में क्लोरीन डाले जाने की व्यवस्था होती है। इसके लिए हर साल क्लोरीन खरीदने का प्रस्ताव बोर्ड की बैठक में पास होता है। सूत्रों की मानें तो नलकूपों की टंकियों में क्लोरीन कभी-कभी मिला दिया जाता है। वहीं, कई नलकूपों के डोजर भी खराब पड़े हैं, जिनसे टंकियों में क्लोरीन मिलाया जाता है। लगातार गंदा पानी आने पर बृहस्पतिवार को आनंद विहार कालोनी और आवास विकास के लोगों ने नगर पालिका के विरुद्व प्रदर्शन किया। लोगों का आरोप है कि पानी में क्लोरीन नहीं मिलाया जाता है। नगर के अधिकांश क्षेत्र में बदबूदार एवं कीड़ेयुक्त पानी की आपूर्ति की जा रही है। पानी से बदबू आती है। स्नान आदि के लिए तो वह नगर पालिका की सप्लाई का पानी भर लेते हैं लेकिन पीने के लिए हैंडपंप से ही लाते हैं। लियाकत और आस मोहम्मद ने बताया कि अक्सर पानी में कीड़े निकलते हैं। इसलिए हैंडपंप का पानी ही पीने के लिए प्रयोग करते हैं। इसके साथ ही टांडा, फैसलाबाद, इंदिरा नगर, 40 फुटा, किशोरी बाग और नूर नगर समेत कई मलिन बस्तियों के लोगों की भी यही शिकायत है। इस दौरान चांद बीबी, सितारा बेगम, खैरून, निशा शाहे आलम, जावेद, दानिश, फैसल आदि मौजूद रहे।
बीमार होने का खतरा
जिला अस्पताल के चिकित्सक पंकज उपाध्याय ने बताया कि बिना क्लोरीन का पानी पीने से लोगों को पेट से संबधित बीमारियां हो सकती है। क्लोरीन का मुख्य काम पानी में मौजूद बैक्टीरिया को मारकर उसे स्वच्छ बनाना होता है। अगर पानी में क्लोरीन नहीं होगी तो बैक्टीरिया लोगों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसके अलावा अगर स्वच्छ पानी की पाइप लाइन कहीं से लीक हो जाए, तो बिना क्लोरीन पानी लोगों की समस्या को और बढ़ा सकता है।
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नगर की सभी टंकियों और नलकूपों में क्लोरीन का मिश्रण बराबर हो रहा है। किसी जगह समाप्त हो गया है तो क्लोरीन का मिश्रण कर दिया जाएगा। नलकूप से नदारद रहने वाले कर्मचारियों की जांच कर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। - एके सिंह, नगर पालिका ईओ
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बुलंदशहर। नगर पालिका के अफसरों की लापरवाही और अनदेखी के चलते लोगों को बिना क्लोरीनयुक्त पानी पीना पड़ रहा है। सूत्रों की माने तो महीने में एक बार क्लोरीन डालकर खानापूर्ति की जा रहीं है। इतना ही नहीं क्लोरीन मिलाने के लिए नलकूपों पर बने डोजर भी खराब पड़े हैं। पालिका की लापरवाही को लेकर बृहस्पतिवार को लोगों ने प्रदर्शन कर शुद्ध पेयजल आपूर्ति की मांग की।
नगर में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था के लिए नगर पालिका प्रशासन की ओर से 20 से अधिक नलकूप और करीब 12 पानी की टंकियां है। जिनसे नगर में पानी की सप्लाई की जाती है। नगरवासियों को शद्घ पानी मिल सके, इसके लिए ट्यूबवेल और पानी की टंकियों में क्लोरीन डाले जाने की व्यवस्था होती है। इसके लिए हर साल क्लोरीन खरीदने का प्रस्ताव बोर्ड की बैठक में पास होता है। सूत्रों की मानें तो नलकूपों की टंकियों में क्लोरीन कभी-कभी मिला दिया जाता है। वहीं, कई नलकूपों के डोजर भी खराब पड़े हैं, जिनसे टंकियों में क्लोरीन मिलाया जाता है। लगातार गंदा पानी आने पर बृहस्पतिवार को आनंद विहार कालोनी और आवास विकास के लोगों ने नगर पालिका के विरुद्व प्रदर्शन किया। लोगों का आरोप है कि पानी में क्लोरीन नहीं मिलाया जाता है। नगर के अधिकांश क्षेत्र में बदबूदार एवं कीड़ेयुक्त पानी की आपूर्ति की जा रही है। पानी से बदबू आती है। स्नान आदि के लिए तो वह नगर पालिका की सप्लाई का पानी भर लेते हैं लेकिन पीने के लिए हैंडपंप से ही लाते हैं। लियाकत और आस मोहम्मद ने बताया कि अक्सर पानी में कीड़े निकलते हैं। इसलिए हैंडपंप का पानी ही पीने के लिए प्रयोग करते हैं। इसके साथ ही टांडा, फैसलाबाद, इंदिरा नगर, 40 फुटा, किशोरी बाग और नूर नगर समेत कई मलिन बस्तियों के लोगों की भी यही शिकायत है। इस दौरान चांद बीबी, सितारा बेगम, खैरून, निशा शाहे आलम, जावेद, दानिश, फैसल आदि मौजूद रहे।
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बीमार होने का खतरा
जिला अस्पताल के चिकित्सक पंकज उपाध्याय ने बताया कि बिना क्लोरीन का पानी पीने से लोगों को पेट से संबधित बीमारियां हो सकती है। क्लोरीन का मुख्य काम पानी में मौजूद बैक्टीरिया को मारकर उसे स्वच्छ बनाना होता है। अगर पानी में क्लोरीन नहीं होगी तो बैक्टीरिया लोगों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसके अलावा अगर स्वच्छ पानी की पाइप लाइन कहीं से लीक हो जाए, तो बिना क्लोरीन पानी लोगों की समस्या को और बढ़ा सकता है।
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नगर की सभी टंकियों और नलकूपों में क्लोरीन का मिश्रण बराबर हो रहा है। किसी जगह समाप्त हो गया है तो क्लोरीन का मिश्रण कर दिया जाएगा। नलकूप से नदारद रहने वाले कर्मचारियों की जांच कर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। - एके सिंह, नगर पालिका ईओ