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दावे हवा-हवाई...बच्चे कैसे करें पढ़ाई
Updated Sat, 13 Oct 2018 11:38 PM IST
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दावे हवा-हवाई...बच्चे कैसे करें पढ़ाई
दो प्राथमिक विद्यालय के दो कमरों में पढ़ रहे 254 बच्चे
बुलंदशहर। नगर के परिषदीय स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता के दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। अमर उजाला की पड़ताल में विभाग की पोल खुलने के बाद भी अफसर नींद से नहीं जागे। गत सोमवार को अमर उजाला ने यमुनापुरम और भूड़ क्षेत्र के दो प्राथमिक स्कूलों की पड़ताल की थी। इस दौरान एक स्कूल में एक शिक्षिका 152 और दूसरे स्कूल में शिक्षामित्र 159 बच्चों को पढ़ाती मिली थी। इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। उसके बाद भी शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने का दावा करने वाले अफसर नींद में हैं। एक बार फिर दो स्कूलों की पड़ताल की गई जिसमें कई लापरवाही उजागर हुई है।
परिषदीय प्राथमिक विद्यालय सिविल लाइन नंबर 1-2
यह स्कूल नगर के प्रीत बिहार, जो पॉश इलाका है, में संचालित है। इसमें 50 से अधिक बच्चे पंजीकृत हैं और शिक्षिका एक ही तैनात है। स्कूल भवन के एक ही जर्जर कमरे में कक्षा पांच तक के बच्चे भय के साए में पढ़ने को मजबूर हैं। शिक्षिका रफीदा सुल्ताना ने बताया कि स्कूल का भवन काफी पुराना है। एक ही कमरा कुछ सुरक्षित है। इसलिए इसी में सभी बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। जबकि शेष भवन जर्जर होने की कगार पर है। छत से प्लाटर गिर रहा है और फर्श, दीवार, खिड़की-दरवाजे आदि भी टूटना शुरू हो गए हैं। बिजली का कनेक्शन भी नहीं है। इस बारे में कई बार विभागीय अफसरों को अवगत करवाया गया, लेकिन आज तक कोई हल नहीं निकला। हर वर्ष स्कूलों की मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये जारी होते हैं। इसके बावजूद जिला बेसिक कार्यालय के नजदीक वाला यह स्कूल जर्जर हाल में है। इससे अफसरों की कार्यप्रणाली की भी पोल खुल रही है।
लाल तालाब स्थित संचालित दो प्राथमिक विद्यालय
नगर के लाल तालाब स्थित दो प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। प्राथमिक विद्यालय लाल तालाब पहले से संचालित था। जबकि प्राथमिक विद्यालय ब्राह्मनपुरी वाला भवन जर्जर होने के कारण उसे भी यहां पर शिफ्ट कर दिया गया था। यह स्कूल दो कमरों का है और लाल तालाब स्कूल में 146 बच्चे और ब्राह्मनपुरी स्कूल में 108 बच्चे पंजीकृत हैं। हालांकि यहां पर दो-दो शिक्षक हैं, लेकिन समस्या यह है कि स्कूल छोटा है और बच्चों के बैठने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं है। इसलिए बच्चों की उपस्थिति भी कम रहती है। प्रधानाध्यापिका सुनीता शर्मा और कमलेश पालीवाल ने बताया कि कम जगह होने के कारण दोनों स्कूलों के बच्चों को मिलाकर एक-एक कक्षा बना ली गई है। इसकी शुरूआत विभागीय अफसरों के आदेश पर की गई है। स्कूल की समस्याओं से विभागीय अफसरों को अवगत कराया गया, लेकिन अभी तक कोई हल नहीं निकला। इसका खामियाजा बच्चों के साथ शिक्षिकाओं को भुगतना पड़ रहा है।
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नगर के स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए विभाग को अवगत करवाया जाएगा। शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए प्रयास किए जाएंगे। स्कूलों की समस्याओं को जल्द दूर करवा दिया जाएगा। वह एक बार फिर विभाग को पत्र लिखकर समस्याओं को दूर करवाने की मांग करेंगे। - अम्बरीष कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।
