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अविश्वास प्रस्ताव: दोनों ही खेमे बहुमत के आंकड़ों को हासिल करने में लगे
Updated Fri, 07 Sep 2018 12:20 AM IST
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अविश्वास प्रस्ताव: दोनों ही खेमे बहुमत के आंकड़ें हासिल करने में जुटे
बुलंदशहर। जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्तुत अविश्वास प्रस्ताव को पास कराने के लिए दोनों ही पक्ष सदस्यों को एकजुट करने में जुटे हुए हैं। एडीएम द्वारा जांच के लिए दी गई सात सितंबर को अब स्थिति साफ हो सकेगी। दोनों ही खेमों के लिए बृहस्पतिवार की रात कयामत से भरी गुजरी।
एक सितंबर को जिला पंचायत अध्यक्ष प्रदीप चौधरी के खिलाफ सदस्यों ने भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए अविश्वास प्रस्ताव एडीएम प्रशासन को सौंपा था। जिसमें मौके पर 33 सदस्य मौजूद रहे थे, जबकि 38 सदस्यों द्वारा शपथ पत्र दिए गए थे। अविश्वास प्रस्ताव पेश किए जाने के बाद से ही जिला पंचायत की राजनीति पूरी तरह से गरम है। इसके बाद बुधवार को एडीएम प्रशासन ने दिए गए शपथ पत्रों की जांच के लिए सात सितंबर की तारीख तय की थी। तारीख तय होने के बाद से दोनों ही पक्ष बहुमत हासिल करने के लिए जोड़ तोड़ करने में जुटे हैं। बहुमत के लिए आवश्यक 27 सदस्यों की संख्या को जो भी पक्ष पार कर लेगा वह ही इसमें फतह हासिल करेगा। शुक्रवार को शपथ पत्रों की जांच के लिए दोनों पक्ष मौजूद रहेंगे, उसी समय तय हो जाएगा कि अविश्वास पास होगा या फेल हो जाएगा।
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बुलंदशहर। जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्तुत अविश्वास प्रस्ताव को पास कराने के लिए दोनों ही पक्ष सदस्यों को एकजुट करने में जुटे हुए हैं। एडीएम द्वारा जांच के लिए दी गई सात सितंबर को अब स्थिति साफ हो सकेगी। दोनों ही खेमों के लिए बृहस्पतिवार की रात कयामत से भरी गुजरी।
एक सितंबर को जिला पंचायत अध्यक्ष प्रदीप चौधरी के खिलाफ सदस्यों ने भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए अविश्वास प्रस्ताव एडीएम प्रशासन को सौंपा था। जिसमें मौके पर 33 सदस्य मौजूद रहे थे, जबकि 38 सदस्यों द्वारा शपथ पत्र दिए गए थे। अविश्वास प्रस्ताव पेश किए जाने के बाद से ही जिला पंचायत की राजनीति पूरी तरह से गरम है। इसके बाद बुधवार को एडीएम प्रशासन ने दिए गए शपथ पत्रों की जांच के लिए सात सितंबर की तारीख तय की थी। तारीख तय होने के बाद से दोनों ही पक्ष बहुमत हासिल करने के लिए जोड़ तोड़ करने में जुटे हैं। बहुमत के लिए आवश्यक 27 सदस्यों की संख्या को जो भी पक्ष पार कर लेगा वह ही इसमें फतह हासिल करेगा। शुक्रवार को शपथ पत्रों की जांच के लिए दोनों पक्ष मौजूद रहेंगे, उसी समय तय हो जाएगा कि अविश्वास पास होगा या फेल हो जाएगा।
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