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पहली सखी होती है मां, न छुपाएं कोई समस्या

Sun, 30 Sep 2018 12:17 AM IST
Updated Sun, 30 Sep 2018 12:17 AM IST
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पहली सखी होती है मां, न छुपाएं कोई समस्या
पहली सखी होती है मां, न छुपाएं कोई समस्या
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बुलंदशहर। बेटियों की अच्छी सेहत और माहवारी के दौरान होने वाली परेशानियों के बारे में जागरूक करने के लिए अमर उजाला और व्हिस्पर च्वाइस द्वारा सपनों की उड़ान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान कार्यक्रम में 1400 से अधिक महिलाओं और बच्चियों ने प्रतिभाग करते हुए स्वस्थ रहने के गुर सीखे। सपनों की उड़ान कार्यक्रम के फाइनल के दौरान 2014 की मिसेज यूनिवर्स और 2015 की मिसेज पैसेफिक एशिया रह चुकी माया सिंह ने बच्चियों और उनकी माताओं को आपस में सामंजस्य बनाने की अपील की। इस दौरान डीपीएस की ताइक्वाडो टीम ने छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर भी सिखाए।
शनिवार को यमुनापुरम स्थित डीपीएस स्कूल में अमर उजाला और व्हिस्पर च्वाइस द्वारा सपनों की उड़ान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के फाइनल में 1400 से अधिक महिलाओं और छात्राओं ने प्रतिभाग करते हुए माहवारी के दिनों में होने वाली परेशानियों के बारे में विशेषज्ञों से राय ली। विशेषज्ञ के रूप में नगर की महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. सरिता तेवतिया ने महिलाओं व छात्राओं से अपील की कि समय से पीरियड्स न आने की दशा में उसे नजरअंदाज न करें। साथ ही उन्होंने बताया कि माहवारी के दिनों में कपड़े का प्रयोग न करें, कपड़े के प्रयोग से विभिन्न प्रकार की बीमारियां फैलने की संभावनाएं बनी रहती हैं। जबकि पैड का इस्तेमाल पूरी तरह से सुरक्षित है। कहा कि सपनों की उड़ान भरने के लिए आवश्यक है कि आप पूरी तरह से स्वस्थ और स्वच्छ रहें। 2014 की मिसेज यूनिवर्स और 2015 की मिसेज पैसेफिक एशिया माया सिंह ने कहा कि वह मुश्किल दिनों में होने वाली परेशानी के बारे में अपनी मां को अवश्य बताएं। उन्होंने कहा कि मां ही बेटी की सबसे पहली सहेली होती है। इसलिए मां को अपनी परेशानियों के बारे में अवश्य बताएं, जिससे कि समय रहते समस्याओं का समाधान किया जा सके।
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बच्चों ने सिखाए आत्म रक्षा के गुर
कार्यक्रम के दौरान दिल्ली पब्लिक स्कूल की ताइक्वांडो की टीम ने विशेषज्ञ कविता चौधरी के नेतृत्व में डीपीएस के बच्चों ने महिलाओं और छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए। इस दौरान उन्होंने बताया कि यदि कोई आपका हाथ पकड़े, कपड़े खींचे, चोटी पकड़े तो ऐसी स्थिति में खुद को बचाया जा सकता है।
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रस्साकसी और रस्सी कूद में दिखाया जलवा
कार्यक्रम के दौरान स्टेज पर मां और बेटियों के बीच रस्सा कसी और रस्सी कूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस दौरान मां और बेटियों ने अपना हुनर दिखाते हुए करतब दिखाए। रस्साकसी और रस्सी कूद में अव्वल लड़कियों और महिलाओं को लकी ड्रॉ के जरिए पुरस्कार वितरित किए।


प्रधानाचार्य बोले धन्यवाद अमर उजाला
दिल्ली पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ. अनुपम जग्गा ने अमर उजाला के कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि गंभीर विषय को लेकर अमर उजाला ने सहजता के साथ कार्यक्रम शुरू किया है। इसके लिए अमर उजाला की जितनी सराहना की जाए कम है। इस कार्यक्रम के माध्यम से स्वच्छता अभियान को विशेष बल मिलता है। ऐसे कार्यक्रमों के आयोजनों से महिला सशक्तिकरण को बल मिलता है, जबकि महिलाएं जागरूक होती हैं। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि अमर उजाला के कार्यक्रम के दूरगामी परिणाम अवश्य सामने आएंगे। वहीं कार्यक्रम के अंत में बच्चों ने अमर उजाला-व्हिस्पर च्वाइस के साथ डीपीएस के मैनेजमेंट की सराहना की।
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