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स्याना ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव फेल
Updated Tue, 16 Oct 2018 11:43 PM IST
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स्याना ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव फेल
स्याना। ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ पेश किया गया अविश्वास प्रस्ताव जांच में फेल हो गया। अविश्वास प्रस्ताव में 36 सदस्यों के शपथ पत्र होने के बाद भी मंगलवार को शपथ पत्रों की जांच के लिए मौके पर कोई सदस्य नहीं पहुंचा।
आठ अक्तूबर को स्याना ब्लॉक प्रमुख पुष्पेंद्र यादव के खिलाफ 36 बीडीसी सदस्यों ने एकत्रित होकर डीएम को अविश्वास प्रस्ताव सौंपा था। जिस पर डीएम ने मंगलवार का दिन शपथ पत्रों की जांच के लिए तय किया था। मंगलवार को जांच अधिकारी एडीएम न्यायिक शमशाद हुसैन निर्धारित समय 10 बजे ब्लॉक दफ्तर में पहुंच गए। शपथ पत्रों की जांच के लिए प्रशासन द्वारा भारी मात्रा में पुलिस फोर्स तैनात किया हुआ था। तय समयावधि दोपहर 12 बजे तक कोई भी बीडीसी सदस्य शपथ पत्रों की जांच के लिए ब्लॉक दफ्तर नहीं पहुंच सका। एडीएम न्यायिक शमशाद हुसैन ने बताया कि सभी 36 बीडीसी सदस्यों को सत्यापन के लिए हस्त लिखित सूचना दी गई थी। कोई भी सदस्य शपथ पत्र के सत्यापन के लिए उपस्थित नहीं हुआ, जिससे स्याना ब्लाक प्रमुख के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव फेल हो गया।
बीडीसी सदस्यों पर हो सकती है कार्रवाई!
- अविश्वास प्रस्ताव में दिए गए शपथ पत्रों की जांच के लिए न पहुंचना सदस्यों पर भारी पड़ सकता है। नियमानुसार जिला प्रशासन द्वारा सदस्यों को सूचना दिए जाने के बाद सदस्यों को जांच के लिए पहुंचना होता है। एडीएम न्यायिक शमशाद हुसैन ने बताया कि सभी इंतजाम के बाद भी जांच के लिए न पहुंचना सरकारी तंत्र का दुरुपयोग करना है। इसके लिए डीएम को पत्र लिखा जाएगा।
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कई थानों का पुलिस फोर्स रहा तैनात
- स्याना ब्लॉक दफ्तर में शपथ पत्रों की जांच के लिए भारी सुरक्षा बंदोबस्त किया गया था। स्याना सर्किल सहित कोतवाली देहात, गुलावठी, जहांगीराबाद, महिला थाना सहित डेढ़ सेक्शन पीएसी मौजूद रही। सीओ सत्यप्रकाश शर्मा व स्याना कोतवाल सुबोध कुमार सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था पर पैनी नजर रखी।
कोट
मेरे साथ 35 बीडीसी सदस्यों का पूर्ण समर्थन है, जिनके द्वारा डीएम को पूर्व में ही अपने शपथ पत्र दिये जा चुके हैं। जांच में अविश्वास प्रस्ताव का सच सामने आ गया।
- पुष्पेंद्र यादव, ब्लॉक प्रमुख स्याना
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स्याना। ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ पेश किया गया अविश्वास प्रस्ताव जांच में फेल हो गया। अविश्वास प्रस्ताव में 36 सदस्यों के शपथ पत्र होने के बाद भी मंगलवार को शपथ पत्रों की जांच के लिए मौके पर कोई सदस्य नहीं पहुंचा।
आठ अक्तूबर को स्याना ब्लॉक प्रमुख पुष्पेंद्र यादव के खिलाफ 36 बीडीसी सदस्यों ने एकत्रित होकर डीएम को अविश्वास प्रस्ताव सौंपा था। जिस पर डीएम ने मंगलवार का दिन शपथ पत्रों की जांच के लिए तय किया था। मंगलवार को जांच अधिकारी एडीएम न्यायिक शमशाद हुसैन निर्धारित समय 10 बजे ब्लॉक दफ्तर में पहुंच गए। शपथ पत्रों की जांच के लिए प्रशासन द्वारा भारी मात्रा में पुलिस फोर्स तैनात किया हुआ था। तय समयावधि दोपहर 12 बजे तक कोई भी बीडीसी सदस्य शपथ पत्रों की जांच के लिए ब्लॉक दफ्तर नहीं पहुंच सका। एडीएम न्यायिक शमशाद हुसैन ने बताया कि सभी 36 बीडीसी सदस्यों को सत्यापन के लिए हस्त लिखित सूचना दी गई थी। कोई भी सदस्य शपथ पत्र के सत्यापन के लिए उपस्थित नहीं हुआ, जिससे स्याना ब्लाक प्रमुख के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव फेल हो गया।
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बीडीसी सदस्यों पर हो सकती है कार्रवाई!
- अविश्वास प्रस्ताव में दिए गए शपथ पत्रों की जांच के लिए न पहुंचना सदस्यों पर भारी पड़ सकता है। नियमानुसार जिला प्रशासन द्वारा सदस्यों को सूचना दिए जाने के बाद सदस्यों को जांच के लिए पहुंचना होता है। एडीएम न्यायिक शमशाद हुसैन ने बताया कि सभी इंतजाम के बाद भी जांच के लिए न पहुंचना सरकारी तंत्र का दुरुपयोग करना है। इसके लिए डीएम को पत्र लिखा जाएगा।
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कई थानों का पुलिस फोर्स रहा तैनात
- स्याना ब्लॉक दफ्तर में शपथ पत्रों की जांच के लिए भारी सुरक्षा बंदोबस्त किया गया था। स्याना सर्किल सहित कोतवाली देहात, गुलावठी, जहांगीराबाद, महिला थाना सहित डेढ़ सेक्शन पीएसी मौजूद रही। सीओ सत्यप्रकाश शर्मा व स्याना कोतवाल सुबोध कुमार सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था पर पैनी नजर रखी।
कोट
मेरे साथ 35 बीडीसी सदस्यों का पूर्ण समर्थन है, जिनके द्वारा डीएम को पूर्व में ही अपने शपथ पत्र दिये जा चुके हैं। जांच में अविश्वास प्रस्ताव का सच सामने आ गया।
- पुष्पेंद्र यादव, ब्लॉक प्रमुख स्याना