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दो प्राथमिक विद्यालय के दो कमरों में पढ़ रहे 254 बच्चे
बुलंदशहर। नगर के परिषदीय स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता के दावे हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। अमर उजाला की पड़ताल में विभाग की पोल खुलने के बाद भी अफसर नींद से नहीं जागे। गत सोमवार को अमर उजाला ने यमुनापुरम और भूड़ क्षेत्र के दो प्राथमिक स्कूलों की पड़ताल की थी। इस दौरान एक स्कूल में एक शिक्षिका 152 और दूसरे स्कूल में शिक्षामित्र 159 बच्चों को पढ़ाती मिली थी। इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। उसके बाद भी शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने का दावा करने वाले अफसर नींद में हैं। एक बार फिर दो स्कूलों की पड़ताल की गई जिसमें कई लापरवाही उजागर हुई है।
परिषदीय प्राथमिक विद्यालय सिविल लाइन नंबर 1-2
यह स्कूल नगर के प्रीत बिहार, जो पॉश इलाका है, में संचालित है। इसमें 50 से अधिक बच्चे पंजीकृत हैं और शिक्षिका एक ही तैनात है। स्कूल भवन के एक ही जर्जर कमरे में कक्षा पांच तक के बच्चे भय के साए में पढ़ने को मजबूर हैं। शिक्षिका रफीदा सुल्ताना ने बताया कि स्कूल का भवन काफी पुराना है। एक ही कमरा कुछ सुरक्षित है। इसलिए इसी में सभी बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। जबकि शेष भवन जर्जर होने की कगार पर है। छत से प्लाटर गिर रहा है और फर्श, दीवार, खिड़की-दरवाजे आदि भी टूटना शुरू हो गए हैं। बिजली का कनेक्शन भी नहीं है। इस बारे में कई बार विभागीय अफसरों को अवगत करवाया गया, लेकिन आज तक कोई हल नहीं निकला। हर वर्ष स्कूलों की मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये जारी होते हैं। इसके बावजूद जिला बेसिक कार्यालय के नजदीक वाला यह स्कूल जर्जर हाल में है। इससे अफसरों की कार्यप्रणाली की भी पोल खुल रही है।
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लाल तालाब स्थित संचालित दो प्राथमिक विद्यालय
नगर के लाल तालाब स्थित दो प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। प्राथमिक विद्यालय लाल तालाब पहले से संचालित था। जबकि प्राथमिक विद्यालय ब्राह्मनपुरी वाला भवन जर्जर होने के कारण उसे भी यहां पर शिफ्ट कर दिया गया था। यह स्कूल दो कमरों का है और लाल तालाब स्कूल में 146 बच्चे और ब्राह्मनपुरी स्कूल में 108 बच्चे पंजीकृत हैं। हालांकि यहां पर दो-दो शिक्षक हैं, लेकिन समस्या यह है कि स्कूल छोटा है और बच्चों के बैठने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं है। इसलिए बच्चों की उपस्थिति भी कम रहती है। प्रधानाध्यापिका सुनीता शर्मा और कमलेश पालीवाल ने बताया कि कम जगह होने के कारण दोनों स्कूलों के बच्चों को मिलाकर एक-एक कक्षा बना ली गई है। इसकी शुरूआत विभागीय अफसरों के आदेश पर की गई है। स्कूल की समस्याओं से विभागीय अफसरों को अवगत कराया गया, लेकिन अभी तक कोई हल नहीं निकला। इसका खामियाजा बच्चों के साथ शिक्षिकाओं को भुगतना पड़ रहा है।
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नगर के स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए विभाग को अवगत करवाया जाएगा। शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए प्रयास किए जाएंगे। स्कूलों की समस्याओं को जल्द दूर करवा दिया जाएगा। वह एक बार फिर विभाग को पत्र लिखकर समस्याओं को दूर करवाने की मांग करेंगे। - अम्बरीष कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।